March 29, 2026
सोने और चांदी के बढ़ते दाम 2026 ग्राफ

युद्ध के डर से सोने और चांदी की कीमतों में आया ऐतिहासिक उछाल। Image- Vecteezy

Business News: युद्ध के डर और डॉलर की गिरावट ने सोने-चांदी की कीमतों में मचाया हाहाकार, चांदी ₹14,000 और सोना ₹2,700 से ज्यादा उछला।

GoldRate Crash 2026: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। खाड़ी देशों में युद्ध की आहट के बीच निवेशकों ने शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माने जाने वाले सोने की ओर रुख किया है।

वहीं, अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा टैरिफ को लेकर बढ़ी अनिश्चितता और डॉलर इंडेक्स में की गिरावट ने आग में घी डालने का काम किया है। डॉलर के कमजोर होने और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण घरेलू बाजार में आज सोने ने ₹1,59,600 प्रति 10 ग्राम का अब तक का सबसे चौंकाने वाला स्तर छू लिया है।

एक दिन में ₹13,555 की तेजी

एक दिन में ₹13,555 की तेजी

चांदी के बाजार में आज जो हुआ, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमत में सीधे ₹13,555 प्रति किलोग्राम का उछाल देखा गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव की भारी बढ़त के साथ ₹2,66,499 के पार पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश की होड़ ने चांदी को सोने से भी तेज दौड़ने पर मजबूर कर दिया है।

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विदेशी बाजारों में भी ‘येलो मेटल’ ने मचाया तहलका

विदेशी बाजारों में भी 'येलो मेटल' ने मचाया तहलका

भारतीय बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। कॉमेक्स (COMEX) पर सोने का वैश्विक भाव की उछाल के साथ प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह सिल्वर स्पॉट की कीमतों में भी भारी तेजी आई है, जो चढ़कर प्रति औंस तक पहुंच गई है। वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में दुनियाभर के केंद्रीय बैंक भी अपनी स्वर्ण आरक्षित निधि (Gold Reserves) बढ़ा रहे हैं, जिससे कीमतों को और सहारा मिल रहा है।

टैरिफ विवाद और फेडरल रिजर्व की नीतियों का असर

सोने-चांदी की इस ‘आग’ के पीछे केवल युद्ध का डर ही नहीं, बल्कि अमेरिकी आर्थिक नीतियां भी जिम्मेदार हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के इमरजेंसी टैरिफ को खारिज किए जाने के बाद, प्रशासन ने दोबारा 10% से 15% तक टैरिफ लगाने के संकेत दिए हैं। इससे वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ गई है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर जो असमंजस की स्थिति बनी हुई है, उसने भी सोने को एक मजबूत निवेश विकल्प बना दिया है।

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