Dahi Diabetes Blood Sugar: डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसमें खानपान का सीधा असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है। अगर मरीज सही डाइट न अपनाए तो शुगर अचानक बढ़ सकती है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा रहता है।
यही वजह है कि डायबिटीज के मरीज अक्सर यह जानना चाहते हैं कि कौन-सी चीजें उनके लिए फायदेमंद हैं और किन चीजों से बचना चाहिए। दही को लेकर भी लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं। कुछ लोग मानते हैं कि दही खाने से शुगर बढ़ सकती है, जबकि कई लोग इसे हेल्दी फूड मानते हैं। ऐसे में डाइटिशियन की सलाह जानना बेहद जरूरी हो जाता है।
क्या डायबिटीज के मरीज दही खा सकते हैं

डाइटिशियन स्वाति सिंह के अनुसार, डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में दही का सेवन कर सकते हैं। दही में ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानी जीआई काफी कम होता है, जिसकी वजह से यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाने का काम नहीं करता। यही कारण है कि दही को डायबिटीज फ्रेंडली फूड माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और हेल्दी न्यूट्रिएंट्स शरीर को ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या भी कम हो सकती है, जो डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है।
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दही में मौजूद पोषक तत्व क्यों हैं खास
- दही स्वाद के साथ-साथ पोषण से भरपूर फूड माना जाता है।
- इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम और विटामिन डी जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।
- प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करता है।
- कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जरूरी माना जाता है।
- दही में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है।
- कम कार्बोहाइड्रेट होने की वजह से यह डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।
- संतुलित मात्रा में दही का सेवन हेल्दी डाइट का हिस्सा बन सकता है।
प्रोबायोटिक गुण गट हेल्थ को कैसे पहुंचाते हैं फायदा
दही को नेचुरल प्रोबायोटिक भी माना जाता है। इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ गट हेल्थ शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाती है। नियमित रूप से ताजा दही खाने से पेट संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है और पाचन बेहतर हो सकता है। डायबिटीज मरीजों में अक्सर पाचन संबंधी समस्याएं देखने को मिलती हैं, ऐसे में दही उनके लिए फायदेमंद विकल्प बन सकता है।
दही खाने का सही समय क्या माना जाता है

- विशेषज्ञों के अनुसार दही खाने का सही समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
- आयुर्वेद में रात के समय दही खाने से बचने की सलाह दी जाती है।
- रात में दही खाने से शरीर में बलगम बनने का खतरा बढ़ सकता है।
- कुछ लोगों को इससे सर्दी-जुकाम और गले की परेशानी भी हो सकती है।
- खाली पेट दही खाना भी सही नहीं माना जाता है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि खाली पेट दही खाने से हाइड्रोक्लोरिक एसिड बढ़ सकता है।
- इससे दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया प्रभावित हो सकते हैं।
- दिन के समय भोजन के साथ दही खाना सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।
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डायबिटीज मरीज किस तरह करें दही का सेवन
डाइटिशियन के मुताबिक, डायबिटीज मरीजों को हमेशा ताजा और फीका दही खाना चाहिए। बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड या मीठे दही से बचना जरूरी है क्योंकि इनमें अतिरिक्त शुगर मिलाई जाती है, जो ब्लड शुगर बढ़ा सकती है। मरीज चाहें तो दही की छाछ बनाकर भी पी सकते हैं। गर्मियों में छाछ शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि इसमें नमक या मसालों का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए।
मीठा दही खाने से क्यों बचना चाहिए
- डायबिटीज मरीजों को मीठा दही खाने से बचना चाहिए।
- चीनी, शहद या मीठे सिरप के साथ दही खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
- डॉक्टर और डाइटिशियन बिना चीनी वाला सादा दही खाने की सलाह देते हैं।
- स्वाद बढ़ाने के लिए दही में खीरा मिलाया जा सकता है।
- भुना जीरा डालकर दही को ज्यादा हेल्दी बनाया जा सकता है।
- पुदीना मिलाने से दही का स्वाद और पाचन दोनों बेहतर हो सकते हैं।
संतुलित मात्रा में दही खाना ही सबसे सुरक्षित विकल्प
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी हेल्दी फूड का ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। यही नियम दही पर भी लागू होता है। डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सीमित मात्रा में दही खाना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को लैक्टोज इनटॉलरेंस, बार-बार सर्दी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। सही मात्रा और सही समय पर दही का सेवन करने से यह डायबिटीज मरीजों के लिए एक हेल्दी और पौष्टिक विकल्प साबित हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई सलाह और जानकारी विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित है। किसी भी तरह की डाइट या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं, जिन्हें हेल्थ और बिजनेस विषयों पर 4 वर्षों का अनुभव है। स्वास्थ्य और बिजनेस से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी साझा करती हैं और वर्तमान में Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






