रोटी खाकर वजन घटेगा या चावल? एक्सपर्ट ने खत्म किया सालों पुराना कन्फ्यूजन

Roti VS Rice: पेट की चर्बी कम करने के लिए रोटी या चावल में कौन बेहतर है? जानिए डायटीशियन की सलाह, सही डाइट, कैलोरी, ब्लड शुगर और वजन घटाने से जुड़ी जरूरी बातें।
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Roti VS Rice: वजन कम करने की कोशिश करने वाले ज्यादातर लोग सबसे पहले अपनी डाइट में बदलाव करते हैं। अक्सर यह माना जाता है कि चावल खाने से वजन तेजी से बढ़ता है, इसलिए कई लोग इसे पूरी तरह छोड़कर सिर्फ रोटी खाना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या सच में केवल चावल छोड़ देने से पेट की चर्बी कम हो सकती है? इस सवाल का जवाब जय प्रभा मेदांता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की डायटीशियन प्रिया दुबे ने विस्तार से दिया है। उनके अनुसार, वजन बढ़ने या घटने का फैसला सिर्फ रोटी या चावल नहीं करते, बल्कि पूरी जीवनशैली, खानपान और शारीरिक गतिविधि मिलकर असर डालते हैं।

रोटी और चावल में क्या अंतर है?

डायटीशियन प्रिया दुबे बताती हैं कि सफेद चावल पचाने में आसान होता है और शरीर इसे जल्दी डाइजेस्ट कर लेता है। हालांकि, इसमें फाइबर और प्रोटीन की मात्रा कम होती है। वहीं गेहूं की रोटी फाइबर का अच्छा स्रोत मानी जाती है। इसमें प्रोटीन और विटामिन-बी भी मौजूद होते हैं, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख लगने की संभावना कम हो सकती है।

सिर्फ चावल छोड़ने से नहीं घटेगा वजन

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है तो केवल चावल खाना बंद कर देना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए पूरी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। नियमित व्यायाम, रोजाना शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, अच्छी नींद लेना और संतुलित भोजन अपनाना वजन को नियंत्रित रखने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। केवल एक खाद्य पदार्थ को हटाने से लंबे समय तक अच्छा परिणाम नहीं मिलता।

भारतीय थाली में कहां होती है गलती?

भारतीय थाली में कहां होती है गलती?

प्रिया दुबे के मुताबिक, भारतीय लोगों की थाली में अक्सर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा जरूरत से ज्यादा होती है। रोटी, चावल और आलू जैसे खाद्य पदार्थ ज्यादा मात्रा में शामिल होते हैं, जबकि प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पर्याप्त नहीं मिल पाते। इसी वजह से कई लोगों में विटामिन-डी और विटामिन-बी12 की कमी भी देखने को मिलती है। संतुलित भोजन के लिए सिर्फ कार्बोहाइड्रेट पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता।

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डाइट में क्या-क्या शामिल करना चाहिए?

विशेषज्ञ सलाह देती हैं कि रोजाना के भोजन में दूध और दूध से बने उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, दाल, स्प्राउट्स, सत्तू और अन्य प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जरूर शामिल करने चाहिए। जो लोग अंडा खाते हैं, वे नियमित रूप से अंडा भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इस तरह का संतुलित भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद कर सकता है।

कैलोरी के हिसाब से कौन आगे है?

अगर कैलोरी की बात करें तो एक सामान्य गेहूं की रोटी में लगभग 70 से 100 कैलोरी होती है। वहीं एक कप पके हुए चावल में करीब 130 से 200 कैलोरी हो सकती है। यह मात्रा चावल के प्रकार और परोसने की मात्रा पर निर्भर करती है। सफेद चावल में फाइबर कम होता है, जबकि ब्राउन राइस में फाइबर और अन्य पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक पाए जाते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कैलोरी देखकर किसी भी भोजन को अच्छा या खराब नहीं कहा जा सकता।

ब्लड शुगर पर भी पड़ता है असर

सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत अधिक होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है। लेकिन यदि चावल को दाल, हरी सब्जियों, दही या अन्य प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों के साथ खाया जाए तो इसका असर काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है। इसी तरह रोटी के साथ भी पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर लेना जरूरी है, ताकि भोजन संतुलित बना रहे।

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क्या चावल पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?

डायटीशियन प्रिया दुबे का कहना है कि चावल को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। अगर इसकी मात्रा नियंत्रित रखी जाए और इसके साथ पर्याप्त प्रोटीन, सब्जियां और हेल्दी फैट्स शामिल किए जाएं, तो चावल भी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। इसी तरह रोटी भी तभी अधिक फायदेमंद होती है, जब उसे संतुलित भोजन के साथ खाया जाए। इसलिए किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह छोड़ने के बजाय सही मात्रा पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

संतुलित थाली ही है सही विकल्प

विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने के लिए किसी एक खाने को जिम्मेदार ठहराना सही तरीका नहीं है। रोटी और चावल दोनों ही कार्बोहाइड्रेट के स्रोत हैं और दोनों का अपना महत्व है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप उन्हें कितनी मात्रा में खाते हैं और उनके साथ क्या-क्या शामिल करते हैं। अगर भोजन में प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में हों, तो वजन नियंत्रित रखने में आसानी हो सकती है।

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निष्कर्ष

वजन कम करने के लिए रोटी और चावल में किसी एक को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। डायटीशियन के अनुसार, सही मात्रा में भोजन करना, थाली में प्रोटीन और फाइबर बढ़ाना, नियमित व्यायाम करना, पर्याप्त पानी पीना और अच्छी नींद लेना ही वजन नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है। संतुलित डाइट और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लंबे समय तक बेहतर फिटनेस बनाए रखी जा सकती है।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी डायटीशियन की सलाह पर आधारित है। किसी भी डाइट में बड़ा बदलाव करने या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने डॉक्टर या योग्य डायटीशियन से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें।

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