
ट्रंप के बयान के बाद शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी | Image Source - Social Media
Stock Market Trump Effect: सोमवार के भारी गिरावट वाले कारोबारी दिन के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी दोनों ही इंडेक्स ग्रीन जोन में खुले और शुरुआती कारोबार में ही मजबूत बढ़त दर्ज की। यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी रही, क्योंकि पिछले दिन बाजार में भारी नुकसान हुआ था।
ओपनिंग में सेंसेक्स-निफ्टी की दमदार छलांग
मंगलवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 1500 अंकों की छलांग के साथ 74,000 के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 200 अंकों से अधिक बढ़त के साथ 23,000 के करीब कारोबार करता नजर आया। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद थोड़ी मुनाफावसूली भी देखी गई, लेकिन बाजार ने मजबूती बनाए रखी। यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा फिर से लौट रहा है।
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हर सेक्टर में दिखी हरियाली
तेजी का असर केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी उछाल देखने को मिला। BSE लार्जकैप इंडेक्स में शामिल अधिकांश कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। खासतौर पर एविएशन, पेंट्स, पोर्ट्स और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार का माहौल पूरी तरह पॉजिटिव बना रहा।
सोमवार का दिन निवेशकों के लिए रहा भारी
इससे पहले सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। सेंसेक्स 1800 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में भी 600 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी। इस गिरावट के चलते निवेशकों को एक ही दिन में करीब 12 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस क्रैश की वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंका थी, जिसने वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित किया।
Donald Trump के बयान से बदला बाजार का मूड
मंगलवार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का बयान रहा। उन्होंने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टालने का ऐलान किया। इससे वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत मिले और निवेशकों का डर घटा। इस फैसले के बाद अमेरिकी बाजारों में तेजी आई, जिसका असर एशियाई बाजारों और भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ तौर पर देखा गया।
ग्लोबल संकेतों का भारतीय बाजार पर असर
भारतीय शेयर बाजार अक्सर वैश्विक संकेतों से प्रभावित होता है। अमेरिका और एशियाई बाजारों में आई तेजी ने भारतीय बाजार को मजबूत शुरुआत दी। विदेशी निवेशकों का रुख भी सकारात्मक होता दिखा, जिससे बाजार में खरीदारी बढ़ी। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक राजनीतिक घटनाएं सीधे तौर पर भारतीय बाजार की दिशा तय कर सकती हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट बनी सहारा
बाजार में तेजी का एक और बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रहा। सोमवार को जहां क्रूड ऑयल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर थी, वहीं मंगलवार को यह घटकर करीब 100 डॉलर के आसपास आ गई। इससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत की स्थिति बनी, क्योंकि कम तेल कीमतें महंगाई और लागत पर सकारात्मक असर डालती हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मंगलवार की तेजी ने यह दिखाया कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिकवरी की क्षमता मजबूत बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को अभी भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि वैश्विक हालात पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।
आगे कैसा रहेगा बाजार का रुख?
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं, खासकर मिडिल ईस्ट की स्थिति और अमेरिकी नीतियों पर निर्भर करेगी। यदि तनाव कम रहता है और आर्थिक संकेत सकारात्मक रहते हैं, तो बाजार में तेजी जारी रह सकती है। वहीं किसी भी नकारात्मक खबर से फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं। जिन्हें क्रिकेट, फिल्में, मूवी रिव्यू, ट्रेंडिंग खबरें, लाइफस्टाइल और बिजनेस जैसे विषयों पर कंटेंट लिखने का 4 वर्षों का अनुभव है। वह Hind 24 के लिए काम कर रही हैं।


