
गलत खाते में पैसा ट्रांसफर होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करना जरूरी। | (फोटो-IANS)
Wrong UPI Transaction: भारत में डिजिटल पेमेंट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने लोगों के लिए पैसों का लेन-देन बेहद आसान बना दिया है। मोबाइल फोन से कुछ ही सेकंड में किसी भी व्यक्ति या व्यापारी को भुगतान किया जा सकता है। हालांकि इस सुविधा के साथ एक जोखिम भी जुड़ा है-अगर थोड़ी सी लापरवाही हो जाए तो पैसा गलत खाते में ट्रांसफर हो सकता है।
ऐसी स्थिति में कई लोग घबरा जाते हैं और समझ नहीं पाते कि आगे क्या किया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर सही कदम उठाए जाएं तो गलत खाते में भेजा गया पैसा वापस मिलने की संभावना बनी रहती है।
जल्दबाजी या गलती से हो सकता है Wrong UPI Transaction
डिजिटल पेमेंट के दौरान सबसे ज्यादा गलतियां जल्दबाजी में होती हैं। कई बार लोग मोबाइल नंबर या UPI ID गलत दर्ज कर देते हैं या QR कोड स्कैन करते समय सामने दिख रहे नाम को ठीक से जांच नहीं पाते।
इसके अलावा कई मामलों में किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर भी लोग भुगतान कर देते हैं, जिससे पैसा गलत खाते में चला जाता है। इसी तरह के मामलों को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आम लोगों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि यदि Wrong UPI Transaction हो जाए तो पैसे वापस पाने के लिए किन जरूरी कदमों का पालन करना चाहिए।
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सबसे पहले सुरक्षित रखें ट्रांजेक्शन का डिजिटल सबूत
अगर आपको पता चलता है कि पैसा गलत खाते में चला गया है, तो सबसे पहला कदम उस ट्रांजेक्शन का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित करना होना चाहिए। इसके लिए तुरंत ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट लें और UTR (Unique Transaction Reference) नंबर नोट कर लें।
UTR नंबर 12 अंकों का एक विशेष कोड होता है जो हर डिजिटल ट्रांजेक्शन के साथ जुड़ा होता है। इसी नंबर की मदद से बैंक और पेमेंट कंपनियां ट्रांजेक्शन को ट्रैक कर सकती हैं। यदि आपके पास यह जानकारी सुरक्षित रहती है तो शिकायत दर्ज करने और पैसे वापस पाने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है।
UPI ऐप में तुरंत दर्ज करें शिकायत
गलत ट्रांजेक्शन के बाद अगला कदम उस UPI ऐप में शिकायत दर्ज करना है जिससे आपने भुगतान किया था। आजकल Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे कई प्लेटफॉर्म यह सुविधा देते हैं।
ऐप की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में जाकर संबंधित भुगतान को चुनें और “Report a Problem” या “Raise a Dispute” विकल्प का चयन करें। इसके बाद आपको कुछ जानकारी भरनी होगी, जैसे ट्रांजेक्शन का समय, राशि और समस्या का विवरण।
जैसे ही यह शिकायत दर्ज होती है, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और बैंक को तुरंत इसकी सूचना मिल जाती है। इससे ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना और संभावित समाधान ढूंढना आसान हो जाता है।
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बैंक को तुरंत सूचना देना भी है जरूरी
UPI ऐप में शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ अपने बैंक को भी तुरंत जानकारी देना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर लिखित शिकायत कर सकते हैं या कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
शिकायत करते समय बैंक को ट्रांजेक्शन से जुड़ी पूरी जानकारी दें, जैसे लाभार्थी की UPI ID, ट्रांजेक्शन की तारीख और समय, तथा भेजी गई राशि। बैंक इन विवरणों के आधार पर संबंधित खाते से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी जल्दी बैंक को सूचना दी जाएगी, उतनी ही तेजी से मामले की जांच और समाधान की संभावना बढ़ जाएगी।
NPCI पोर्टल के जरिए भी कर सकते हैं शिकायत
अगर ऐप या बैंक के माध्यम से आपकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आप सीधे NPCI (National Payments Corporation of India) के पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
NPCI भारत में UPI सिस्टम को संचालित करने वाली संस्था है और यह डिजिटल भुगतान से जुड़ी शिकायतों को भी देखती है। इसके अलावा उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800-120-1740 पर कॉल करके भी अपनी समस्या दर्ज करवा सकते हैं।
यह विकल्प खासतौर पर तब उपयोगी होता है जब आपको बैंक या ऐप की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
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सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल भुगतान करते समय कुछ जरूरी सावधानियां जरूर बरतें।
सबसे पहले, भुगतान करने से पहले स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नाम को ध्यान से जांचें। यदि नाम संदिग्ध लगे या पहचान में न आए तो ट्रांजेक्शन करने से बचें।
इसके अलावा किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या दबाव में आकर तुरंत भुगतान न करें। कई साइबर ठग इसी तरीके से लोगों को धोखा देते हैं।
पैसा पाने के लिए कभी न डालें UPI PIN
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार एक महत्वपूर्ण नियम हमेशा याद रखना चाहिए-पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
यदि कोई व्यक्ति आपसे कहता है कि पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करें या PIN दर्ज करें, तो समझ लें कि यह धोखाधड़ी का प्रयास हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की जानकारी साझा न करें।
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जागरूकता से ही सुरक्षित रहेगा डिजिटल भुगतान
डिजिटल पेमेंट आज के समय की जरूरत बन चुका है और यह लोगों के जीवन को काफी आसान भी बना रहा है। लेकिन इसके साथ सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना भी उतना ही जरूरी है।
यदि कभी गलती से Wrong UPI Transaction हो जाए तो घबराने की बजाय तुरंत सही कदम उठाएं। डिजिटल सबूत सुरक्षित रखें, ऐप और बैंक में शिकायत दर्ज करें और जरूरत पड़ने पर NPCI से संपर्क करें। सही समय पर की गई कार्रवाई से कई मामलों में पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं। जिन्हें क्रिकेट, फिल्में, मूवी रिव्यू, ट्रेंडिंग खबरें, लाइफस्टाइल और बिजनेस जैसे विषयों पर कंटेंट लिखने का 4 वर्षों का अनुभव है। वह Hind 24 के लिए काम कर रही हैं।


