Diabetes Symptoms: डायबिटीज के मरीजों को बार-बार पेशाब क्यों आता है? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

Diabetes Symptoms: क्या आपको भी डायबिटीज में बार-बार पेशाब आने की वजह नहीं पता? इस खबर में जानिए बढ़े हुए ब्लड शुगर, किडनी की भूमिका, अधिक प्यास और पेशाब के बीच के संबंध के साथ-साथ इस समस्या से बचाव के आसान और प्रभावी उपाय।
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Diabetes Symptoms Hindi: डायबिटीज आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में शामिल है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। डायबिटीज के कई लक्षण होते हैं, लेकिन इनमें सबसे आम और शुरुआती संकेतों में से एक बार-बार पेशाब आना है। कई लोग इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर में बढ़े हुए ग्लूकोज स्तर का स्पष्ट संकेत हो सकता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को पॉलीयुरिया कहा जाता है।

इंसुलिन की कमी कैसे बढ़ाती है परेशानी

सामान्य परिस्थितियों में इंसुलिन शरीर की कोशिकाओं तक ग्लूकोज पहुंचाने का काम करता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। लेकिन जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता, तब ग्लूकोज रक्त में जमा होने लगता है। इसके परिणामस्वरूप ब्लड शुगर का स्तर लगातार बढ़ता जाता है और शरीर के कई अंगों पर इसका प्रभाव पड़ता है, जिनमें किडनी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

किडनी पर बढ़ता है अतिरिक्त दबाव

हमारी किडनियां रक्त को फिल्टर करके आवश्यक तत्वों को शरीर में वापस भेज देती हैं। सामान्य रूप से ग्लूकोज भी दोबारा शरीर में अवशोषित हो जाता है। लेकिन जब ब्लड शुगर बहुत अधिक हो जाता है, तो किडनी की क्षमता प्रभावित होने लगती है। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त ग्लूकोज को शरीर से बाहर निकालने के लिए किडनी उसे यूरिन के जरिए बाहर भेजना शुरू कर देती है। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों में पेशाब की मात्रा और आवृत्ति दोनों बढ़ जाती हैं।

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यूरिन में बढ़ा ग्लूकोज बनता है बार-बार पेशाब का कारण

डायबिटीज में बार-बार पेशाब आने के पीछे ऑस्मोसिस नामक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब अतिरिक्त ग्लूकोज यूरिन में पहुंचता है, तो वह शरीर के पानी को भी अपनी ओर खींचता है। इससे अधिक मात्रा में पानी पेशाब के जरिए बाहर निकलता है। नतीजतन मूत्राशय जल्दी भर जाता है और व्यक्ति को बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। यही वजह है कि कई मरीज दिन और रात दोनों समय इस समस्या से परेशान रहते हैं।

अधिक प्यास और पेशाब का बन जाता है चक्र

लगातार पेशाब आने के कारण शरीर से काफी मात्रा में पानी बाहर निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में पानी की कमी होने पर मस्तिष्क प्यास का संकेत देता है और व्यक्ति अधिक पानी पीने लगता है। ज्यादा पानी पीने के कारण फिर पेशाब की मात्रा बढ़ती है। इस तरह प्यास और पेशाब का एक लगातार चलने वाला चक्र बन जाता है। रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या को नोक्टुरिया कहा जाता है, जो नींद की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकती है।

अन्य कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार

  • यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI): यूरिन में अधिक ग्लूकोज होने से बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे संक्रमण और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
  • डायबिटीज की दवाएं: कुछ दवाएं, खासकर SGLT2 इनहिबिटर्स, अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालती हैं, जिससे पेशाब की आवृत्ति बढ़ सकती है।
  • ब्लड शुगर का लंबे समय तक बढ़ा रहना: लगातार हाई ब्लड शुगर किडनी पर दबाव बढ़ाता है, जिसके कारण बार-बार पेशाब आने की समस्या बनी रह सकती है।

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इस समस्या को कम करने के लिए क्या करें

विशेषज्ञों के अनुसार बार-बार पेशाब आने की समस्या को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना है। इसके लिए डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का नियमित सेवन, संतुलित आहार और रोजाना व्यायाम बेहद जरूरी है। साथ ही, पेशाब अधिक आने के डर से पानी पीना कम नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन की समस्या गंभीर हो सकती है। चाय, कॉफी और शराब जैसे पेय पदार्थों का सेवन सीमित करने से भी राहत मिल सकती है क्योंकि ये यूरिन की मात्रा बढ़ा सकते हैं।

कब लें डॉक्टर की सलाह

यदि बार-बार पेशाब आने के साथ अत्यधिक प्यास, अचानक वजन कम होना, थकान, धुंधला दिखाई देना या पेशाब में जलन जैसी समस्याएं भी महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और सही उपचार से डायबिटीज को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है और इससे जुड़ी जटिलताओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, दवा, डाइट या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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