
सर्राफा बाजार में वैलेंटाइन डे पर सोना-चांदी की चमक | (Image - Freepik)
Gold Silver Price Today: वैलेंटाइन डे के मौके पर सर्राफा बाजार में ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने निवेशकों के चेहरे खिला दिए। सोना और चांदी दोनों ने जोरदार तेजी के साथ कारोबार किया। घरेलू से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिली, जिससे यह साफ संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर लौट रहा है।
MCX पर जोरदार उछाल, चांदी ने मारी सबसे ऊंची छलांग

शुक्रवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में करीब 8,110 रुपये की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और यह 2,44,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। वहीं सोने में भी 3,266 रुपये की मजबूती देखने को मिली। यह तेजी सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकेतों से जुड़ी एक मजबूत ट्रेंड लाइन का हिस्सा मानी जा रही है।
दिल्ली-मुंबई में सोने की कीमतों ने बनाया नया स्तर
घरेलू बाजार में राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर लगभग 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जबकि मुंबई में यह करीब 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। खास बात यह रही कि इससे एक दिन पहले ही बाजार में गिरावट देखने को मिली थी, जिससे यह तेजी और भी ज्यादा मजबूत मानी जा रही है।
गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी, निवेशकों को मिला भरोसा
एक दिन पहले दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत करीब 2,400 रुपये टूटकर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी और चांदी 13,500 रुपये गिरकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी। लेकिन वैलेंटाइन डे पर बाजार ने जिस तरह से पलटवार किया, उसने साफ कर दिया कि यह गिरावट सिर्फ अस्थायी करेक्शन थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूत चमक

वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की चमक बरकरार रही। हाजिर सोना करीब 4,968 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा, जबकि COMEX पर सोना 5,046 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ, जिसमें लगभग 2% की इंट्राडे तेजी दर्ज की गई। वहीं चांदी भी 3% से ज्यादा उछलकर 77.96 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
अमेरिकी CPI आंकड़ों ने बदला निवेश का मूड
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुमान से कम रहने के कारण डॉलर पर दबाव बना। जनवरी 2026 में अमेरिकी महंगाई दर 2.40% रही, जो बाजार अनुमान 2.50% से कम थी। इसी वजह से निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोना-चांदी की ओर रुख किया।
लंबी अवधि का बुल रन अभी बाकी
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा तेजी केवल शॉर्ट टर्म मूव नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म बुलिश ट्रेंड का हिस्सा है। वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियां, संरचनात्मक मांग और निवेशकों की बदलती रणनीति आने वाले वर्षों में सोना-चांदी को मजबूती देती रहेंगी।
सोना बना सकता है नए रिकॉर्ड

जेपी मॉर्गन के अनुमान के अनुसार, 2026 के अंत तक सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे गिरावट के समय चरणबद्ध निवेश करें और पोर्टफोलियो में सोना-चांदी को दीर्घकालिक सुरक्षा कवच के रूप में बनाए रखें।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं। जिन्हें क्रिकेट, फिल्में, मूवी रिव्यू, ट्रेंडिंग खबरें, लाइफस्टाइल और बिजनेस जैसे विषयों पर कंटेंट लिखने का 4 वर्षों का अनुभव है। वह Hind 24 के लिए काम कर रही हैं।


