UP Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। नई कीमतें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल 100 रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम आदमी के घरेलू बजट पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।
लखनऊ समेत कई शहरों में महंगा हुआ ईंधन
नई दरों के अनुसार राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.05 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 95.55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। नोएडा, कानपुर, गाजियाबाद और वाराणसी जैसे शहरों में भी पेट्रोल के दाम तेजी से बढ़े हैं। कई जिलों में डीजल की कीमत 95 रुपये के पार पहुंच चुकी है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने निजी वाहन चालकों से लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है।
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दो हफ्तों में चौथी बार बढ़े दाम
15 मई से तेल कंपनियों ने ईंधन कीमतों में संशोधन दोबारा शुरू किया था और तब से अब तक पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। खास बात यह है कि पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में यह चौथी बार है जब कीमतों में इजाफा किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी आने के कारण घरेलू बाजार में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
महंगाई और परिवहन लागत बढ़ने की आशंका
पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का असर अब रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ दिखाई देने लगा है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी इजाफा होने की आशंका बढ़ गई है। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर बाजार कीमतों पर पड़ेगा। वहीं नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है।
पेट्रोल पंपों पर दिखी लोगों की नाराजगी
कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद कई पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। लोगों ने बढ़ती कीमतों को लेकर नाराजगी जाहिर की और सरकार से राहत देने की मांग की। कुछ वाहन चालकों का कहना है कि हर कुछ दिनों में दाम बढ़ने से मासिक बजट बिगड़ रहा है। वहीं कई लोग इस बात को लेकर भी चिंतित दिखाई दिए कि यदि इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में सफर करना और ज्यादा महंगा हो जाएगा।
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वैश्विक संकट को बताया जा रहा वजह
हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कीमतों में बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। कई ग्राहकों ने कहा कि वैश्विक तनाव और इजरायल युद्ध जैसे हालात के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका असर भारत समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार को कई कठिन फैसले लेने पड़ते हैं।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में आम जनता को फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतें अब देश में बड़ा आर्थिक और राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही हैं।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।






