March 30, 2026
गोल्ड बार और सिल्वर कॉइन्स की फोटो।

भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट। | (Image - Unsplash)

Gold Price Today: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच आज भारतीय सर्राफा बाजार में बड़ी हलचल देखी जा रही है।

Gold Price Today Hike: दुनियाभर में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल, विशेषकर मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में युद्ध की स्थिति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल है, जिसके कारण वे शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे निवेशों से अपना हाथ खींच रहे हैं। जब भी दुनिया में युद्ध या आर्थिक मंदी के बादल छाते हैं, तब निवेशक ‘सेफ हैवन’ (Safe Haven) यानी सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं।

सोना और चांदी हमेशा से संकट के समय में निवेशकों की पहली पसंद रहे हैं। इसी जबरदस्त ‘सेफ हैवन डिमांड’ के चलते आज सोने और चांदी की कीमतों ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भारतीय बाजारों में आज सुबह से ही खरीदारी का भारी दबाव देखा जा रहा है।

MCX पर सोने ने रचा नया इतिहास

MCX पर सोने ने रचा नया इतिहास

घरेलू वायदा बाजार (MCX) में आज बुधवार को सोने की कीमतों में जो उछाल आया है, उसने आम आदमी से लेकर बड़े ज्वैलर्स तक को हैरान कर दिया है। होली के इस त्योहारी सीजन में सोने के दाम में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का भाव 1.26 फीसदी यानी करीब 2025 रुपये की भारी बढ़त के साथ 1,63,133 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

यह बढ़त दर्शाती है कि बाजार में सोने की उपलब्धता के मुकाबले मांग कई गुना बढ़ गई है। जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है।

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चांदी की चमक ने किया हैरान

चांदी की चमक ने किया हैरान

सोने के नक्शेकदम पर चलते हुए चांदी ने भी आज लंबी दौड़ लगाई है। चांदी की कीमतों में आया उछाल सोने के मुकाबले कहीं अधिक तीव्र है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश की दोहरी शक्ति के कारण चांदी अब 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर तेजी से बढ़ रही है।

MCX एक्सचेंज पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी का भाव 2.37 फीसदी या 6,283 रुपये की भारी तेजी के साथ 2,71,601 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करता देखा गया। चांदी की यह रफ्तार उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जो शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी की योजना बना रहे थे, लेकिन निवेशकों के लिए यह चांदी काटने जैसा समय है।

ग्लोबल मार्केट में बुलियन का दबदबा

भारतीय बाजारों में आई यह तेजी केवल स्थानीय कारणों से नहीं है, बल्कि ग्लोबल मार्केट में मची हलचल का सीधा असर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (COMEX) पर सोने का वैश्विक भाव बुधवार सुबह 0.83 फीसदी की बढ़त के साथ 5,166.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, अगर हाजिर बाजार (Gold Spot) की बात करें तो वहां कीमतें 1.39 फीसदी की छलांग लगाकर 5,159.42 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही हैं।

वैश्विक स्तर पर डॉलर की स्थिति और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी ने कीमतों को इस ऊंचे स्तर पर टिकाए रखा है। विदेशी एक्सपर्ट्स का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियां सोने को और मजबूती प्रदान कर रही हैं।

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अंतरराष्ट्रीय चांदी बाजार में ‘ब्रेकआउट’ की स्थिति

चांदी की वैश्विक कीमतों में आज जो तेजी देखी जा रही है, उसे बाजार की भाषा में ‘ब्रेकआउट’ कहा जा सकता है। कॉमेक्स पर चांदी का वैश्विक भाव 1.47 फीसदी की बढ़त के साथ 84.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। वहीं, सिल्वर स्पॉट में इससे भी अधिक तेजी है, जहाँ भाव 3.52 फीसदी की तूफानी बढ़त के साथ 84.90 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।

चांदी में आई यह तेजी न केवल निवेश के कारण है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर पैनल उद्योग में चांदी की बढ़ती खपत भी इसकी कीमतों को सपोर्ट कर रही है। चांदी अब केवल एक आभूषण की धातु नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु बनकर उभरी है।

होली और शादियों के सीजन पर कीमतों का असर

होली और शादियों के सीजन पर कीमतों का असर

भारत में इस समय होली का त्योहार और उसके ठीक बाद शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। भारतीय संस्कृति में सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है। हालांकि, मौजूदा कीमतों ने मध्यम वर्ग की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। ज्वैलर्स का कहना है कि ऊंचे भावों के कारण फुटकर मांग में थोड़ी कमी देखी जा सकती है, लेकिन निवेश के उद्देश्य से आने वाले ग्राहक अभी भी सक्रिय हैं।

लोगों को डर है कि कहीं कीमतें और ज्यादा न बढ़ जाएं, इसलिए ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) भी देखने को मिल रही है। बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए और गिरावट पर ही खरीदारी करनी चाहिए।

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