Stock Market Today India: 8 अप्रैल का दिन भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक यादगार दिन के रूप में दर्ज हो गया। सुबह के कारोबार में ही बाजार में ऐसी जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 2800 अंकों की छलांग लगाकर 77,392 के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, निफ्टी 50 भी 800 अंकों से ज्यादा उछलकर 23,939 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी ने यह संकेत दिया कि बाजार में निवेशकों का भरोसा तेजी से लौटा है और वैश्विक व घरेलू संकेत बेहद सकारात्मक बने हुए हैं।
कुछ ही मिनटों में 14 लाख करोड़ का फायदा
शेयर बाजार की इस जोरदार तेजी का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी साफ दिखा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 429 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 443 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि महज कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 14 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। यह उछाल बताता है कि बाजार में खरीदारी कितनी आक्रामक रही और निवेशकों ने मौके का भरपूर फायदा उठाया।
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सीजफायर से बाजार को मिली सबसे बड़ी राहत
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच घोषित सीजफायर रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस ऐलान के बाद वैश्विक बाजारों में तनाव कम हुआ है। पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम होने से निवेशकों के मन में भरोसा बढ़ा है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव बाजार को अस्थिर करता है, लेकिन जैसे ही हालात सुधरते हैं, निवेशक तेजी से बाजार में लौटते हैं। यही इस उछाल में भी देखने को मिला।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
सीजफायर के असर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। WTI क्रूड की कीमत 17 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई। भारत जैसे देश के लिए यह बेहद सकारात्मक खबर है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत घटती है, जिससे उनके मुनाफे में सुधार होता है और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।
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RBI के फैसले ने बढ़ाया भरोसा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति का भी बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया। इस फैसले से यह संकेत मिला कि फिलहाल ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहेगी, जिससे लोन और निवेश दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। निवेशकों ने इसे एक स्थिर और भरोसेमंद आर्थिक संकेत के रूप में लिया, जिसने बाजार को और मजबूती दी।
शॉर्ट कवरिंग ने दी तेजी को रफ्तार
बाजार में आई इस तेज उछाल के पीछे एक और महत्वपूर्ण कारण शॉर्ट कवरिंग रहा। पिछले कुछ समय से बाजार में गिरावट के चलते कई ट्रेडर्स ने शॉर्ट पोजीशन ले रखी थी। जैसे ही सकारात्मक खबरें आईं, ट्रेडर्स ने अपनी शॉर्ट पोजीशन काटनी शुरू कर दी। इससे अचानक खरीदारी बढ़ी और बाजार में तेजी और तेज हो गई। इसे तकनीकी भाषा में शॉर्ट कवरिंग रैली कहा जाता है।
मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी जोश
केवल बड़ी कंपनियों तक ही यह तेजी सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। इन सेगमेंट्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी हुई और निवेशकों का भरोसा हर सेक्टर में मजबूत हुआ है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात स्थिर बने रहते हैं और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो बाजार में यह तेजी कुछ समय तक जारी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार में तेजी के बाद मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में सोच-समझकर निवेश करना ही बेहतर रणनीति होगी।
शेयर बाजार तेजी से जुड़े अहम सवाल (FAQs)
Q1. शेयर बाजार में इतनी बड़ी तेजी क्यों आई?
इस तेजी के पीछे अमेरिका-ईरान सीजफायर, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, RBI की स्थिर पॉलिसी और शॉर्ट कवरिंग जैसे प्रमुख कारण रहे।
Q2. निवेशकों को 14 लाख करोड़ रुपये का फायदा कैसे हुआ?
शेयर बाजार में तेजी के कारण कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़ गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ।
Q3. कच्चे तेल की कीमत गिरने से बाजार पर क्या असर पड़ता है?
तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत घटती है, जिससे मुनाफा बढ़ता है और शेयर बाजार में तेजी आती है।
Q4. RBI के रेपो रेट स्थिर रखने का क्या मतलब है?
रेपो रेट स्थिर रहने से ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहती है, जिससे निवेश और आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिलता है।
Q5. शॉर्ट कवरिंग क्या होती है?
जब ट्रेडर्स गिरावट की उम्मीद में शेयर बेचते हैं और बाद में कीमत बढ़ने पर उन्हें वापस खरीदते हैं, तो इसे शॉर्ट कवरिंग कहा जाता है।
Q6. क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी?
अगर वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं और सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो तेजी जारी रह सकती है, लेकिन बीच-बीच में गिरावट भी संभव है।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं, जिन्हें हेल्थ और बिजनेस विषयों पर 4 वर्षों का अनुभव है। स्वास्थ्य और बिजनेस से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी साझा करती हैं और वर्तमान में Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






