Vegetables For Diabetics To Avoid: डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। केवल मीठी चीजों से दूरी बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की डाइट में शामिल कुछ सामान्य खाद्य पदार्थ भी ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। कई लोग यह मानते हैं कि सभी सब्जियां स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी भी हैं जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) अधिक होता है। ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर में तेजी से ग्लूकोज बढ़ा सकते हैं, जिससे डायबिटीज के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।
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डॉक्टर ने दी जरूरी सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सलीम जैदी ने अपने यूट्यूब चैनल पर साझा की गई जानकारी में बताया कि डायबिटीज के मरीजों को कुछ सब्जियों और उनके सेवन के तरीके को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उनका कहना है कि सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि कोई खाद्य पदार्थ सब्जी है या नहीं, बल्कि उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स, कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और उसे पकाने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
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आलू से क्यों बनानी चाहिए दूरी?
आलू भारतीय रसोई का सबसे आम हिस्सा है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए इसका अधिक सेवन नुकसानदायक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पके हुए आलू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 111 तक पहुंच सकता है, जो सामान्य चीनी से भी अधिक प्रभाव डाल सकता है। वहीं उबले हुए आलू का GI लगभग 78 से 89 के बीच रहता है। ऐसे में आलू खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को आलू का सेवन सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।
भुट्टा और स्वीट कॉर्न भी बढ़ा सकते हैं शुगर

बरसात के मौसम में भुट्टा खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन मधुमेह के मरीजों के लिए यह सही विकल्प नहीं माना जाता। आधी कटोरी मक्का में लगभग 21 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और केवल 2 ग्राम फाइबर होता है। इसके अलावा स्वीट कॉर्न का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 60 से ऊपर माना जाता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए यदि आपका शुगर लेवल पहले से अधिक रहता है तो कॉर्न का सेवन सीमित रखें या डॉक्टर से सलाह लेकर ही करें।
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वेजिटेबल जूस भी बन सकता है नुकसान की वजह
अक्सर लोग यह सोचकर सब्जियों का जूस पीते हैं कि इससे ज्यादा पोषण मिलेगा, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए हर प्रकार का वेजिटेबल जूस सुरक्षित नहीं होता। गाजर, चुकंदर और टमाटर के मिक्स जूस निकालने के दौरान उनमें मौजूद फाइबर काफी हद तक कम हो जाता है, जबकि प्राकृतिक शर्करा बनी रहती है। इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, करेले का जूस सीमित मात्रा में कुछ मरीजों के लिए लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसका सेवन भी डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
शकरकंदी खाते समय रखें विशेष सावधानी
- शकरकंदी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, लेकिन डायबिटीज मरीजों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए।
- बेक या रोस्ट की हुई शकरकंदी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 90 तक पहुंच सकता है।
- उबली हुई शकरकंदी का GI करीब 40 होता है, जो अपेक्षाकृत कम माना जाता है।
- यदि डायबिटीज है, तो शकरकंदी को उबालकर और सीमित मात्रा में ही खाएं।
- शकरकंदी को नियमित डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।
डायबिटीज मरीजों के लिए डाइट संबंधी जरूरी बातें
- संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- रोजाना नियमित व्यायाम या वॉक करें।
- पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लें।
- समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराते रहें।
- फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन को प्राथमिकता दें।
- कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low GI) वाले खाद्य पदार्थ चुनें।
- मीठी और अत्यधिक प्रोसेस्ड चीजों का सेवन सीमित करें।
- भोजन की मात्रा और समय का विशेष ध्यान रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- नई डाइट, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।
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निष्कर्ष
डायबिटीज के मरीजों के लिए सही खानपान दवा जितना ही महत्वपूर्ण होता है। आलू, स्वीट कॉर्न, कुछ वेजिटेबल जूस और शकरकंदी जैसी चीजें ब्लड शुगर पर असर डाल सकती हैं, खासकर यदि उनका सेवन अधिक मात्रा में या गलत तरीके से किया जाए। इसलिए अपनी डाइट में किसी भी बड़े बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें और संतुलित भोजन के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने की कोशिश करें।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी बीमारी के उपचार, दवा या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

तानिया, एक अनुभवी मल्टीमीडिया लेखिका हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव है।






