What Is Temporomandibular Joints Condition: शरीर के हर जोड़ की तरह जबड़ा भी रोजाना सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले हिस्सों में शामिल है। बोलने, खाना चबाने, हंसने और जम्हाई लेने जैसी कई सामान्य गतिविधियां इसी पर निर्भर करती हैं। लेकिन अगर मुंह खोलते समय क्लिक की आवाज आए, चबाने में दर्द महसूस हो या जबड़ा बार-बार जाम होने लगे, तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ इसे Temporomandibular Disorder (TMD) से जोड़कर देखते हैं।
क्या है TMJ और TMD?
Temporomandibular Joint (TMJ) कान के पास मौजूद एक स्लाइडिंग हिंज की तरह काम करता है, जो जबड़े की हड्डी को खोपड़ी से जोड़ता है। इस जोड़ में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर जबड़े में दर्द, अकड़न, सिरदर्द, कान दर्द और मुंह खोलने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई लोग इन लक्षणों को दांत दर्द, कान दर्द, साइनस या माइग्रेन समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज कर देते हैं।
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कितने लोगों में दिखते हैं लक्षण?

मिली जानकारी के अनुसार, करीब 25 प्रतिशत लोगों में TMJ से जुड़े हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें से लगभग 60 प्रतिशत लोगों को इलाज की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक TMD दुनिया की करीब 15 प्रतिशत आबादी को प्रभावित कर सकता है। भारत की बड़ी आबादी को देखते हुए यह संख्या करोड़ों लोगों तक पहुंच सकती है।
रोजमर्रा की आदतें बढ़ा सकती हैं जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार, तनाव में दांत भींचना, नींद के दौरान दांत पीसना, नाखून चबाने की आदत और लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप पर झुकी हुई गर्दन के साथ काम करना TMJ पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। जब जबड़े की मांसपेशियां लंबे समय तक टाइट रहती हैं, तो उस हिस्से में ब्लड फ्लो प्रभावित हो सकता है। ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने पर दर्द और अकड़न की समस्या बढ़ सकती है।
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इन लक्षणों को हल्के में न लें
TMD सिर्फ दांत या कान से जुड़ी समस्या नहीं है। इसका असर मांसपेशियों, नसों, पॉश्चर, तनाव और ब्लड फ्लो पर भी पड़ सकता है। इसलिए कई लोगों को जबड़े के दर्द के साथ गर्दन में जकड़न, कान में घंटी बजने जैसी आवाज, सिरदर्द, चक्कर या दांत दर्द जैसा एहसास भी हो सकता है। अच्छी बात यह है कि हर मामले में सर्जरी की जरूरत नहीं होती। अगर शुरुआती लक्षणों की पहचान हो जाए तो सही एक्सरसाइज, तनाव को नियंत्रित करने की आदत और सही पॉश्चर अपनाकर राहत मिल सकती है।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, डाइट में बदलाव करने या स्वास्थ्य संबंधी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इस लेख में दिए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं, जिन्हें हेल्थ और बिजनेस विषयों पर 4 वर्षों का अनुभव है। स्वास्थ्य और बिजनेस से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी साझा करती हैं और वर्तमान में Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






