Reliance Infrastructure Share: अनिल अंबानी की कंपनी Reliance Infrastructure Share एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय तक लगातार गिरावट झेलने के बाद अब इस शेयर में अचानक तेजी देखने को मिली है, जिसने बाजार के जानकारों और निवेशकों दोनों को चौंका दिया है। गुरुवार को बीएसई में कंपनी का शेयर 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 89.36 रुपये पर बंद हुआ। इस तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप भी 3651 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो हालिया समय में निवेशकों के भरोसे में आई वापसी का संकेत देता है।
5 दिन में 32% की जोरदार छलांग
पिछले पांच कारोबारी दिनों में Reliance Infrastructure Share ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 2 अप्रैल 2026 को 67.63 रुपये के स्तर पर मौजूद यह शेयर 9 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 89.36 रुपये तक पहुंच गया। यानी सिर्फ पांच दिनों में इसमें 32 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी उछाल आमतौर पर बाजार में सकारात्मक संकेत मानी जाती है और यह दर्शाती है कि निवेशकों की दिलचस्पी एक बार फिर इस शेयर में बढ़ रही है।
52 हफ्ते के निचले स्तर से मजबूत रिकवरी
यह शेयर हाल ही में अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर से भी अच्छी रिकवरी दिखा चुका है। 1 अप्रैल 2026 को यह 64.25 रुपये के स्तर पर था, जहां से अब तक इसमें 37 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कंपनी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 425 रुपये रहा है। इससे साफ है कि मौजूदा स्तर अभी भी अपने पीक से काफी नीचे है, लेकिन हालिया तेजी भविष्य के संकेत जरूर दे रही है।
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हिस्सेदारी पैटर्न में क्या कहते हैं आंकड़े
सितंबर 2025 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 19.05 प्रतिशत है, जबकि पब्लिक की हिस्सेदारी 80.84 प्रतिशत है। इस तरह का शेयरहोल्डिंग पैटर्न बताता है कि कंपनी में रिटेल निवेशकों की बड़ी भागीदारी है। ऐसे में शेयर में तेजी या गिरावट का सीधा असर छोटे निवेशकों पर ज्यादा पड़ता है, जो इस समय की तेजी से उत्साहित नजर आ रहे हैं।
इतिहास में भारी गिरावट और जबरदस्त वापसी

Reliance Infrastructure Share का इतिहास बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 15 जनवरी 2008 को यह शेयर 2641 रुपये के उच्च स्तर पर था, लेकिन इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आई और 27 मार्च 2020 को यह गिरकर सिर्फ 9.20 रुपये पर पहुंच गया। यानी इस दौरान इसमें 99 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस निचले स्तर से शेयर ने जबरदस्त वापसी भी की और बाद में इसमें 4300 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई। यह दर्शाता है कि यह शेयर उच्च जोखिम के साथ-साथ संभावित उच्च रिटर्न भी दे सकता है।
लंबी अवधि में अब भी दबाव बरकरार
हालांकि हालिया तेजी उत्साहजनक है, लेकिन लंबी अवधि के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर अभी भी दबाव में दिखाई देता है। पिछले एक साल में इस शेयर में 63 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। 9 अप्रैल 2025 को यह 243.80 रुपये पर था, जो 9 अप्रैल 2026 को घटकर 89.36 रुपये पर आ गया। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
छह महीने और तीन महीने का प्रदर्शन
अगर पिछले छह महीनों की बात करें तो Reliance Infrastructure Share में 61 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, साल 2026 की शुरुआत से अब तक यह शेयर करीब 43 प्रतिशत टूट चुका है। पिछले तीन महीनों में भी इसमें लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यानी हालिया तेजी के बावजूद शेयर का ट्रेंड अभी पूरी तरह से स्थिर नहीं हुआ है।
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निवेशकों के लिए क्या संकेत
शेयर में आई इस तेजी को बाजार विशेषज्ञ शॉर्ट टर्म मूवमेंट के तौर पर भी देख रहे हैं। हालांकि, कुछ निवेशकों के लिए यह एक अवसर हो सकता है, लेकिन इसमें जोखिम भी उतना ही ज्यादा है। ऐसे में निवेश से पहले पूरी रिसर्च और वित्तीय सलाह लेना जरूरी माना जा रहा है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह तेजी लंबे समय तक टिकेगी या नहीं।
Reliance Infrastructure Share के प्रदर्शन और आंकड़ों की पूरी झलक
| पैरामीटर | जानकारी |
|---|---|
| कंपनी का नाम | रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर |
| प्रमुख व्यक्ति | अनिल अंबानी |
| मौजूदा शेयर प्राइस | ₹89.36 |
| 1 दिन की तेजी | +5% |
| 5 दिन की तेजी | +32% |
| 52 हफ्ते का लो | ₹64.25 |
| 52 हफ्ते का हाई | ₹425 |
| लो से रिकवरी | +37% |
| मार्केट कैप | ₹3651 करोड़+ |
| 1 साल का प्रदर्शन | -63% |
| 6 महीने का प्रदर्शन | -61% |
| 3 महीने का प्रदर्शन | -40% |
| 2026 में अब तक | -43% |
| ऑल टाइम हाई (2008) | ₹2641 |
| ऑल टाइम लो (2020) | ₹9.20 |
| ऐतिहासिक गिरावट | -99% |
| लो से रिकवरी (2020 के बाद) | +4300% |
| प्रमोटर होल्डिंग | 19.05% |
| पब्लिक होल्डिंग | 80.84% |
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी शेयर बाजार के मौजूदा आंकड़ों और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है और इसमें लाभ के साथ नुकसान की भी संभावना रहती है।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया का अनुभव रखते हैं। बिजनेस, वित्त, निवेश, बाजार ट्रेंड्स और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों पर खास पकड़ है। फिलहाल वह Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






