Sikar Coaching Hub: राजस्थान का छोटा शहर सीकर अब सिर्फ शेखावाटी क्षेत्र की शिक्षा परंपरा के लिए ही नहीं, बल्कि देश के तेजी से उभरते Sikar Coaching Hub के रूप में भी पहचाना जा रहा है। मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कभी कोटा छात्रों की पहली पसंद माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सीकर ने जिस तेजी से अपनी पहचान बनाई है, उसने पूरे एजुकेशन सेक्टर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खासतौर पर NEET 2024 और NEET 2025 के शानदार रिजल्ट्स ने सीकर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
1996 से शुरू हुआ Sikar Coaching Hub का सफर
- सीकर लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत पहचान रखने वाला जिला रहा है।
- राजस्थान बोर्ड की मेरिट लिस्ट में यहां के छात्रों का वर्षों तक दबदबा देखने को मिला।
- Sikar Coaching Hub की शुरुआत करीब 1996 में छोटे बैच से हुई मानी जाती है।
- शुरुआती दौर में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी स्थानीय स्तर पर शुरू हुई।
- बाद में सीएलसी जैसे संस्थानों ने कोचिंग मॉडल को बड़े स्तर पर विकसित किया।
- स्थानीय शिक्षकों ने कोटा मॉडल से प्रेरित होकर सीकर में नया कोचिंग सिस्टम तैयार किया।
- बेहतर रिजल्ट आने के बाद प्रदेशभर से छात्र सीकर पहुंचने लगे।
- पिछले 8 से 10 वर्षों में Sikar Coaching Hub ने तेजी से विस्तार किया।
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कोरोना के बाद तेजी से बढ़ा Sikar Coaching Hub
कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा के दौर ने छात्रों और अभिभावकों की सोच में बड़ा बदलाव किया। इसी दौरान Sikar Coaching Hub ने भी तेजी से विस्तार किया। शहर की पिपराली रोड और नवलगढ़ रोड जैसे इलाके, जो कुछ साल पहले तक सामान्य आवासीय क्षेत्र थे, अब बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और हॉस्टल्स से भर चुके हैं।
हॉस्टल संचालकों के मुताबिक, सीकर में इस समय करीब 3000 से ज्यादा हॉस्टल और बड़ी संख्या में पीजी संचालित हो रहे हैं। यहां राजस्थान के अलावा हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी छात्र पहुंच रहे हैं। कोचिंग संस्थानों का दावा है कि छोटे बैच, पर्सनल फोकस और अपेक्षाकृत कम खर्च की वजह से छात्रों को बेहतर माहौल मिल रहा है।
NEET रिजल्ट ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान
- NEET 2024 और NEET 2025 के रिजल्ट के बाद देशभर में Sikar Coaching Hub की चर्चा तेज हुई।
- 700+ अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या सीकर में कोटा से ज्यादा बताई गई।
- 650 और 600 से अधिक अंक लाने वाले छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
- लगातार बेहतर रिजल्ट्स के कारण सीकर को “नया कोचिंग किंग” कहा जाने लगा।
- सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में Sikar Coaching Hub तेजी से चर्चा का केंद्र बना।
- कोटा अब भी बड़ा एजुकेशन हब है, लेकिन सीकर उसे कड़ी टक्कर देता नजर आ रहा है।
कोटा मॉडल पर क्यों उठने लगे सवाल?
एक समय ऐसा था जब मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का मतलब सिर्फ कोटा माना जाता था। लेकिन अब धीरे-धीरे तस्वीर बदल रही है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, कोटा में बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं, अत्यधिक प्रतिस्पर्धा और महंगा खर्च अभिभावकों को नए विकल्प तलाशने के लिए मजबूर कर रहा है।
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जहां कोटा में एक छात्र की सालाना पढ़ाई और रहने का खर्च 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं Sikar Coaching Hub में यही खर्च करीब 2.5 से 3 लाख रुपये के बीच माना जाता है। मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह बड़ा अंतर साबित हो रहा है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में छात्र कोटा छोड़कर सीकर का रुख कर रहे हैं।
पेपर लीक मामले ने बढ़ाई नई चिंताएं
हालांकि, NEET 2026 पेपर लीक मामले में सामने आए सीकर कनेक्शन ने Sikar Coaching Hub मॉडल पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती कोचिंग इंडस्ट्री के साथ पारदर्शिता और निगरानी बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। यदि समय रहते इन चुनौतियों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह मॉडल भी विवादों में घिर सकता है। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि सीकर अब सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश की कोचिंग इंडस्ट्री में एक बड़ी ताकत बन चुका है।

नगमा, एक प्रोफेशनल डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर लिखने का 3 साल का अनुभव है। वर्तमान में वह Hind 24 के साथ जुड़ी हुई हैं।






