युद्ध के बीच सरकार का बड़ा फैसला: 2.5 लाख करोड़ की Credit Guarantee Scheme से कारोबारियों को राहत

MSME Relief: भारत सरकार ने ईरान-इजराइल तनाव के बीच कारोबारियों को राहत देने के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की Credit Guarantee Scheme की तैयारी की है। योजना के तहत लोन पर 90% तक गारंटी मिलेगी।
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Credit Guarantee Scheme: ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने कारोबारियों और प्रभावित सेक्टरों को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार जल्द ही करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की Credit Guarantee Scheme लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इस योजना का उद्देश्य खासकर उन सेक्टरों को आर्थिक मदद पहुंचाना है, जो वर्तमान अंतरराष्ट्रीय संकट और बाजार में अस्थिरता से प्रभावित हैं।

क्रेडिट गारंटी के जरिए आसान लोन की सुविधा

नई योजना के तहत कारोबारियों को दिए जाने वाले लोन पर लगभग 90% तक की गारंटी National Credit Guarantee Trustee Company (NCGTC) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इसका मतलब यह है कि अगर कोई उधार लेने वाला पैसा चुकाने में असफल रहता है, तो बैंक को होने वाले नुकसान का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करेगी। इससे बैंकिंग संस्थानों के लिए जोखिम कम होगा और कंपनियों को आसानी से लोन मिलने की सुविधा सुनिश्चित होगी।

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योजना का स्वरूप और अवधि

यह योजना मौजूदा Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) के स्ट्रक्चर का विस्तार होगी, जिसे 2020 में कोरोना महामारी के दौरान MSME सेक्टर की मदद के लिए लागू किया गया था। नई योजना लगभग 4 साल तक लागू रहने की संभावना है। इसका मकसद सिर्फ लोन सुविधा देना ही नहीं, बल्कि प्रभावित सेक्टरों की वित्तीय स्थिति को मजबूत कर अर्थव्यवस्था को बूस्ट करना भी है।

कौन से सेक्टर होंगे लाभार्थी?

कौन से सेक्टर होंगे लाभार्थी?

सरकार का कहना है कि इस योजना का लाभ विशेष रूप से एविएशन, MSME और अन्य उन सेक्टरों को मिलेगा जो वर्तमान में नकदी (Liquidity) संकट से जूझ रहे हैं। एविएशन सेक्टर पर ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव का गहरा असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट रूट, संचालन और लागत पर प्रभाव पड़ा है, जिससे कई एयरलाइंस और संबंधित कंपनियों को मुश्किलें आई हैं।

लोन पर ब्याज और शर्तें

ECLGS के तहत लोन लेने वालों को अतिरिक्त गारंटी या संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती थी। ब्याज दर भी सीमित रखी गई थी, बैंकों के लिए लगभग 9.25% और NBFCs के लिए 14% तक। योजना में एक साल तक मूल रकम चुकाने में छूट (Moratorium) दी जाती है, हालांकि इस दौरान ब्याज देना आवश्यक होता है। इसके अलावा, कोई अतिरिक्त गिरवी या प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती और लोन के लिए नया अलग खाता खोला जाता है।

करोड़ों लोगों के लिए राहत

फाइनेंशियल सर्विसेज विभाग के अनुसार, ECLGS के तहत अब तक 1.14 करोड़ से अधिक उधारकर्ताओं को गारंटी दी जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या MSME यूनिट्स की थी। इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों को मुश्किल समय में सस्ता और आसान लोन मिल सका। सरकारी अधिकारी बताते हैं कि मौजूदा हालात में योजना का दायरा और सीमा बढ़ाना आवश्यक है ताकि अधिक से अधिक सेक्टरों को आर्थिक मदद मिल सके।

सरकार की रणनीति और आर्थिक असर

विशेषज्ञों का कहना है कि यह योजना केवल राहत देने का माध्यम नहीं है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने की एक रणनीतिक पहल भी है। व्यापारिक गतिविधियों और निवेश में तेजी लाने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। साथ ही, इससे रोजगार के अवसरों को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

भविष्य की संभावनाएँ और विस्तार

सरकार योजना के तहत सेक्टरों की पहचान और उनके लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रही है। नई Credit Guarantee Scheme का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक प्रभावित कंपनियों और सेक्टरों को आसान, सस्ता और सुरक्षित लोन मिल सके। इससे आर्थिक संकट के समय कारोबारियों को मजबूती मिलती है और लंबी अवधि में अर्थव्यवस्था को सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

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वर्तमान अंतरराष्ट्रीय संकट और घरेलू व्यापारिक चुनौतियों को देखते हुए, सरकार की यह पहल कारोबारियों और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। 2.5 लाख करोड़ रुपये की योजना के जरिए MSME, एविएशन और अन्य प्रभावित सेक्टरों को राहत मिलना निश्चित है, जिससे भारतीय इकोनॉमी को मजबूती और लचीलापन मिलेगा।

FAQs – Credit Guarantee Scheme और कारोबारियों के लिए राहत

Q1. Credit Guarantee Scheme क्या है?

Credit Guarantee Scheme एक सरकारी योजना है जिसमें कारोबारियों को दिए जाने वाले लोन पर लगभग 90% तक की गारंटी दी जाती है। इसका उद्देश्य बैंकों का जोखिम कम करना और कारोबारियों को आसानी से लोन उपलब्ध कराना है।

Q2. इस योजना का लाभ कौन-कौन से सेक्टरों को मिलेगा?

इस योजना का मुख्य लाभ MSME, एविएशन और अन्य उन सेक्टरों को मिलेगा जो वर्तमान में नकदी संकट या अंतरराष्ट्रीय तनाव से प्रभावित हैं।

Q3. लोन पर ब्याज दर कितनी होगी?

बैंकों के लिए ब्याज दर लगभग 9.25% और NBFC के लिए 14% तक सीमित रखी गई है। इसके अलावा, मूल रकम चुकाने में 1 साल की छूट (Moratorium) दी जाती है।

Q4. क्या लोन के लिए कोई संपत्ति गिरवी रखनी होगी?

नहीं, इस योजना के तहत लोन लेने के लिए कोई अतिरिक्त गारंटी या संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं है।

Q5. योजना की अवधि कितनी होगी?

नई Credit Guarantee Scheme लगभग 4 साल तक लागू रहने की संभावना है और इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा प्रभावित सेक्टरों को राहत देना है।

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