
युद्ध की खबरों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक गिरावट। (Image - Freepik)
Sensex Nifty Market Crash: होली की छुट्टी के बाद बुधवार को जब भारतीय शेयर बाजार खुले तो निवेशकों को बड़ा झटका लगा। ईरान युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने बाजार का माहौल पूरी तरह बिगाड़ दिया। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत गहरे लाल निशान के साथ हुई। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex खुलते ही 1,700 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि NSE Nifty 50 में 500 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में नकारात्मक संकेतों ने घरेलू निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट
सुबह 9:17 बजे तक Nifty 50 करीब 517 अंकों की गिरावट के साथ 24,344.05 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Sensex 1,700.08 अंक गिरकर 78,596.45 पर पहुंच गया। यह गिरावट लगभग 2 प्रतिशत से अधिक की रही। बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया, जिससे निवेशकों की पूंजी में भारी गिरावट दर्ज की गई।
Infosys, BEL और HCLTech रहे मामूली बढ़त में

तेज गिरावट के बीच कुछ आईटी शेयरों ने बाजार को थोड़ी राहत दी। Infosys, BEL और HCLTech जैसे शेयर शुरुआती कारोबार में हरे निशान में दिखे। हालांकि इनकी बढ़त इतनी मजबूत नहीं थी कि बाजार को सहारा मिल सके। अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
एलएंडटी समेत दिग्गजों पर मार
Larsen & Toubro (L&T) के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और यह एक महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में यह शेयर 12 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है। Tata Steel, IndiGo और Shriram Finance जैसे शेयर भी बड़े नुकसान में रहे। वित्तीय, ऑटो और उपभोक्ता क्षेत्र के शेयरों पर दबाव बना रहा।
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Nifty MidCap और SmallCap में भी गिरावट
Nifty IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी गिरावट रही। Nifty MidCap और SmallCap 100 इंडेक्स में तेज गिरावट ने यह संकेत दिया कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार भी दबाव में है।
खुलने से पहले 550 अंक नीचे था GIFT Nifty

बाजार खुलने से पहले ही संकेत कमजोर थे। सुबह 7:25 बजे GIFT Nifty करीब 551 अंक या 2.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,431 पर कारोबार कर रहा था। इससे साफ था कि बाजार में गैप-डाउन शुरुआत होने वाली है और निवेशक अस्थिरता के लिए तैयार थे।
एशियाई बाजारों में भी हड़कंप
गिरावट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखा गया। दक्षिण कोरिया का Kospi शुरुआती कारोबार में 7 प्रतिशत तक गिर गया। जापान का Nikkei 225 करीब 3.23 प्रतिशत टूटा, जबकि हांगकांग का Hang Seng 1.5 प्रतिशत तक लुढ़क गया। इससे स्पष्ट है कि वैश्विक निवेशक जोखिम से दूरी बना रहे हैं।
वॉल स्ट्रीट भी दबाव में
अमेरिकी बाजारों में भी अस्थिरता रही। Dow Jones Industrial Average ने इंट्राडे में करीब 800 अंकों की रिकवरी की, लेकिन अंततः लगभग 400 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। यह दर्शाता है कि वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और घबराहट का माहौल है।
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डॉलर के मुकाबले 92.02 पर खुला भारतीय रुपया
शेयर बाजार की गिरावट के साथ ही भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बढ़ा। रुपया 55 पैसे की गिरावट के साथ 92.02 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
ब्रेंट क्रूड 82.77 डॉलर प्रति बैरल
ईरान युद्ध के चलते वैश्विक सप्लाई बाधित होने की आशंका से Brent crude futures 82.77 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो जुलाई 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है। पिछले चार सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 17 प्रतिशत की तेजी आई है। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ सकता है।
MCX पर कीमती धातुओं में तेज उछाल
तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक अस्थिरता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं। Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने की मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आई।
निवेशकों के लिए आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को घबराहट में फैसले लेने से बचना चाहिए और दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए।
बाजार गिरावट से जुड़े प्रमुख आंकड़े और संकेतक
| मुख्य संकेतक | ताज़ा स्थिति |
|---|---|
| Sensex स्तर | 1,700+ अंक की गिरावट, 78,596 के आसपास कारोबार |
| Nifty 50 | 500+ अंक फिसला, 24,344 के करीब |
| गिरावट का कारण | ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें |
| ब्रेंट क्रूड | 82.77 डॉलर प्रति बैरल, चार सत्रों में ~17% उछाल |
| रुपया | 92.02 प्रति डॉलर, रिकॉर्ड निचला स्तर |
| एशियाई बाजार प्रभाव | Kospi, Nikkei और Hang Seng में तेज गिरावट |
| सुरक्षित निवेश रुख | सोना-चांदी में MCX पर मजबूती |

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और नेशनल न्यूज़ पर खास पकड़ है। फिलहाल Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।


