चलती कार खुद करेगी Charging! EV का ये फीचर देखकर पेट्रोल कार वाले रह जाएंगे हैरान

Regenerative Braking इलेक्ट्रिक कारों की एक स्मार्ट तकनीक है, जो ब्रेक लगाने के दौरान बर्बाद होने वाली ऊर्जा को वापस बैटरी में स्टोर करती है। यह फीचर कार की रेंज बढ़ाने, बैटरी एफिशिएंसी सुधारने और मेंटेनेंस खर्च कम करने में मदद करता है।

EV Regenerative Braking: इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है इनमें इस्तेमाल होने वाली एडवांस टेक्नोलॉजी। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग अब इलेक्ट्रिक कारों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि, कई लोग अभी भी यह नहीं जानते कि EV सिर्फ बैटरी से चलने वाली कार नहीं होती, बल्कि इसमें कई ऐसे स्मार्ट फीचर्स दिए जाते हैं जो ड्राइविंग को ज्यादा किफायती, आरामदायक और एनर्जी एफिशिएंट बनाते हैं। ऐसी ही एक खास तकनीक है Regenerative Braking, जिसे इलेक्ट्रिक कारों की सबसे उपयोगी टेक्नोलॉजी में गिना जाता है।

क्या है Regenerative Braking सिस्टम?

Regenerative Braking एक ऐसी तकनीक है जो कार की ब्रेकिंग के दौरान बर्बाद होने वाली ऊर्जा को दोबारा इस्तेमाल करने योग्य बना देती है। सामान्य कारों में जब ड्राइवर ब्रेक लगाता है तो वाहन की गतिज ऊर्जा घर्षण के कारण गर्मी में बदल जाती है और पूरी तरह खत्म हो जाती है। लेकिन इलेक्ट्रिक कारों में यही ऊर्जा दोबारा बैटरी तक पहुंचाई जाती है।

ये भी पढ़ें: भारत का डंका दुनिया में: Royal Enfield और TATA Motors ने विदेशी कंपनियों को छोड़ा पीछे

यह सिस्टम इलेक्ट्रिक मोटर को जनरेटर की तरह इस्तेमाल करता है। जैसे ही ड्राइवर एक्सेलेरेटर से पैर हटाता है या ब्रेक लगाता है, मोटर घूमते हुए पहियों की ऊर्जा को बिजली में बदलने लगती है। इसके बाद यह बिजली सीधे बैटरी में स्टोर हो जाती है। यही वजह है कि इलेक्ट्रिक कारें चलते-चलते भी कुछ हद तक खुद को चार्ज करती रहती हैं।

शहर के ट्रैफिक में सबसे ज्यादा मिलता है फायदा

Regenerative Braking का सबसे बड़ा फायदा शहरों में ड्राइविंग के दौरान देखने को मिलता है। शहरी ट्रैफिक में बार-बार ब्रेक लगाने और स्पीड कम करने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हर बार ब्रेक लगाने के दौरान थोड़ी-थोड़ी ऊर्जा वापस बैटरी में जमा होती रहती है। इससे इलेक्ट्रिक कार की कुल ड्राइविंग रेंज बेहतर हो जाती है। कई मामलों में यह तकनीक 10 फीसदी से लेकर 30 फीसदी तक अतिरिक्त ऊर्जा रिकवर करने में मदद करती है। यही कारण है कि कई EV निर्माता कंपनियां इस फीचर को अपनी कारों की प्रमुख खासियत के रूप में पेश करती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति रोजाना शहर के ट्रैफिक में इलेक्ट्रिक कार चलाता है तो Regenerative Braking उसकी बैटरी एफिशिएंसी को काफी हद तक बेहतर बना सकती है।

कैसे काम करती है इलेक्ट्रिक मोटर की यह तकनीक?

इलेक्ट्रिक कार में लगी मोटर सामान्य स्थिति में बैटरी से बिजली लेकर पहियों को घुमाती है। लेकिन Regenerative Braking के दौरान यही मोटर उल्टा काम करने लगती है। जब कार की स्पीड कम होती है तो पहिए मोटर को घुमाते हैं और मोटर जनरेटर बनकर बिजली पैदा करती है।

यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमैटिक होती है और ड्राइवर को अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती। कई आधुनिक इलेक्ट्रिक कारों में ड्राइवर Regenerative Braking की ताकत को सेट भी कर सकता है। कुछ कारों में लो, मीडियम और हाई मोड दिए जाते हैं, ताकि ड्राइविंग स्टाइल के अनुसार एनर्जी रिकवरी को नियंत्रित किया जा सके।

One Pedal Driving बना रहा सफर आसान

One Pedal Driving बना रहा सफर आसान

आजकल कई प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों में One Pedal Driving फीचर भी दिया जा रहा है। यह फीचर Regenerative Braking तकनीक पर ही आधारित होता है। इसमें ड्राइवर को बार-बार ब्रेक पैडल दबाने की जरूरत काफी कम पड़ती है। जैसे ही ड्राइवर एक्सेलेरेटर से पैर हटाता है, कार खुद धीरे-धीरे रफ्तार कम करने लगती है। इस दौरान बैटरी भी चार्ज होती रहती है। इससे ड्राइविंग ज्यादा स्मूद और आरामदायक हो जाती है। खासकर ट्रैफिक वाले इलाकों में यह फीचर ड्राइवर की थकान कम करने में मदद करता है।

कम होता है मेंटेनेंस खर्च

Regenerative Braking का फायदा सिर्फ बैटरी चार्जिंग तक सीमित नहीं है। यह कार के ब्रेक पैड और ब्रेक डिस्क पर पड़ने वाले दबाव को भी कम करता है। क्योंकि हर बार मैकेनिकल ब्रेक का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए ब्रेक पैड धीरे घिसते हैं। इसका सीधा असर मेंटेनेंस खर्च पर पड़ता है। इलेक्ट्रिक कार मालिकों को ब्रेक सिस्टम की सर्विस कम करानी पड़ती है, जिससे लंबे समय में पैसे की बचत होती है। यही वजह है कि EV को पारंपरिक कारों की तुलना में ज्यादा किफायती माना जाता है।

ये भी पढ़ें: Bullet को टक्कर देने लौट रही Harley Sportster 883: दमदार इंजन ने बढ़ाई धड़कनें

हर स्थिति में समान नहीं रहता प्रदर्शन

हालांकि Regenerative Braking तकनीक काफी उपयोगी है, लेकिन यह हर परिस्थिति में एक जैसी दक्षता से काम नहीं करती। अगर बैटरी पहले से पूरी तरह चार्ज हो तो सिस्टम अतिरिक्त ऊर्जा स्टोर नहीं कर पाता। ऐसे में कार सामान्य ब्रेकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करती है। इसके अलावा बहुत ज्यादा ठंडे मौसम में भी बैटरी की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे ऊर्जा रिकवरी कम हो सकती है। तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में भी पारंपरिक ब्रेकिंग सिस्टम की जरूरत पड़ती है, क्योंकि सुरक्षा सबसे प्राथमिक होती है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का अहम हिस्सा बन चुकी है यह तकनीक

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रही है और Regenerative Braking जैसी तकनीकें इस बदलाव को और मजबूत बना रही हैं। यह फीचर न सिर्फ ऊर्जा बचाता है बल्कि कार की रेंज बढ़ाने, खर्च कम करने और ड्राइविंग अनुभव बेहतर बनाने में भी अहम भूमिका निभाता है।

आने वाले समय में EV टेक्नोलॉजी और ज्यादा एडवांस होगी, जिससे ऐसी स्मार्ट सुविधाएं आम लोगों के लिए और ज्यादा उपयोगी साबित होंगी। यही कारण है कि आज Regenerative Braking को इलेक्ट्रिक कारों की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में शामिल किया जाता है।

खबर शेयर करें: