March 31, 2026
उत्तर भारत में बढ़ती गर्मी और साफ मौसम

उत्तर भारत में तेज धूप के साथ बढ़ता तापमान | (फाइल फोटो-ITG)

Weather News: उत्तर भारत में बढ़ते तापमान और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्री-मॉनसून के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे हैं।

Pre-Monsoon Heat: उत्तर भारत में मौसम का मिज़ाज अब साफ़ तौर पर बदलता नज़र आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के कमजोर पड़ने के बाद आसमान साफ़ हो गया है और तेज़ धूप निकलने लगी है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

हालात ऐसे बन रहे हैं कि फरवरी के महीने में ही गर्मी का अहसास होने लगा है, जो आमतौर पर मार्च-अप्रैल में देखने को मिलता है। मौसम विशेषज्ञ इसे प्री-मॉनसून सीजन की शुरुआती आहट मान रहे हैं, जहां मॉनसून से पहले गर्मी और आंधी-तूफान के साथ बारिश का दौर शुरू होता है।

सामान्य से 3-5 डिग्री ज्यादा तापमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में दिन का तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में हाल ही में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि आमतौर पर फरवरी में यह 22-25 डिग्री के बीच रहता है। यह बदलाव साफ़ तौर पर मौसम के ट्रेंड में परिवर्तन को दर्शाता है।

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पहाड़ों से मैदानों तक मौसम का असर

बीते कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश देखने को मिली थी, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली थी। लेकिन अब यह सिस्टम कमजोर हो चुका है। नतीजतन अधिकतर राज्यों में मौसम साफ है और तेज़ धूप निकल रही है। यही कारण है कि दिन के तापमान में तेज़ी से इज़ाफा हो रहा है और गर्मी का असर महसूस होने लगा है।

बारिश की संभावना कम

बारिश की संभावना कम

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक फरवरी के बचे हुए दिनों में मैदानों और पहाड़ों दोनों जगह किसी भी मजबूत मौसम प्रणाली की संभावना नहीं है। पूरे महीने की स्थिति पर नज़र डालें तो उत्तर भारत में सर्दियों की बारिश सामान्य से कम रही है। आगे भी ज्यादातर शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है, जिससे मौसमी बारिश की कमी और बढ़ सकती है। इसका सीधा असर खेती, जलस्तर और मौसम संतुलन पर भी पड़ सकता है।

कई इलाकों में 30°C के पार तापमान

बादलों की कमी और तेज़ धूप के कारण अधिकतम तापमान मिड-20 डिग्री से बढ़कर ऊपरी 20 डिग्री तक पहुंच रहा है। पश्चिम और उत्तर राजस्थान तथा हरियाणा से सटे क्षेत्रों में तापमान के 30 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में बहुत ज़्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है, जिससे मौसम का असंतुलन और महसूस होगा।

प्री-मॉनसून की आहट

मौसम विभाग के अनुसार 20 फरवरी से दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वीकेंड तक दिल्ली में तापमान 30°C के पार जाने की संभावना है। वहीं, अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सतही और निचले स्तर की हवाओं में बदलाव भी देखा जा रहा है, जो प्री-मॉनसून सीजन की शुरुआत के संकेत माने जाते हैं।

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अगले 24 घंटे का मौसम पूर्वानुमान

स्काईमेट वेदर के अनुसार उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर बारिश और हल्की बर्फबारी संभव है। वहीं तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में 20 से 22 फरवरी के बीच बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा।

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