
UPSC परीक्षा की तैयारी में जुटे यूपी-बिहार के छात्र | Image Source-(@divyakirti.vikas)
UPSC Craze in UP-Bihar: भारत में Union Public Service Commission (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन एक दिलचस्प तथ्य यह है कि टॉपर्स की सूची में अक्सर उत्तर प्रदेश और बिहार के युवाओं की संख्या सबसे अधिक दिखाई देती है।
यह सवाल लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि इन दोनों राज्यों के युवा सबसे ज्यादा IAS, IPS और IFS अधिकारी बनते हैं। इस विषय पर मशहूर शिक्षक और मेंटर डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने एक इंटरव्यू में बेहद दिलचस्प और गहरी बात कही है, जिसने इस पूरे सवाल का जवाब काफी हद तक साफ कर दिया है।
करियर चुनते समय युवाओं की प्राथमिकताएं
डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के अनुसार जब कोई युवा अपना करियर चुनता है, तो वह आमतौर पर चार प्रमुख चीजों को ध्यान में रखता है-अच्छी सैलरी, नौकरी की सुरक्षा, समाज में सम्मान और काम में संतुष्टि।
लेकिन अगर इन चारों के साथ पावर यानी प्रशासनिक ताकत भी मिल जाए, तो यह करियर और ज्यादा आकर्षक बन जाता है। भारत में ऐसा पूरा पैकेज देने वाली सबसे बड़ी नौकरी सिविल सेवा मानी जाती है।
यही वजह है कि लाखों युवा अपनी जिंदगी के कई साल UPSC की तैयारी में लगा देते हैं, ताकि उन्हें एक ऐसा पद मिल सके जो न केवल आर्थिक सुरक्षा देता है बल्कि समाज में उच्च सम्मान भी दिलाता है।
यूपी-बिहार में पावर और रुतबे की अलग अहमियत
डॉ. दिव्यकीर्ति के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रशासनिक पदों की सामाजिक प्रतिष्ठा बाकी राज्यों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। इन राज्यों में एक IAS या IPS अधिकारी को जिस तरह का सम्मान और प्रभाव मिलता है, वह अक्सर निजी क्षेत्र की बड़ी नौकरियों में भी देखने को नहीं मिलता।
समाज में अधिकारियों का प्रभाव इतना ज्यादा होता है कि कई परिवार अपने बच्चों को बचपन से ही “कलेक्टर साहब” कहकर बुलाते हैं। यह मानसिकता युवाओं को शुरुआत से ही सिविल सेवा की ओर प्रेरित करती है।
इसलिए यहां के युवा सिर्फ नौकरी के लिए नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा और प्रभाव हासिल करने के लिए भी UPSC को अपनी मंजिल बनाते हैं।
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गोवा और यूपी-बिहार की सोच में बड़ा अंतर
इस विषय को समझाने के लिए डॉ. दिव्यकीर्ति ने गोवा का उदाहरण दिया। उनके अनुसार गोवा जैसे राज्यों में लोगों की प्राथमिकताएं अलग होती हैं। वहां के लोगों के लिए जीवन की गुणवत्ता, आरामदायक जीवन और आर्थिक समृद्धि ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
वहीं दूसरी ओर यूपी और बिहार में सरकारी पदों से मिलने वाला सामाजिक रुतबा और सत्ता का प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि इन राज्यों में सिविल सेवा को सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि एक सामाजिक उपलब्धि के रूप में देखा जाता है।
टॉपर्स का मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड
अगर UPSC के सफल उम्मीदवारों के शैक्षणिक बैकग्राउंड पर नजर डाली जाए, तो पता चलता है कि कई टॉपर्स देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़े होते हैं।
IIT, दिल्ली यूनिवर्सिटी और अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों के छात्र इस परीक्षा में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इन संस्थानों में मिलने वाला मजबूत अकादमिक माहौल और विषयों की गहरी समझ उन्हें इस कठिन परीक्षा में सफलता पाने में मदद करती है।
टीना डाबी और आदित्य श्रीवास्तव जैसे कई उदाहरण हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और शिक्षा के दम पर UPSC में शीर्ष स्थान हासिल किया और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बने।
मुखर्जी नगर का संघर्ष और तैयारी का माहौल
UPSC की तैयारी की बात हो और दिल्ली के मुखर्जी नगर और राजेंद्र नगर का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। इन इलाकों को देश की सबसे बड़ी UPSC तैयारी हब माना जाता है।
हर साल हजारों छात्र यूपी और बिहार से यहां आते हैं और छोटे-छोटे कमरों में रहकर दिन-रात पढ़ाई करते हैं। 10×10 के कमरों में किताबों के ढेर और सीमित संसाधनों के बीच उनकी जिंदगी गुजरती है।
परिवार की उम्मीदें, समाज का दबाव और अपने सपनों को पूरा करने की चाहये सभी चीजें उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करती हैं।
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असफलता के बाद भी खत्म नहीं होता सपना
UPSC परीक्षा बेहद कठिन होती है और इसमें सफलता दर बहुत कम होती है। लेकिन यूपी और बिहार के युवाओं की खास बात यह है कि वे असफलता से जल्दी हार नहीं मानते।
अगर UPSC में सफलता नहीं मिलती, तो कई युवा राज्य स्तरीय परीक्षाओं जैसे UPPCS या BPSC की तैयारी करते हैं और वहां भी शानदार सफलता हासिल करते हैं। यही दृढ़ता और मेहनत का जज्बा इन राज्यों के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में बड़ी संख्या में सफल बनाता है।

नगमा, एक प्रोफेशनल डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें लाइफस्टाइल, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर लिखने का 3 साल का अनुभव है। वर्तमान में वह Hind 24 के साथ जुड़ी हुई हैं।


