March 29, 2026
सोना चांदी कीमत आज अंतरराष्ट्रीय बाजार

वैश्विक बाजार में हल्की गिरावट के बावजूद सोना-चांदी का लंबी अवधि का आउटलुक सकारात्मक। |Image Source - Social Media

Gold Silver Price: वैश्विक तनाव और तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे निवेश का संभावित मौका मान रहे हैं।

Gold Silver Price Today 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार, 11 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में स्पॉट गोल्ड मामूली दबाव के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, हालांकि यह अभी भी अपने मजबूत स्तर पर बना हुआ है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 0.34 प्रतिशत गिरकर 5,224 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करती नजर आई। यह गिरावट भले ही छोटी हो, लेकिन निवेशकों की नजर इस बात पर बनी हुई है कि कीमतें 5,200 डॉलर के अहम स्तर से ऊपर बनी हुई हैं।

इसी तरह चांदी की कीमतों में भी हल्की कमजोरी देखी गई और स्पॉट सिल्वर करीब 0.32 प्रतिशत गिरकर 89.35 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की तेजी के बाद यह गिरावट सामान्य करेक्शन का हिस्सा हो सकती है। कई निवेशक अभी भी सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं, इसलिए हल्की गिरावट के बावजूद बाजार में पैनिक का माहौल नहीं है।

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मध्य पूर्व तनाव और ऊर्जा बाजार की हलचल का असर

सोने और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं मानी जा रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया है। यह बयान अमेरिकी अधिकारी क्रिस राइट के एक सोशल मीडिया पोस्ट से अलग था, जिसे बाद में हटा दिया गया।

इस बयान के बाद ऊर्जा बाजारों में अचानक अस्थिरता बढ़ गई। मंगलवार को तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन बुधवार को उनमें फिर तेजी लौट आई। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में चल रहा संघर्ष अब अपने 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसका असर कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग ऑपरेशंस पर पड़ रहा है।

ऊर्जा बाजार में ऐसे उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव अक्सर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों पर पड़ता है। जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक इन धातुओं की ओर रुख करते हैं, लेकिन जब बाजार में अचानक बदलाव आते हैं तो कीमतों में अस्थायी गिरावट भी देखने को मिलती है।

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निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

टाटा म्यूचुअल फंड की मार्च 2026 की गोल्ड और सिल्वर आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए निवेशकों को सोने और चांदी दोनों में निवेश बनाए रखना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव जैसे कारक आने वाले समय में कीमती धातुओं को सपोर्ट दे सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट घबराने की वजह नहीं बल्कि अवसर हो सकती है। कीमतों में किसी भी बड़ी गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करना एक बेहतर रणनीति मानी जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में गोल्ड को एक रणनीतिक एसेट के रूप में शामिल करना चाहिए। यह न सिर्फ मुद्रास्फीति से बचाव देता है बल्कि बाजार की अस्थिरता के दौरान भी निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं चांदी को लेकर भी सकारात्मक नजरिया बरकरार है, क्योंकि इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बढ़ रही है।

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गोल्ड का तकनीकी विश्लेषण क्या कहता है?

एनरिच मनी की सीईओ पोनमुदी आर के अनुसार, सोना हाल ही में अपने ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंचने के बाद अब एक करेक्टिव फेज में प्रवेश कर चुका है। हालांकि, तकनीकी चार्ट्स के अनुसार सोने का व्यापक बुलिश ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कंसोलिडेशन जोन से मजबूत ब्रेकआउट और लगातार बने हुए मोमेंटम ने सोने को मजबूती दी है। मौजूदा समय में 5,000 से 5,100 डॉलर के बीच का सपोर्ट जोन काफी अहम माना जा रहा है। इस स्तर पर बाजार में मजबूत खरीदारी देखी जा रही है।

यदि किसी वजह से यह सपोर्ट जोन टूटता है तो कीमतें 4,900 डॉलर के स्तर तक फिसल सकती हैं। हालांकि जब तक सोना 5,000 डॉलर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार का बुलिश ट्रेंड कायम रह सकता है। वहीं 5,400 से 5,600 डॉलर के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट मिलने पर सोना नए रिकॉर्ड हाई की ओर बढ़ सकता है।

सिल्वर आउटलुक: क्या फिर बन सकता है नया रिकॉर्ड?

चांदी के बाजार को लेकर भी विशेषज्ञों का नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। पोनमुदी आर का कहना है कि हायर टाइमफ्रेम चार्ट्स पर चांदी का व्यापक बुलिश स्ट्रक्चर अभी भी बरकरार है। हाल ही में कीमतों ने अपने प्रमुख मूविंग एवरेज को फिर से हासिल कर लिया है, जो संभावित मजबूती का संकेत देता है।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, 76 से 80 डॉलर के बीच का सपोर्ट जोन काफी मजबूत माना जा रहा है और यहां लगातार खरीदारी देखी जा रही है। यदि कीमतें 90 से 95 डॉलर के ऊपर स्थिर होती हैं तो चांदी में फिर से तेजी का मजबूत दौर शुरू हो सकता है।

ऐसे में कीमतें 100 से 110 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ सकती हैं और पिछले ऑल-टाइम हाई को भी चुनौती दे सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों, सेफ-हेवन डिमांड और इंडस्ट्रियल उपयोग में बढ़ोतरी के कारण चांदी का मीडियम से लॉन्ग टर्म आउटलुक काफी सकारात्मक बना हुआ है।

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