Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। बीते शुक्रवार को तेल कंपनियों ने करीब 3 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ाए थे, वहीं अब मंगलवार को फिर 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। कम समय में दूसरी बार हुए इस बदलाव ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। निजी वाहन चलाने वालों से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक इसका असर साफ दिखाई देने लगा है।
महानगरों में नए रेट हुए लागू
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 98.64 | 91.58 |
| मुंबई | 107.59 | 94.08 |
| कोलकाता | 109.70 | 96.07 |
| चेन्नई | 104.49 | 96.11 |
| जयपुर | 108.84 | 94.12 |
आम लोगों के बजट पर बढ़ा दबाव
लगातार बढ़ती तेल कीमतों का असर अब सीधे घरेलू बजट पर पड़ने लगा है। पेट्रोल और डीजल महंगा (Petrol Diesel Price Hike) होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका असर रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी दिखाई देता है। सब्जियों, फल, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में महंगाई का और ज्यादा सामना करना पड़ सकता है।
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तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान
जानकारी के अनुसार सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद घरेलू स्तर पर रेट स्थिर बनाए हुए थीं। लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल के कारण कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। सूत्रों का कहना है कि कंपनियों को पहले रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा था। पिछले सप्ताह हुई बढ़ोतरी के बाद यह घाटा कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन अभी भी कंपनियों पर भारी दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का सीधा असर
विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और यह 100 से 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि हाल के दिनों में तेल के दामों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
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आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई
आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं तो आने वाले समय में परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत और बढ़ सकती है। इसका असर बाजार में उपलब्ध कई उत्पादों पर दिखाई देगा। बस किराया, टैक्सी सेवा और माल ढुलाई महंगी होने की संभावना भी बढ़ गई है। ऐसे में आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया का अनुभव रखते हैं। बिजनेस, वित्त, निवेश, बाजार ट्रेंड्स और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों पर खास पकड़ है। फिलहाल वह Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






