ब्रोकरेज का बड़ा दावा: Iran-US समझौते के बाद ये शेयर दे सकते हैं बंपर रिटर्न, पूरी लिस्ट देखें

Iran-US Deal के बाद ऑयल और गैस सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। जानिए BPCL, IOC, HPCL, ONGC समेत किन कंपनियों पर ब्रोकरेज की क्या राय है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से किसे फायदा हो सकता है।
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Iran-US Deal Oil Stocks: ईरान और अमेरिका (Iran-US Deal) के बीच शांति समझौते की खबर के बाद 16 जून को भारतीय ऑयल और गैस सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल, LPG और लॉजिस्टिक्स की लागत में राहत मिल सकती है, जिसका सीधा फायदा डाउनस्ट्रीम ऑयल और गैस कंपनियों को मिलेगा। इसी उम्मीद के चलते निवेशकों की खरीदारी बढ़ी और कई प्रमुख शेयर हरे निशान में बंद हुए।

इन शेयरों में दिखी बढ़त

मंगलवार के कारोबारी सत्र में ONGC, पेट्रोनेट LNG, BPCL, ऑयल इंडिया, GAIL और HPCL के शेयर करीब 2 फीसदी तक की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1.1 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई, जो बेंचमार्क निफ्टी की 0.6 फीसदी की बढ़त से बेहतर प्रदर्शन रहा। इससे साफ है कि निवेशकों ने ऑयल और गैस सेक्टर में सकारात्मक रुख अपनाया।

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नोमुरा ने बताई तेजी की वजह

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का कहना है कि US-ईरान के बीच शुरुआती शांति समझौते के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स और पेट्रोनेट LNG को सबसे अधिक फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर शिपिंग ट्रैफिक सामान्य होने और जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम घटने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम होगा और लागत में राहत मिलेगी।

क्रूड ऑयल की कीमतों पर अनुमान

क्रूड ऑयल की कीमतों पर अनुमान

नोमुरा का अनुमान: कच्चे तेल की कीमतों पर असर

  • मीडियम से लॉन्ग टर्म में कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रह सकती हैं।
  • यदि ईरान पर लगे प्रतिबंध हटते हैं, तो उसकी क्रूड ऑयल सप्लाई दोबारा वैश्विक बाजार में शुरू हो सकती है।
  • सप्लाई बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

भारतीय ऑयल कंपनियों को संभावित फायदे

  • कम इनपुट लागत का लाभ मिल सकता है।
  • LPG पर अंडर-रिकवरी में कमी आने की संभावना है।
  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स खर्च घटने से मार्जिन बेहतर हो सकते हैं।
  • डाउनस्ट्रीम ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की कमाई में सुधार की संभावना बढ़ सकती है।

BPCL और IOC पर Buy रेटिंग

ब्रोकरेज की रेटिंग और टारगेट प्राइस

  • BPCL: Buy रेटिंग | टारगेट प्राइस: ₹365।
  • IOC: Buy रेटिंग | टारगेट प्राइस: ₹180।
  • HPCL: Neutral रेटिंग | टारगेट प्राइस: ₹440।

किन कंपनियों पर रह सकता है दबाव?

  • ONGC: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से कमाई पर असर पड़ सकता है।
  • ऑयल इंडिया: कम क्रूड प्राइस की वजह से आय पर दबाव बनने की संभावना है।

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Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। इसमें दी गई ब्रोकरेज की राय और टारगेट प्राइस संबंधित संस्थाओं के अनुमान हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

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