Success Story of Ankur Warikoo: अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि जीवन में कोई भी शुरुआत छोटी नहीं होती। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महज 14,746 रुपये प्रति माह की सैलरी से की थी। सीमित संसाधनों और अनिश्चित भविष्य के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा। यही स्पष्ट सोच और लगातार मेहनत उनकी आगे की सफलता की बुनियाद बनी।
पीएचडी छोड़कर लिया बड़ा जोखिम
उनके जीवन का सबसे अहम मोड़ तब आया जब उन्होंने अमेरिका की मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में चल रहे अपने पूरी तरह फंडेड पीएचडी प्रोग्राम को बीच में ही छोड़ने का फैसला किया। यह निर्णय आसान नहीं था, क्योंकि यह एक सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर विकल्प था। इसके बावजूद उन्होंने भारत लौटकर इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) से MBA करने का निर्णय लिया, जिसके लिए उन्होंने लगभग 14.5 लाख रुपये की फीस चुकाई। यह कदम उनके जीवन का पहला बड़ा जोखिम था।
33 लाख की नौकरी को कहा अलविदा
MBA पूरा करने के बाद उन्हें एक प्रतिष्ठित कंसल्टिंग फर्म में 33 लाख रुपये सालाना का आकर्षक पैकेज मिला। यह किसी भी युवा पेशेवर के लिए एक सपना होता है, लेकिन अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) ने इसे भी छोड़ दिया। उनका मानना था कि स्टार्टअप की दुनिया में संभावनाएं अधिक हैं और वह कुछ बड़ा करना चाहते थे। यह फैसला उनके करियर का दूसरा बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
600 करोड़ के स्टार्टअप से अलग होने का फैसला
स्टार्टअप की दुनिया में उन्होंने तेजी से सफलता हासिल की और एक ऐसा बिजनेस खड़ा किया जिसकी वैल्यू 600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। आमतौर पर इस स्तर पर लोग स्थिरता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन 40 साल की उम्र में उन्होंने इस सफल स्टार्टअप से खुद को अलग कर लिया। यह निर्णय उनके साहस और आत्मविश्वास को दर्शाता है, जहां उन्होंने एक बार फिर शून्य से शुरुआत करने का रास्ता चुना।
अलग-अलग क्षेत्रों में आजमाया हाथ

अपने करियर में अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) ने कई सेक्टर में काम किया और लगातार नए प्रयोग किए। उनकी यात्रा में कई महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल हैं:
- ISB के दौरान secondshaadi.com के साथ पहला स्टार्टअप प्रयास
- ऑटोमोबाइल, शिक्षा और फाइनेंस सेक्टर में वेबसाइट डिजाइनिंग
- Gaadi.com की स्थापना, जिसे बाद में goibibo.com को बेचा गया
- Groupon India में फाउंडर-CEO के रूप में भूमिका
- Sequoia Capital के साथ मिलकर Nearby की शुरुआत
इन सभी प्रयासों ने उनके अनुभव को समृद्ध किया और उन्हें एक मजबूत उद्यमी के रूप में स्थापित किया।
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Nearby की सफलता और नई दिशा
साल 2015 में शुरू हुआ Nearby प्लेटफॉर्म लोकल बिजनेस और ग्राहकों के बीच एक कड़ी बना। इस प्लेटफॉर्म ने रेस्तरां, स्पा और अन्य सेवाओं पर आकर्षक डील्स प्रदान कीं। हालांकि, 2019 में अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) ने CEO पद छोड़कर कंटेंट क्रिएशन की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। यह उनके करियर का एक और साहसिक बदलाव था।
कंटेंट क्रिएटर के रूप में नई पहचान

CEO पद छोड़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बनाई। आज वह एक सफल कंटेंट क्रिएटर, मोटिवेशनल स्पीकर और बिजनेस कोच हैं। उनके वीडियो और लेख लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। खासकर युवा वर्ग उनके अनुभव और सलाह से काफी प्रभावित होता है।
कमाई और जीवनशैली का संतुलन
अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) ने खुद अपनी आय और खर्च के बारे में खुलकर जानकारी साझा की है। उनके अनुसार:
- सालाना आय: लगभग 50 लाख रुपये
- सालाना खर्च: 20 से 25 लाख रुपये
- आय के स्रोत: कंटेंट क्रिएशन, स्पीकिंग, निवेश और स्टार्टअप सलाह
उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल अधिक कमाई में नहीं, बल्कि संतुलित और संतुष्ट जीवन जीने में भी होती है।
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सफलता का असली मंत्र
अंकुर वारिकू (Ankur Warikoo) की कहानी यह सिखाती है कि सफलता के लिए जोखिम उठाना जरूरी है। उन्होंने हर बार सुरक्षित रास्ते को छोड़कर नए अवसरों को अपनाया। उनका मानना है कि:
- स्पष्ट लक्ष्य होना जरूरी है
- असफलता से डरना नहीं चाहिए
- समय-समय पर खुद को बदलना जरूरी है
इन्हीं सिद्धांतों ने उन्हें एक सफल उद्यमी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाया।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया का अनुभव रखते हैं। बिजनेस, वित्त, निवेश, बाजार ट्रेंड्स और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों पर खास पकड़ है। फिलहाल वह Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






