Nautapa Tips Hindi: जेठ महीने की तपती गर्मी के बीच नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो चुकी है, जो 2 जून तक जारी रहेगा। भारतीय मौसम परंपरा में नौतपा को साल के सबसे गर्म नौ दिन माना जाता है। इस दौरान तापमान कई राज्यों में 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है और गर्म हवाएं यानी लू लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों थोड़ी सी लापरवाही भी शरीर को बीमार बना सकती है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
प्यास लगने का इंतजार करना पड़ सकता है भारी
- शरीर पसीने के जरिए लगातार पानी और जरूरी मिनरल्स खोता रहता है।
- तेज प्यास लगने तक पानी न पीना नौतपा में खतरनाक हो सकता है।
- पानी की कमी से डीहाइड्रेशन, कमजोरी और चक्कर आने की समस्या बढ़ सकती है।
- सिरदर्द और थकान भी शरीर में पानी की कमी के सामान्य संकेत हैं।
- दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहना जरूरी है।
- नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और आम पन्ना शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं।
धूप से आते ही ठंडी चीजें खाना बन सकता है नुकसानदायक
- तेज धूप से घर लौटते ही फ्रिज का ठंडा पानी पीना नुकसानदायक हो सकता है।
- कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम का तुरंत सेवन शरीर पर बुरा असर डाल सकता है।
- गर्मी में शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है।
- अचानक ज्यादा ठंडी चीजें लेने से थर्मल शॉक का खतरा बढ़ सकता है।
- इससे गले में खराश, सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- पाचन तंत्र पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
- बाहर से आने के बाद कुछ देर सामान्य तापमान में आराम करना बेहतर माना जाता है।
- इसके बाद मटके या सामान्य पानी का सेवन करना ज्यादा सुरक्षित होता है।
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खाली पेट या भारी खाना खाकर बाहर निकलना भी खतरनाक
नौतपा के दौरान खाली पेट घर से बाहर निकलना शरीर को जल्दी कमजोर कर सकता है। इससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि शरीर की ऊर्जा और प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। वहीं दूसरी तरफ बहुत ज्यादा मसालेदार, तला-भुना या भारी भोजन भी गर्मी में परेशानी बढ़ा सकता है। गर्म मौसम में पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और भारी भोजन शरीर का तापमान बढ़ाने लगता है। विशेषज्ञ हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन खाने की सलाह देते हैं ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और गर्मी का असर कम हो।
धूप से लौटते ही तेज एसी और तुरंत नहाने से बचें
- बाहर की तेज गर्मी से आते ही तुरंत तेज एसी चलाना नुकसानदायक हो सकता है।
- घर पहुंचते ही ठंडे पानी से नहाना भी शरीर पर बुरा असर डाल सकता है।
- शरीर के तापमान में अचानक बदलाव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।
- इससे सिरदर्द, शरीर दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- डॉक्टर सामान्य तापमान में कुछ देर आराम करने की सलाह देते हैं।
- शरीर का तापमान सामान्य होने के बाद ही एसी या ठंडे पानी का इस्तेमाल करना बेहतर होता है।
कपड़ों का चुनाव भी बढ़ा सकता है परेशानी
नौतपा में कपड़ों का सही चुनाव बेहद जरूरी होता है। सिंथेटिक, टाइट और गहरे रंग के कपड़े शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं। ऐसे कपड़े पसीने को ठीक तरह से सूखने नहीं देते, जिससे घमौरियां और स्किन इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। डॉक्टर हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने की सलाह देते हैं क्योंकि ये शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।
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इन जरूरी सावधानियों का भी रखें ध्यान
नौतपा के दौरान दोपहर 10 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए क्योंकि इस समय लू सबसे ज्यादा प्रभावी होती है। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी या सूती गमछे का इस्तेमाल करें। ज्यादा चाय और कॉफी पीने से भी बचना चाहिए क्योंकि इनमें मौजूद कैफीन शरीर को डीहाइड्रेट कर सकता है। सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं होता, इसलिए इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए ओआरएस और नारियल पानी का सेवन भी जरूरी माना जाता है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप से दूर रखना बेहद जरूरी है।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं, जिन्हें हेल्थ और बिजनेस विषयों पर 4 वर्षों का अनुभव है। स्वास्थ्य और बिजनेस से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी साझा करती हैं और वर्तमान में Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






