Vitamin B12 Deficiency: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लगातार थकान महसूस होना और किसी भी काम में मन न लगना एक आम समस्या बन चुकी है। कई लोग पर्याप्त नींद और आराम लेने के बावजूद खुद को दिनभर सुस्त और ऊर्जा की कमी से जूझता हुआ महसूस करते हैं। अब जापान में हुई एक नई रिसर्च ने इस समस्या के पीछे छिपी एक अहम वजह का खुलासा किया है। अध्ययन के मुताबिक, शरीर में कुछ जरूरी विटामिन्स की कमी सीधे तौर पर व्यक्ति की ऊर्जा, मानसिक सक्रियता और काम करने की इच्छा को प्रभावित कर सकती है।
Vitamin B12 और Folate की कमी
रिसर्च में सामने आया है कि शरीर में विटामिन बी12 और फोलेट यानी विटामिन बी9 की कमी होने पर खून में ‘होमोसिस्टीन’ नामक तत्व का स्तर बढ़ने लगता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बढ़ा हुआ स्तर शरीर की सामान्य कार्यक्षमता और ऊर्जा संतुलन पर बुरा असर डालता है।
अध्ययन में यह भी पाया गया कि इसका प्रभाव पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग तरीके से दिखाई देता है। पुरुषों में इस कमी के कारण अधिक शारीरिक थकान और कमजोरी देखी गई, जबकि महिलाओं में मानसिक रूप से काम करने की इच्छा और प्रेरणा में कमी देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो व्यक्ति की दिनचर्या और कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
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जापानी शोधकर्ताओं ने किया बड़ा दावा
यह रिसर्च जापान की ओसाका मेट्रोपालिटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है। अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता हिरोआकी कानोउची ने दावा किया कि स्वस्थ लोगों में विटामिन बी12, फोलेट और थकान के बीच संबंध को दर्शाने वाली यह संभवतः पहली महत्वपूर्ण रिपोर्ट है।
उन्होंने बताया कि अब तक होमोसिस्टीन के बढ़े हुए स्तर को मुख्य रूप से हृदय रोग, डिमेंशिया और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं के खतरे से जोड़ा जाता था। लेकिन इस नई रिसर्च के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि इसका संबंध मानसिक और शारीरिक थकान से भी हो सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि भविष्य में थकान और Motivation Loss जैसी समस्याओं के इलाज में इस अध्ययन की बड़ी भूमिका हो सकती है।
आराम के बाद भी थकान रहना क्यों है चिंता की बात
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पूरी नींद और आराम लेने के बाद भी शरीर में थकान बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह केवल कमजोरी नहीं बल्कि शरीर में पोषण असंतुलन का संकेत भी हो सकता है। लगातार थकान की वजह से व्यक्ति की काम करने की क्षमता कम हो जाती है। ऑफिस या व्यवसाय में उत्पादकता प्रभावित होती है और धीरे-धीरे मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। कई मामलों में लोग बिना किसी स्पष्ट बीमारी के लंबे समय तक कमजोरी और सुस्ती महसूस करते रहते हैं, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता प्रभावित होती है।
असंतुलित आहार बन रहा है मुख्य वजह
रिसर्च में खराब खानपान और असंतुलित आहार को मुख्य कारण बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, फास्ट फूड, पोषणहीन भोजन और अनियमित खानपान के कारण शरीर में पानी में घुलनशील जरूरी विटामिन्स की कमी तेजी से बढ़ रही है। शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी की शुरुआत इसी संभावना के साथ की थी कि विटामिन बी12 और फोलेट की कमी का सीधा संबंध थकान से हो सकता है। इसी को साबित करने के लिए उन्होंने होमोसिस्टीन के स्तर पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। अध्ययन में यह पाया गया कि जिन लोगों के शरीर में इन विटामिन्स की कमी थी, उनमें थकान और मानसिक सुस्ती की समस्या अधिक देखी गई।
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सही पोषण से मिल सकती है राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार और सही पोषण इस समस्या से बचाव का सबसे आसान तरीका है। हरी सब्जियां, दूध, अंडे, दालें और विटामिन युक्त खाद्य पदार्थ शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करने में मदद करते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन स्तर की जांच कराना भी जरूरी माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख हालिया रिसर्च और सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी प्रकार की लगातार थकान, कमजोरी या स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। बिना चिकित्सकीय परामर्श के किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन न करें।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।






