China 6G Internet Technology Breakthrough: दुनिया अभी 5G तकनीक को पूरी तरह अपनाने की कोशिश में लगी है, लेकिन चीन ने 6G Internet तकनीक की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने का दावा कर दिया है। चीन के वैज्ञानिकों ने ऐसी नई प्रणाली विकसित करने की बात कही है, जिसमें पारंपरिक WiFi या रेडियो वेव्स की जगह सफेद रोशनी के जरिए इंटरनेट डेटा ट्रांसफर किया जा सकेगा। इस तकनीक को भविष्य के सुपरफास्ट और स्मार्ट इंटरनेट नेटवर्क की नींव माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह तकनीक आने वाले वर्षों में इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है।
1.2 किलोमीटर तक सफल डेटा ट्रांसफर
साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने एक खास लेजर आधारित फोटोनिक इंजन तैयार किया है। इस इंजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह विजिबल लाइट कम्युनिकेशन यानी VLC तकनीक का उपयोग करता है। अब तक यह तकनीक केवल कुछ मीटर की दूरी तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन चीनी वैज्ञानिकों ने लगभग 1.2 किलोमीटर तक सफल डेटा ट्रांसफर कर नया रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है। विशेषज्ञ इसे 6G नेटवर्क की दिशा में बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
कम लागत में तैयार हुआ हाईटेक सिस्टम
वैज्ञानिकों के अनुसार इस फोटोनिक इंजन को महंगे धातु उपकरणों की बजाय कम लागत वाले सिरेमिक मटेरियल से तैयार किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में इस तकनीक को बड़े स्तर पर विकसित करना आसान और सस्ता हो सकता है। रिसर्च टीम का मानना है कि यदि इसका व्यावसायिक उपयोग शुरू होता है, तो शहरों में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक सिस्टम और सार्वजनिक नेटवर्किंग में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है।
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ड्रोन और एयर सर्विस में मिलेगा बड़ा फायदा
इस रिसर्च से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक Zhiguo Xia का कहना है कि यह तकनीक केवल इंटरनेट स्पीड बढ़ाने तक सीमित नहीं है। भविष्य में ड्रोन डिलीवरी, बिना पायलट वाले विमान और कम ऊंचाई पर संचालित एयर सेवाओं में भी यह सिस्टम बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। तेज और स्थिर डेटा ट्रांसफर की मदद से ऐसे सिस्टम ज्यादा सुरक्षित और बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे। माना जा रहा है कि AI आधारित नेटवर्किंग सिस्टम में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
6G नेटवर्क केवल डेटा नहीं, माहौल भी समझेगा

विशेषज्ञों का कहना है कि 6G तकनीक को केवल तेज इंटरनेट के रूप में नहीं देखा जा रहा। यह नेटवर्क आसपास की गतिविधियों को समझने और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगा। वैज्ञानिकों का दावा है कि जब इस नए लाइट इंजन को स्मार्टफोन, सेंसर और स्ट्रीट लाइट जैसी डिवाइसों के साथ जोड़ा जाएगा, तब नेटवर्क इंसानों की गतिविधियों और आसपास की हलचल को भी पहचान सकेगा। इससे स्मार्ट सिटी और ऑटोमेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को नई ताकत मिल सकती है।
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अभी भी बाकी हैं कई तकनीकी चुनौतियां
हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और वैज्ञानिकों के सामने कई चुनौतियां मौजूद हैं। मौजूदा सिस्टम में पीली रोशनी अधिक निकलती है, जबकि लाल रंग की कमी के कारण वास्तविक रंग पहचानने में समस्या आती है। इसके अलावा इसकी स्पीड अभी फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट जितनी तेज नहीं मानी जा रही। रिसर्च टीम अब ऐसे नए मटेरियल और तकनीकों पर काम कर रही है जो इसकी क्षमता और डेटा ट्रांसफर स्पीड को और बेहतर बना सकें।
खराब मौसम में भी बिना रुकावट इंटरनेट देने की तैयारी
वैज्ञानिक भविष्य में इस तकनीक को हर मौसम में प्रभावी बनाने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए लेजर आधारित इस सिस्टम को रेडियो फ्रीक्वेंसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के साथ जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में इंटरनेट की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि 6G तकनीक स्मार्ट शहरों, ऑटोमेशन और हाईस्पीड डिजिटल कम्युनिकेशन के नए युग की शुरुआत कर सकती है।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।






