April 1, 2026
अदाणी ग्रुप कंपनियों का मर्जर और कॉरपोरेट स्ट्रक्चर

कंपोजिट स्कीम के तहत अदाणी ग्रुप की कंपनियों का पुनर्गठन | Image Source - Social Media

Adani Companies Merger: Adani Group ने 5 कंपनियों के मर्जर के जरिए अपनी कॉरपोरेट संरचना को सरल और अधिक प्रभावी बनाया।

Adani Group Composite Scheme 2026: Adani Group ने 1 अप्रैल 2026 से अपनी पांच कंपनियों के बीच ‘कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट’ लागू कर दी है। यह कदम ग्रुप की कॉरपोरेट संरचना को सरल और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। बाजार बंद होने के बाद दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया गया कि इस स्कीम के लागू होने के साथ ही समूह की तीन कंपनियों का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया है।

NCLT की मंजूरी के बाद लागू हुई स्कीम

इस योजना को लागू करने से पहले National Company Law Tribunal (NCLT), अहमदाबाद बेंच से आवश्यक मंजूरी प्राप्त की गई थी। 16 मार्च 2026 को इस स्कीम को स्वीकृति मिल चुकी थी। इसके बाद सभी कानूनी और प्रक्रियात्मक शर्तों को पूरा करते हुए 1 अप्रैल से इसे प्रभावी बना दिया गया। यह दर्शाता है कि पूरा मर्जर एक सुनियोजित और नियामकीय प्रक्रिया के तहत किया गया है।

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किन कंपनियों को किया गया शामिल

इस कंपोजिट स्कीम में अदाणी समूह की कुल पांच कंपनियां और उनके शेयरधारक शामिल रहे। इनमें अदाणी ग्रीन टेक्नोलॉजी लिमिटेड (AGTL), अदाणी इमर्जिंग बिजनेसेस प्राइवेट लिमिटेड (AEBPL), अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL), अदाणी ट्रेडकॉम लिमिटेड (ATL) और अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ANIL) शामिल हैं। इन कंपनियों के बीच पुनर्गठन के जरिए एक अधिक संगठित और केंद्रीकृत ढांचा तैयार किया गया है।

AEL बना मुख्य ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म

इस स्कीम के तहत AGTL और AEBPL का विलय सीधे अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) में कर दिया गया है। AEL को इस पूरी संरचना का मुख्य केंद्र बनाया गया है, जिससे ग्रुप की विभिन्न गतिविधियों को एक प्लेटफॉर्म पर संचालित किया जा सके। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होने और संसाधनों का बेहतर उपयोग होने की उम्मीद है।

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ATL का ANIL में विलय

दूसरी ओर, अदाणी ट्रेडकॉम लिमिटेड (ATL) को अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ANIL) में समाहित कर दिया गया है। यह कदम विशेष रूप से नए उद्योगों और उभरते सेक्टर्स में ग्रुप की उपस्थिति को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। ANIL को भविष्य की ग्रोथ और इनोवेशन का केंद्र माना जा रहा है।

तीन कंपनियों का अस्तित्व हुआ समाप्त

तीन कंपनियों का अस्तित्व हुआ समाप्त

इस मर्जर के पूरा होने के बाद AGTL, AEBPL और ATL-इन तीनों कंपनियों का अलग कानूनी अस्तित्व समाप्त हो गया है। खास बात यह है कि इन कंपनियों को पारंपरिक लंबी लिक्विडेशन प्रक्रिया के बिना ही सीधे भंग कर दिया गया। यह संभव हुआ क्योंकि यह पूरा बदलाव ‘कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट’ के तहत किया गया, जो कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुरूप है।

ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस

इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य ग्रुप के ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करना और कार्यक्षमता बढ़ाना है। कई कंपनियों के बीच बिखरे कार्यों को एकीकृत करने से लागत में कमी और बेहतर तालमेल संभव होगा। इससे न केवल मैनेजमेंट आसान होगा बल्कि निवेशकों के लिए भी ग्रुप की संरचना अधिक पारदर्शी बनेगी।

ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर पर विशेष ध्यान

यह स्कीम खास तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन और उससे जुड़े डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स के विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। अदाणी समूह इस सेक्टर में बड़ा निवेश कर रहा है और एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। यह कदम भारत की ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) रणनीति के साथ भी मेल खाता है।

निवेशकों और बाजार पर संभावित असर

इस तरह के कॉरपोरेट पुनर्गठन का असर शेयर बाजार और निवेशकों पर भी पड़ सकता है। एकीकृत संरचना से ग्रुप की वैल्यूएशन बेहतर हो सकती है और निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। साथ ही, यह कदम भविष्य में ग्रुप की विस्तार योजनाओं को और गति दे सकता है।

भविष्य की रणनीति का संकेत

अदाणी समूह का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि कंपनी आने वाले समय में बड़े स्तर पर विस्तार और नई तकनीकों में निवेश की दिशा में आगे बढ़ रही है। एक मजबूत और केंद्रीकृत ढांचे के जरिए ग्रुप वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

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