
सोना-चांदी सस्ता, बाजार में भारी गिरावट दर्ज (Image - Unsplash)
Gold Silver Rate Today: सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा। वायदा बाजार से लेकर स्पॉट मार्केट तक, दोनों कीमती धातुओं के दामों में तेज गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट न केवल घरेलू बाजार तक सीमित रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका असर साफ नजर आया। बाजार विशेषज्ञ इसे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और ब्याज दरों की संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं।
MCX पर टूटे रिकॉर्ड, भारी गिरावट दर्ज

भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज के शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी के वायदा दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मई 2026 में मैच्योर होने वाले चांदी के वायदा सौदे करीब 13,606 रुपये गिरकर 2,13,166 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। वहीं, अप्रैल 2026 के लिए सोने के वायदा सौदे 7,115 रुपये टूटकर 1,37,377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। इस तरह की गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली रही, क्योंकि यह हाल के महीनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
दिल्ली के स्पॉट मार्केट में भी असर साफ
वायदा बाजार की तरह ही स्पॉट मार्केट में भी सोने और चांदी के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। राजधानी दिल्ली में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 5,950 रुपये गिरकर 1,40,170 रुपये पर आ गई। वहीं चांदी की कीमतों में भी करीब 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसका भाव घटकर लगभग 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इस गिरावट ने ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए एक बड़ा अवसर पैदा किया है।
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मध्य पूर्व तनाव और महंगाई का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इसके चलते वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। जब ब्याज दरें बढ़ने की संभावना होती है, तो निवेशक सोने-चांदी जैसी कमोडिटी से पैसा निकालकर अन्य सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे इन धातुओं के दाम गिरते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। सोमवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत 2.5% गिरकर लगभग 4,372.86 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई, जो पिछले चार महीनों का सबसे निचला स्तर है। यह लगातार नौवां सत्र था जब सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, चांदी भी कमजोर रही और इसकी कीमत 3.2% गिरकर करीब 65.61 डॉलर प्रति औंस तक आ गई।
43 साल की सबसे बड़ी गिरावट का रिकॉर्ड

इस बार की गिरावट को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में 10% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। यह पिछले 43 वर्षों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है। शुक्रवार को ही सोना 4,500 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे बंद हुआ था, जिससे बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है। इस तरह की गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय भी है और अवसर भी।
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निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट शॉर्ट टर्म में जारी रह सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है। जो लोग सोना-चांदी में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर बन सकती है। हालांकि, बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए निवेश करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
आगे क्या रहेगा रुख?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों का रुख काफी हद तक वैश्विक आर्थिक संकेतों, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा। यदि महंगाई और ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, किसी भी सकारात्मक संकेत से बाजार में फिर से तेजी भी लौट सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक दबाव, बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका है। निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इन धातुओं के दाम नीचे आए हैं।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही समय है?
विशेषज्ञों के अनुसार, लॉन्ग टर्म निवेश के लिए यह समय अच्छा माना जा सकता है क्योंकि कीमतों में गिरावट आई है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए सोच-समझकर निवेश करना जरूरी है।
MCX और स्पॉट मार्केट में क्या अंतर है?
MCX (वायदा बाजार) में भविष्य की कीमतों पर ट्रेडिंग होती है, जबकि स्पॉट मार्केट में वर्तमान कीमतों पर खरीद-फरोख्त होती है। दोनों के रेट में अंतर हो सकता है, लेकिन ट्रेंड आमतौर पर समान रहता है।
क्या सोने की कीमत आगे और गिर सकती है?
अगर वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें बढ़ती हैं और आर्थिक दबाव बना रहता है, तो सोने की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। हालांकि, किसी भी बड़े भू-राजनीतिक बदलाव से कीमतें फिर बढ़ भी सकती हैं।
क्या चांदी में निवेश सोने से बेहतर है?
चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, इसलिए इसमें जोखिम और मुनाफा दोनों ज्यादा होते हैं। जबकि सोना अपेक्षाकृत स्थिर निवेश माना जाता है। निवेश का चुनाव आपके लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और नेशनल न्यूज़ पर खास पकड़ है। फिलहाल Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।


