PM Awas Yojana के तहत बनभूलपुरा में पुनर्वास की तैयारी तेज, 20 मार्च से छह स्थानों पर लगेंगे विशेष शिविर

बनभूलपुरा में रेलवे भूमि विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रशासन ने पुनर्वास प्रक्रिया शुरू करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों के लिए 20 से 31 मार्च तक छह स्थानों पर आवेदन शिविर लगाने की तैयारी की है।
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PM Awas Yojana Banbhoolpura Update: हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले को लेकर अब पुनर्वास प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को अधिकारियों की टीम ने बनभूलपुरा क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पुनर्वास की रणनीति पर चर्चा की।

डीएम कार्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक

पुनर्वास प्रक्रिया को सुचारु रूप से लागू करने के लिए जिला अधिकारी कार्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में रहने वाले पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए 20 मार्च से 31 मार्च 2026 तक छह अलग-अलग स्थानों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां पात्र लाभार्थियों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

17 मार्च से घर-घर वितरित होंगे आवेदन फॉर्म

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन पत्र 17 मार्च से क्षेत्र में घर-घर जाकर वितरित किए जाएंगे। यह काम विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही शिविर स्थलों पर भी पर्याप्त संख्या में आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन से वंचित न रहे।

शिविरों में मौजूद रहेंगे रेलवे अधिकारी और आरपीएफ

प्रशासन ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक शिविर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान भी तैनात किए जाएंगे। इससे शिविरों के संचालन में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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इन छह स्थानों पर लगाए जाएंगे शिविर

प्रशासन की ओर से शिविर लगाने के लिए छह स्थानों का चयन किया गया है। इनमें हल्द्वानी रेलवे स्टेशन, अंजुमन इस्लामिया बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय किदवई नगर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनभूलपुरा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बनभूलपुरा, राजकीय इंटर कॉलेज बनभूलपुरा और मदरसा नैनीताल पब्लिक स्कूल शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर 20 मार्च से 31 मार्च 2026 तक शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदन जमा किए जाएंगे।

स्थानीय पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से प्रचार का आग्रह

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार आवश्यक है ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें। इसके लिए स्थानीय पार्षदों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी जागरूकता अभियान में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन की सभी टीमें फॉर्म वितरण की जानकारी रजिस्टर में दर्ज करेंगी और इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी।

लाभार्थियों को मिलेंगे कई तरह के आवास विकल्प

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को कई प्रकार के आवास विकल्प उपलब्ध कराए जाते हैं। पहला विकल्प लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण का है, जिसमें ऐसे गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है जिनके पास जमीन तो है लेकिन मकान बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। इस योजना के तहत केंद्र सरकार 2.25 लाख रुपये और राज्य सरकार 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है।

ब्याज सब्सिडी के साथ किफायती आवास की सुविधा

योजना के दूसरे प्रावधान के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के लोगों को गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इस सुविधा के तहत अधिकतम 25 लाख रुपये तक के ऋण और 35 लाख रुपये तक के मकान पर अधिकतम 1.80 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। हालांकि इसके लिए आवेदक ने पिछले 20 वर्षों में किसी सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।

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सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी में बनेंगे आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार निजी क्षेत्र और विकास प्राधिकरणों के साथ मिलकर भी किफायती आवास परियोजनाएं विकसित करती है। इन परियोजनाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को निर्धारित कीमत पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाते हैं। इस व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकार दोनों आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं।

रेलवे भूमि अतिक्रमण का पुराना विवाद

बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण का मामला पिछले लगभग दस वर्षों से अदालतों में चल रहा है। रेलवे का दावा है कि इस क्षेत्र की लगभग 31 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। इस इलाके में करीब 4365 मकान बने हुए हैं, जिनमें लगभग 50 हजार लोग रहते हैं। इसके अलावा यहां चार मदरसे, करीब 20 मस्जिदें, पांच मंदिर और कई सरकारी संस्थान भी स्थित हैं।

रेलवे स्टेशन विस्तार से जुड़ा है मामला

बताया जा रहा है कि यदि यह भूमि रेलवे को वापस मिलती है तो यहां हल्द्वानी रेलवे स्टेशन का विस्तार किया जाएगा। इसी कारण प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि किसी भी नागरिक को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर न होना पड़े।

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