नौकरी बदलने के बाद PF निकासी पर कब लगता है टैक्स, जानिए नियम

EPF Tax Rules: नौकरी बदलने के बाद PF निकालने की योजना बना रहे हैं तो पहले EPF के टैक्स नियम जरूर जान लें। 5 साल से पहले 50,000 रुपये से अधिक की निकासी पर TDS कट सकता है, जबकि कुछ मामलों में फॉर्म 15G/15H जमा कर राहत भी मिल सकती है।
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EPF Tax Rules Explained: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत संचालित एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण रिटायरमेंट बचत योजना है। हालांकि यह योजना मुख्य रूप से सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाई गई है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में कर्मचारी समय से पहले भी अपने EPF खाते से धन निकाल सकते हैं। नौकरी बदलने या अन्य जरूरतों के दौरान PF निकासी को लेकर टैक्स नियमों की जानकारी होना जरूरी है।

किन परिस्थितियों में निकाली जा सकती है राशि

EPF खाते से बेरोजगारी, मेडिकल इमरजेंसी, शिक्षा जैसी जरूरतों के लिए समय से पहले धन निकाला जा सकता है। हालांकि निकासी पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह कर्मचारी की सेवा अवधि, निकाली गई राशि और निकासी की वजह पर निर्भर करता है।

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EPF में शामिल होते हैं ये तीन हिस्से

EPF खाते में कर्मचारी का योगदान, उस योगदान पर मिलने वाला ब्याज, नियोक्ता का योगदान और उस पर अर्जित ब्याज शामिल होता है। आमतौर पर कर्मचारी द्वारा जमा की गई मूल राशि पर निकासी के समय टैक्स नहीं लगता। लेकिन कर्मचारी के योगदान पर अर्जित ब्याज को “अन्य स्रोतों से आय” माना जाता है और उस पर लागू नियमों के अनुसार कर लगाया जा सकता है।

5 साल से पहले निकासी पर TDS का नियम

यदि कोई कर्मचारी लगातार पांच वर्ष की सेवा पूरी करने से पहले EPF खाते से 50,000 रुपये से अधिक की राशि निकालता है, तो उस पर स्रोत पर कर कटौती (TDS) लागू हो सकती है। पैन कार्ड उपलब्ध कराने पर 10 प्रतिशत की दर से TDS काटा जाता है। वहीं, यदि कर्मचारी ने पैन की जानकारी नहीं दी है तो TDS की दर बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाती है।

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फॉर्म 15G और 15H से मिल सकती है राहत

EPFO के नियमों के अनुसार, यदि पात्र कर्मचारी पैन कार्ड के साथ फॉर्म 15G या 15H जमा करते हैं, तो कुछ मामलों में TDS कटौती से राहत मिल सकती है। यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए उपयोगी हो सकती है जो पांच वर्ष की सेवा पूरी होने से पहले PF निकासी कर रहे हैं और निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं।

गैर-मान्यता प्राप्त PF फंड पर अलग नियम

गैर-मान्यता प्राप्त PF फंड के मामलों में कर नियम अलग होते हैं। यदि संबंधित PF फंड को आयकर आयुक्त की मान्यता प्राप्त नहीं है, तो निकासी के समय टैक्स देय हो सकता है। ऐसे मामलों में पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद भी कर संबंधी नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए PF निकासी से पहले फंड की स्थिति और लागू टैक्स नियमों की जानकारी लेना जरूरी है।

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