Sattu Sharbat Benefits: गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में सत्तू का शरबत एक पारंपरिक और पौष्टिक विकल्प माना जाता है। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसे लंबे समय से गर्मी के लिए देसी टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। सत्तू में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।
लू और डिहाइड्रेशन से बचाव में सहायक
डॉक्टर आनंद तिवारी के अनुसार, सत्तू भुने हुए चने, जौ या मक्का को पीसकर तैयार किया जाता है। इसे पानी में घोलकर शरबत के रूप में पीने से शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा मिल सकती है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में इसका सेवन लू के प्रभाव को कम करने और शरीर में पानी की कमी से बचाव में सहायक माना जाता है।
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मीठा और नमकीन, दोनों तरह से करें सेवन
सत्तू का शरबत मीठे और नमकीन दोनों स्वाद में तैयार किया जा सकता है। नमकीन शरबत में ठंडा पानी, काला नमक, भुना जीरा और नींबू मिलाया जाता है, जबकि मीठे विकल्प के लिए गुड़ या शहद का इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टर के अनुसार, सुबह घर से निकलने से पहले इसका सेवन करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। आधा कप सत्तू को एक से डेढ़ गिलास पानी में अच्छी तरह मिलाकर अपनी पसंद के अनुसार गाढ़ा या पतला बनाकर पिया जा सकता है।
नमकीन सत्तू बनाने का आसान तरीका

नमकीन सत्तू तैयार करने के लिए इसमें भुना जीरा पाउडर, काली मिर्च, काला नमक, स्वादानुसार सादा नमक, लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और नींबू का रस मिलाया जाता है। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर शरबत तैयार किया जाता है। चाहें तो स्वाद और ठंडक के लिए इसमें बर्फ के टुकड़े भी डाले जा सकते हैं।
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पाचन और ऊर्जा के लिए फायदेमंद विकल्प
डॉक्टर आनंद तिवारी के मुताबिक, सत्तू में मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, जबकि फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। यह लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है, जिससे भूख कम लग सकती है और वजन नियंत्रण में भी सहायता मिल सकती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होने के कारण इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी माना जाता है। अधिक शारीरिक मेहनत के बाद या दोपहर के समय इसका सेवन शरीर को राहत और ऊर्जा देने का एक आसान देसी विकल्प हो सकता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या विशेष स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं, जिन्हें हेल्थ और बिजनेस विषयों पर 4 वर्षों का अनुभव है। स्वास्थ्य और बिजनेस से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी साझा करती हैं और वर्तमान में Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






