CBSE Revaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा शुरू की गई री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका वेरिफिकेशन प्रक्रिया को छात्रों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बोर्ड की ओर से जारी ताजा जानकारी के अनुसार 3 जून 2026 की सुबह तक करीब 40 हजार छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर दिए हैं। यह संख्या इस बात का संकेत है कि छात्र अब अपने परीक्षा परिणामों को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं और किसी भी संभावित त्रुटि की जांच करवाने के लिए उपलब्ध प्रक्रियाओं का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं।
सुचारू रूप से काम कर रहा है आवेदन पोर्टल
CBSE ने बताया है कि री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए बनाया गया ऑनलाइन पोर्टल पूरी तरह सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। छात्रों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी बड़ी तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है। बोर्ड की तकनीकी टीम लगातार पोर्टल की निगरानी कर रही है ताकि आवेदन के अंतिम दिनों में भी छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
भुगतान के लिए उपलब्ध हैं कई डिजिटल विकल्प
आवेदन शुल्क जमा करने को लेकर भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। CBSE के अनुसार छात्रों को किसी विशेष बैंक में खाता रखने की आवश्यकता नहीं है। शुल्क भुगतान के लिए UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसे कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के पेमेंट गेटवे भी जोड़े गए हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक बनी रहे।
ये भी पढ़ें: SBI बैंक मैनेजर बनने का सपना होगा पूरा, 12वीं के बाद अपनाएं यह रास्ता
6 जून तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका वेरिफिकेशन के लिए आवेदन प्रक्रिया 2 जून 2026 से शुरू की गई थी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र 6 जून 2026 की रात तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार का नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही बोर्ड ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ऑफलाइन आवेदन की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
किन त्रुटियों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं छात्र
- उत्तर पुस्तिका के किसी पन्ने का गायब होना।
- सप्लीमेंट्री (अतिरिक्त) शीट का स्कैन कॉपी में दिखाई न देना।
- उत्तर पुस्तिका में शामिल ग्राफ, चार्ट या मैप का छूट जाना।
- स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका का धुंधला या अस्पष्ट होना।
- किसी अन्य छात्र की उत्तर पुस्तिका का गलती से अपलोड हो जाना।
- उत्तर पुस्तिका से संबंधित किसी अन्य तकनीकी या सामग्री संबंधी त्रुटि का पाया जाना।
री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन की फीस कितनी है?
CBSE ने शुल्क संरचना भी स्पष्ट कर दी है। उत्तर पुस्तिका में तकनीकी या अन्य संभावित त्रुटियों की जांच के लिए छात्रों को प्रति उत्तर पुस्तिका 100 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं किसी प्रश्न के अंक दोबारा जांचने या री-वैल्यूएशन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क निर्धारित किया गया है। छात्रों को आवेदन करते समय संबंधित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।
आवेदन से पहले जानकारी की जांच करना जरूरी
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों को सावधानीपूर्वक जांच लें। एक बार आवेदन फॉर्म फ्रीज करने और शुल्क भुगतान पूरा होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा। CBSE के अनुसार आवेदन तभी वैध माना जाएगा जब ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाए।
आधार आधारित सत्यापन से बढ़ेगी सुरक्षा
री-वैल्यूएशन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए CBSE ने आधार आधारित लॉगिन और सत्यापन प्रणाली लागू की है। अब छात्रों को आवेदन करने के लिए आधार नंबर के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। बोर्ड का मानना है कि इस व्यवस्था से फर्जी आवेदनों और अनधिकृत गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
ये भी पढ़ें: 12वीं के बाद ये 5 डिप्लोमा करा दिए तो नौकरी पीछे भागेगी!
तकनीकी चुनौतियों के बावजूद सेवाएं रहीं सामान्य
CBSE ने यह भी खुलासा किया कि हाल के दिनों में पोर्टल को प्रभावित करने की कुछ कोशिशें की गई थीं। हालांकि बोर्ड की तकनीकी टीम ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया और सेवाओं को सामान्य बनाए रखा। छात्रों को बेहतर अनुभव देने के लिए पोर्टल में कई तकनीकी सुधार भी किए गए हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और सहज बन सकी है।
CBSE Revaluation 2026 प्रक्रिया में छात्रों की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि वे अपने परिणामों की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर हैं। जिन छात्रों को अपने अंकों या उत्तर पुस्तिका में किसी प्रकार की त्रुटि की आशंका है, उनके लिए 6 जून तक आवेदन करने का अवसर उपलब्ध है। ऐसे में इच्छुक छात्रों को अंतिम तिथि से पहले सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
आवेदन से पहले जान लें ये जरूरी सवाल-जवाब
Q1. CBSE Revaluation 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
CBSE के अनुसार री-वैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन 6 जून 2026 तक किए जा सकते हैं।
Q2. CBSE Revaluation 2026 के लिए कितने छात्रों ने आवेदन किया है?
3 जून 2026 तक लगभग 40 हजार छात्रों ने री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए आवेदन किया है।
Q3. CBSE री-वैल्यूएशन के लिए शुल्क कितना है?
उत्तर पुस्तिका में तकनीकी त्रुटियों की जांच के लिए 100 रुपये प्रति कॉपी शुल्क है, जबकि री-वैल्यूएशन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क निर्धारित किया गया है।
Q4. CBSE Revaluation 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?
छात्र CBSE की आधिकारिक वेबसाइट और Pariksha Sangam पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
Q5. छात्र उत्तर पुस्तिका में किन त्रुटियों की शिकायत कर सकते हैं?
पन्ने गायब होना, सप्लीमेंट्री शीट न दिखना, ग्राफ या मैप का छूट जाना, धुंधली स्कैन कॉपी या गलत उत्तर पुस्तिका अपलोड होने जैसी समस्याओं की शिकायत की जा सकती है।

नगमा, एक प्रोफेशनल डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर लिखने का 3 साल का अनुभव है। वर्तमान में वह Hind 24 के साथ जुड़ी हुई हैं।






