Kindle Support End: पुराने Kindle यूजर्स के लिए जरूरी खबर, अमेजन ने बंद किया सपोर्ट, अब नहीं चलेगी इंटरनेट सेवा

Kindle Support End: Amazon ने 2012 से पहले लॉन्च हुए Kindle डिवाइस का सपोर्ट 20 मई 2026 से बंद करने का ऐलान किया है, जिससे लाखों यूजर्स प्रभावित होंगे और पुराने डिवाइस पर नई किताबें डाउनलोड करना संभव नहीं रहेगा।

Amazon Kindle Update Shock: दुनियाभर में ई-बुक्स पढ़ने के शौकीनों के लिए मशहूर Amazon ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसने पुराने Kindle यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी ने घोषणा की है कि 2012 से पहले लॉन्च हुए सभी Kindle डिवाइस के लिए सपोर्ट 20 मई 2026 से बंद कर दिया जाएगा। इसका सीधा असर उन लाखों यूजर्स पर पड़ेगा, जो वर्षों से अपने पुराने Kindle पर किताबें पढ़ते और खरीदते आ रहे हैं।

क्यों बंद किया जा रहा है सपोर्ट

Amazon का कहना है कि पुराने Kindle डिवाइस अब तकनीकी रूप से काफी पुराने हो चुके हैं और आधुनिक फीचर्स व सिक्योरिटी अपडेट्स को सपोर्ट नहीं कर पाते। बदलती टेक्नोलॉजी और बढ़ती डेटा जरूरतों के कारण इन डिवाइस को अपडेट करना संभव नहीं रह गया है। कंपनी के अनुसार, इन मॉडल्स को पहले ही 14 से 18 साल तक सपोर्ट दिया जा चुका है, जो किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए काफी लंबा समय माना जाता है।

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किन-किन Kindle मॉडल्स पर पड़ेगा असर

इस फैसले से कई लोकप्रिय पुराने Kindle मॉडल्स प्रभावित होंगे। इनमें पहली जनरेशन का Kindle (2007), Kindle DX, Kindle Keyboard, Kindle 4, Kindle 5 और 2012 में लॉन्च हुआ Kindle Touch शामिल हैं। इसके अलावा, पहली जनरेशन का Kindle Paperwhite और पुराने Kindle Fire टैबलेट्स भी इस सूची में शामिल हैं। अनुमान है कि इस फैसले से दुनियाभर में करीब 20 लाख डिवाइस प्रभावित हो सकते हैं।

Kindle Store एक्सेस होगा खत्म

Kindle Store एक्सेस होगा खत्म

20 मई के बाद इन पुराने डिवाइस पर Kindle Store का एक्सेस पूरी तरह बंद हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि यूजर्स अब इन डिवाइस के जरिए नई ई-बुक्स खरीद या डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। हालांकि, पहले से डाउनलोड की गई किताबें सुरक्षित रहेंगी और उन्हें पढ़ने में कोई परेशानी नहीं होगी।

पुरानी लाइब्रेरी और अकाउंट सुरक्षित रहेंगे

यूजर्स के लिए राहत की बात यह है कि उनकी Kindle लाइब्रेरी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। आप अपनी खरीदी गई किताबों को Kindle App या डेस्कटॉप के जरिए एक्सेस कर सकते हैं। यानी भले ही पुराना डिवाइस सीमित हो जाए, लेकिन आपकी डिजिटल लाइब्रेरी कहीं नहीं जाएगी।

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फैक्ट्री रिसेट करने पर हो सकता है नुकसान

Amazon ने एक अहम चेतावनी भी दी है। अगर यूजर्स अपने पुराने Kindle डिवाइस को फैक्ट्री रिसेट करते हैं, तो वे दोबारा उसे सेटअप नहीं कर पाएंगे। यानी रिसेट करने के बाद डिवाइस पूरी तरह बेकार हो सकता है। ऐसे में यूजर्स को सलाह दी जा रही है कि वे बिना जरूरत अपने डिवाइस को रिसेट न करें।

यूजर्स को नए डिवाइस पर शिफ्ट करने की तैयारी

कंपनी पुराने यूजर्स को नए Kindle डिवाइस पर अपग्रेड करने के लिए आकर्षक ऑफर्स और डिस्काउंट देने की योजना बना रही है। इससे यूजर्स को नई टेक्नोलॉजी और बेहतर फीचर्स का अनुभव मिलेगा। हालांकि, कई यूजर्स इसे मजबूरी में अपग्रेड करने का कदम मान रहे हैं।

सोशल मीडिया पर विरोध और आलोचना

Amazon के इस फैसले की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। कई यूजर्स का कहना है कि उनके डिवाइस अभी भी अच्छी तरह काम कर रहे हैं, फिर भी कंपनी उन्हें अप्रचलित बना रही है। लोगों का आरोप है कि यह कदम यूजर्स को नए डिवाइस खरीदने के लिए मजबूर करने की रणनीति हो सकता है।

पर्यावरण पर भी पड़ सकता है असर

पर्यावरण पर भी पड़ सकता है असर

पर्यावरण विशेषज्ञों ने भी इस फैसले पर चिंता जताई है। Restart Project जैसे संगठनों का कहना है कि इससे भारी मात्रा में ई-वेस्ट पैदा होगा। अनुमान के मुताबिक, इस फैसले से करीब 624 टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा बढ़ सकता है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

सुरक्षा के नजरिए से कितना सही फैसला

कुछ तकनीकी विशेषज्ञ इस फैसले को सुरक्षा के लिहाज से सही मानते हैं। पुराने डिवाइस में लेटेस्ट सिक्योरिटी फीचर्स की कमी होती है, जिससे हैकिंग और डेटा चोरी का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में कंपनी का यह कदम यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया माना जा रहा है।

बदलाव के दौर में टेक्नोलॉजी की सच्चाई

Amazon का यह फैसला टेक्नोलॉजी की तेजी से बदलती दुनिया की एक सच्चाई को दर्शाता है। जहां नई तकनीकें लगातार विकसित हो रही हैं, वहीं पुराने डिवाइस धीरे-धीरे अप्रचलित होते जा रहे हैं। यूजर्स के लिए यह जरूरी है कि वे समय के साथ अपने डिवाइस को अपडेट करें, लेकिन साथ ही कंपनियों को भी पर्यावरण और उपभोक्ता हितों का ध्यान रखना चाहिए।

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