
1 अप्रैल 2026 को सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी | (Image - Freepik)
Gold Silver Price Hike 2026: अप्रैल 2026 की शुरुआत ने ही सर्राफा बाजार में जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। महीने के पहले दिन सोने और चांदी की कीमतों में अप्रत्याशित तेजी दर्ज की गई, जिसने आम ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक को चौंका दिया। यह उछाल सिर्फ एक दिन की हलचल नहीं बल्कि कई बड़े आर्थिक और वैश्विक संकेतों का परिणाम माना जा रहा है।
सोना ₹1.50 लाख पार, चांदी भी रिकॉर्ड स्तर पर
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना ₹4,120 की बढ़त के साथ ₹1,50,853 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एक दिन पहले यह ₹1,46,733 पर था। वहीं चांदी ने इससे भी ज्यादा तेजी दिखाई और ₹9,701 की छलांग लगाकर ₹2,39,836 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
यह तेजी बाजार में मजबूत खरीदारी और वैश्विक संकेतों का साफ असर दिखाती है।
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अलग-अलग कैरेट में भी दिखी मजबूती
अगर सोने के अन्य कैरेट की बात करें तो हर श्रेणी में तेजी साफ नजर आई। 22 कैरेट सोना ₹1,38,181 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 18 कैरेट ₹1,13,140 और 14 कैरेट ₹88,249 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
इससे यह स्पष्ट होता है कि बाजार में सिर्फ निवेश ही नहीं बल्कि ज्वैलरी डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है।
आखिर क्यों अचानक बढ़ गए सोने-चांदी के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और डॉलर की चाल है। जब भी आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर रुख करते हैं, और ऐसे में सोना-चांदी ‘सेफ हेवन’ के रूप में उभरते हैं। इसके अलावा, भारत में आने वाला वेडिंग सीजन भी डिमांड को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे कीमतों को और समर्थन मिलता है।
निवेशकों की ‘सेफ हेवन’ रणनीति का असर
हाल के समय में निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों में पैसा लगाना शुरू किया है। सोना और चांदी ऐसे समय में सबसे भरोसेमंद विकल्प माने जाते हैं। इस बार भी निवेशकों ने निचले स्तरों पर जमकर खरीदारी की, जिसे ‘बार्गेन बाइंग’ कहा जाता है। इसी वजह से कीमतों में तेजी और मजबूत हुई।
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अमेरिका-ईरान संबंधों का भी पड़ा असर
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। इस वजह से निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की। हालांकि यह स्थिति दोहरी है-एक ओर शांति की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर अनिश्चितता भी बनी हुई है, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों में पैसा बढ़ाया।
कहां तक जा सकते हैं दाम?

कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, सोने और चांदी में अभी और तेजी देखने को मिल सकती है। उनका अनुमान है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4800 डॉलर तक पहुंच सकता है, जो भारतीय बाजार में करीब ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है। वहीं चांदी भी 78 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, जो भारत में लगभग ₹2.57 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर हो सकता है।
क्या निवेश का सही समय है?
अनुज गुप्ता ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए सोना और चांदी शामिल कर सकते हैं। उनका मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात और औद्योगिक मांग आने वाले समय में बुलियन मार्केट को और मजबूती देंगे। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति और जोखिम को समझना जरूरी है, क्योंकि तेजी के साथ उतार-चढ़ाव भी बना रह सकता है।
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आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक अनिश्चितता और निवेश मांग बनी रहती है, तो सोने-चांदी की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं अगर डॉलर मजबूत होता है या वैश्विक हालात स्थिर होते हैं, तो कीमतों में थोड़ी नरमी भी आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहते हुए फैसले लेने की जरूरत है।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं, जिन्हें हेल्थ और बिजनेस विषयों पर 4 वर्षों का अनुभव है। स्वास्थ्य और बिजनेस से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी साझा करती हैं और वर्तमान में Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।


