CBSE 12th Toppers List 2026: सीबीएसई ने जारी किया 12वीं टॉपर्स का बड़ा आंकड़ा, 95% से ज्यादा लाने वालों की लगी लाइन!

CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 में इस बार 17 हजार से ज्यादा छात्रों ने 95% से अधिक अंक हासिल किए हैं। लड़कियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया, जबकि तिरुवनंतपुरम और चेन्नई जैसे दक्षिण भारत के शहर टॉप पर रहे।
by

CBSE 12th Toppers List 2026: सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने इस साल के परीक्षा परिणामों के साथ टॉप स्कोर करने वाले छात्रों के आंकड़े भी साझा किए हैं। हालांकि बोर्ड की परंपरा के अनुसार इस बार भी किसी छात्र का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन 90 प्रतिशत और 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या जारी की गई है।

इस वर्ष का रिजल्ट कई मायनों में खास माना जा रहा है, क्योंकि एक बार फिर लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा देश के दक्षिणी क्षेत्रों के शहरों ने भी टॉप प्रदर्शन कर अपनी मजबूत शैक्षणिक स्थिति को साबित किया है।

17 हजार से ज्यादा छात्रों ने हासिल किए 95% से अधिक अंक

CBSE द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 17,113 छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। यह संख्या कुल परीक्षार्थियों का लगभग 0.97 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या 94,028 रही, जो कुल छात्रों का लगभग 5.32 प्रतिशत है। इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार भी बड़ी संख्या में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह किसी भी छात्र को आधिकारिक रूप से “टॉपर” घोषित नहीं करता। इसका उद्देश्य छात्रों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव को कम करना है। इसलिए केवल उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या साझा की जाती है।

कुल पास प्रतिशत 85.20 फीसदी दर्ज

इस साल CBSE 12वीं परीक्षा का कुल पास प्रतिशत 85.20 प्रतिशत रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में यह आंकड़ा थोड़ा कम माना जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों ने सफलता हासिल की है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड परीक्षाओं में लगातार बदलते परीक्षा पैटर्न और कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्नों के कारण छात्रों को अधिक तैयारी करनी पड़ रही है।

ये भी पढ़ें: आज जारी हो सकता है रिजल्ट, छात्र रोल नंबर रखें तैयार

इसके बावजूद छात्रों ने अच्छे अंक हासिल कर यह साबित किया है कि वे नई शिक्षा प्रणाली के अनुरूप खुद को ढाल रहे हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद कई स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों ने सफलता का जश्न भी मनाया। अभिभावकों ने बच्चों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन को इस सफलता का मुख्य कारण बताया।

लड़कियों ने फिर किया शानदार प्रदर्शन

लड़कियों ने फिर किया शानदार प्रदर्शन
  • लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% दर्ज किया गया।
  • लड़कों का पास प्रतिशत 82.13% रहा।
  • छात्राओं ने लड़कों से 6.73% बेहतर प्रदर्शन किया।
  • लगातार कई वर्षों से लड़कियां बेहतर रिजल्ट दे रही हैं।
  • 2025 में लड़कियों का पास प्रतिशत 91.64% था।
  • पिछले साल लड़कों का रिजल्ट 85.70% दर्ज किया गया था।
  • इस बार दोनों श्रेणियों के पास प्रतिशत में हल्की गिरावट आई।
  • विशेषज्ञों ने अनुशासन और नियमित पढ़ाई को सफलता का कारण बताया।

ट्रांसजेंडर छात्रों ने कायम रखा 100% रिजल्ट

  • ट्रांसजेंडर छात्रों का पास प्रतिशत 100% रहा।
  • सभी छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की।
  • शिक्षा में समावेशिता का सकारात्मक उदाहरण देखने को मिला।
  • बोर्ड के आंकड़ों ने बेहतर अवसरों की अहमियत दिखाई।
  • शिक्षा जगत ने इसे प्रेरणादायक उपलब्धि माना।

दक्षिण भारत के शहरों का दबदबा बरकरार

इस साल भी CBSE 12वीं रिजल्ट में दक्षिण भारत के शहरों ने शीर्ष स्थान हासिल किए हैं। तिरुवनंतपुरम सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा, जहां पास प्रतिशत 95.62 दर्ज किया गया। इसके बाद चेन्नई ने 93.84 प्रतिशत और बेंगलुरु ने 93.19 प्रतिशत परिणाम के साथ शानदार प्रदर्शन किया। विजयवाड़ा भी 92.77 प्रतिशत के साथ शीर्ष शहरों में शामिल रहा।

ये भी पढ़ें: महंगे स्कूल और ट्यूशन की छुट्टी, ये 6 आदतें आपके बच्चे को बनाएंगी जीनियस

दिल्ली के दोनों क्षेत्र भी अच्छे प्रदर्शन में पीछे नहीं रहे। दिल्ली वेस्ट का पास प्रतिशत 92.34 और दिल्ली ईस्ट का 91.73 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अहमदाबाद 90.60, गुरुग्राम 88.45, लुधियाना 87.92 और पुणे 87.32 प्रतिशत के साथ शामिल रहे। उत्तर भारत के कुछ शहरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। प्रयागराज का पास प्रतिशत 72.43 और पटना का 74.45 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।

छात्रों के लिए आगे क्या है अहम?

रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्रों के सामने करियर और उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले हैं। कई छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज में प्रवेश की तैयारी करेंगे। वहीं कुछ छात्र विदेशों में उच्च शिक्षा के विकल्प भी तलाशेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ अंकों के आधार पर भविष्य तय नहीं होता, बल्कि छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही करियर चुनना चाहिए। बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन यह अंतिम मंजिल नहीं है।

खबर शेयर करें: