FASTag Scan Tips: देशभर में हाईवे यात्रा के दौरान कई वाहन चालकों को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जहां FASTag खाते में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद टोल प्लाजा पर बैरियर नहीं खुलता। इस वजह से यात्रियों को लंबी लाइनों में रुकना पड़ता है और सफर में अनावश्यक देरी होती है। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने इस समस्या को लेकर अहम जानकारी साझा की है। प्राधिकरण के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में समस्या टोल सिस्टम में नहीं बल्कि वाहन पर लगे पुराने या खराब हो चुके FASTag में होती है।
NHAI ने बताई FASTag खराब होने की मुख्य वजह
NHAI के अनुसार, FASTag के अंदर लगी RFID चिप समय के साथ कमजोर पड़ सकती है। यह चिप ही टोल प्लाजा पर स्कैनर के जरिए वाहन की पहचान करती है। यदि यह चिप क्षतिग्रस्त हो जाए तो स्कैनर FASTag को पढ़ नहीं पाता और बैरियर बंद रह जाता है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण वाहन की विंडशील्ड की बार-बार सफाई बताया गया है। कई लोग शीशे को साफ करने के लिए हार्ड केमिकल्स या ज्यादा रगड़ का इस्तेमाल करते हैं, जिससे FASTag की परत और उसके अंदर मौजूद चिप प्रभावित हो सकती है।
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धूप, धूल और बारिश भी बन रहे बड़ी परेशानी
NHAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि लगातार धूप, धूल और बारिश के संपर्क में रहने से FASTag धीरे-धीरे खराब होने लगता है। लंबे समय तक गर्मी में रहने से उसका गोंद कमजोर पड़ सकता है और अंदर के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स भी प्रभावित हो सकते हैं। खासकर भारत जैसे मौसम वाले देशों में, जहां गर्मी और धूल का स्तर काफी अधिक रहता है, वहां FASTag की कार्यक्षमता जल्दी प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि कई बार पुराना FASTag अचानक स्कैन होना बंद कर देता है, जबकि खाते में पूरा बैलेंस मौजूद रहता है।
FASTag की उम्र पूरी होने पर बढ़ती हैं दिक्कतें
- FASTag की भी एक सीमित वैधता और लाइफ होती है।
- पांच साल से ज्यादा पुराने FASTag में RFID तकनीक कमजोर पड़ सकती है।
- पुराना FASTag होने पर टोल प्लाजा पर स्कैनिंग फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।
- बार-बार टोल पर रुकना FASTag खराब होने का संकेत हो सकता है।
- स्कैनिंग समस्या को नजरअंदाज करना यात्रियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
- खराब FASTag की वजह से समय बर्बाद होने की संभावना बढ़ जाती है।
- कई मामलों में यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क या मैनुअल पेमेंट भी करना पड़ सकता है।
कब तुरंत बदल लेना चाहिए FASTag?
NHAI ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि यदि FASTag बार-बार स्कैनिंग में समस्या पैदा कर रहा है तो तुरंत इसे बदलवा लेना चाहिए। इसके अलावा, अगर FASTag फटा हुआ दिखे, उसका गोंद निकलने लगे या वह पांच साल से ज्यादा पुराना हो जाए, तो रिप्लेसमेंट कराना बेहतर विकल्प माना जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि सही तरीके से काम करने वाला FASTag न केवल यात्रा को तेज और आसान बनाता है, बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ को कम करने में भी मदद करता है।
बैंक से ऐसे कर सकते हैं FASTag रिप्लेस
यदि आपका FASTag खराब हो गया है तो सबसे पहले अपने संबंधित बैंक या FASTag जारी करने वाली एजेंसी से संपर्क करना चाहिए। ज्यादातर बैंक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से FASTag रिप्लेसमेंट की सुविधा देते हैं। वाहन मालिक नया FASTag प्राप्त करने के बाद पुराने टैग को डिएक्टिवेट कर सकते हैं। नया टैग लगाने से पहले विंडशील्ड को साफ करना और उसे सही स्थान पर चिपकाना जरूरी होता है ताकि स्कैनिंग में कोई समस्या न आए।
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नए टोल सिस्टम में FASTag की भूमिका और बढ़ेगी
- MLFF आधारित नया टोल सिस्टम भारत में धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है।
- इस तकनीक में गाड़ियों को बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा मिलेगी।
- नए सिस्टम में एक्टिव और सही FASTag होना बेहद जरूरी होगा।
- भविष्य में हाईवे यात्रा पूरी तरह डिजिटल और बैरियर-फ्री हो सकती है।
- वाहन मालिकों को समय-समय पर FASTag की स्थिति जांचते रहना चाहिए।
- खराब या पुराने FASTag को तुरंत बदलवाने की सलाह दी गई है।
- सही FASTag से टोल प्लाजा पर लंबी कतारों और देरी से राहत मिलेगी।

रायमीन, एक अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल विषयों पर लिखने का 3 वर्षों का अनुभव है। वह Hind 24 के साथ जुड़ी हुई हैं और पाठकों तक सटीक व उपयोगी जानकारी पहुंचाती हैं।






