Reliance Industries Share Price में 2 दिन में 6% की गिरावट, मुकेश अंबानी की कंपनी पर असर

Reliance Industries: मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 2 दिन में 6% तक गिर गए हैं। ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डीजल व ATF पर सरकार की नई ड्यूटी मुख्य वजह हैं।
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Reliance Industries Share Price: देश की दिग्गज कंपनी Reliance Industries Share Price में हाल ही में दो दिनों में 6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। सोमवार को शेयरों में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जबकि पूरे स्टॉक मार्केट में आम तौर पर तेजी का माहौल था, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लगातार नीचे आ रहे हैं। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि निफ्टी50 में रिलायंस का भार काफी अधिक है।

निफ्टी50 में सबसे अधिक दबाव

निफ्टी50 इंडेक्स में Reliance Industries Share Price का सबसे अधिक असर देखने को मिला। इस कंपनी का निफ्टी50 में भार 8.87 प्रतिशत है, जो एचडीएफसी बैंक के बाद सबसे ज्यादा है। निवेशक इस कंपनी की स्टॉक मूवमेंट पर काफी नजर रखते हैं, इसलिए इसके शेयरों में गिरावट से पूरे बाजार पर दबाव बनता है।

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शेयरों में गिरावट की बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया गिरावट का मुख्य कारण मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच संभावित युद्ध की खबरों के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते बाधित हो गए हैं। इस वजह से कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

सरकारी फैसले ने बढ़ाया दबाव

सरकारी फैसले ने बढ़ाया दबाव

Reliance Industries के शेयरों में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण सरकार द्वारा हाल ही में लिया गया कदम है। सरकार ने डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लागू की है। 26 मार्च से लागू इस फैसले के अनुसार, डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 29.50 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगाई गई। इस कदम से रिलायंस के रिफाइनिंग बिज़नेस पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

विंडफॉल टैक्स और SEZ रिफाइनरी पर असर

हालांकि, सीनियर अधिकारियों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज की SEZ रिफाइनरी पर लागू किया गया विंडफॉल टैक्स न्यायिक फैसले के कारण लागू नहीं होगा। इसका मतलब है कि कुछ क्षेत्रों में कंपनी को राहत मिल सकती है, लेकिन सामान्य रिफाइनरी पर टैक्स और ड्यूटी के कारण निवेशकों का मनोबल प्रभावित हुआ है।

एक्सपर्ट की राय और स्टॉक की भविष्यवाणी

SMC Global Securities के विशेषज्ञ क्षितिज गांधी ने बताया कि रिलायंस स्टॉक में गिरावट का सिलसिला 1600 रुपये से शुरू हुआ था। अब निवेशकों की नजर 1290-1300 रुपये के जोन पर टिकी हुई है। अगर यह स्तर भी टूटता है, तो स्टॉक 1220 रुपये तक गिर सकता है। सोमवार को मार्केट क्लोजिंग के समय रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.41 प्रतिशत गिरकर 1304.75 रुपये पर बंद हुआ।

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Reliance Industries के शेयरों में हालिया गिरावट कई बाहरी और आंतरिक कारणों से हुई है। मध्य-पूर्व में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, और सरकार की ओर से डीजल व ATF पर ड्यूटी जैसी नीतियां निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण बन रही हैं। हालांकि, SEZ रिफाइनरी पर टैक्स की छूट से कंपनी को कुछ राहत मिलने की संभावना है। निवेशकों को शेयर बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।

Reliance Industries Share Price – मुख्य तथ्य और विवरण

तथ्य (Fact)विवरण (Details)
कंपनी का नामReliance Industries Limited
नेतृत्वमुकेश अंबानी
शेयरों में गिरावट2 दिन में 6%, सोमवार को 4% गिरावट
निफ्टी50 में भार8.87% (बाजार पर अधिक प्रभाव)
गिरावट के मुख्य कारणईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, डीजल और ATF पर नई एक्सपोर्ट ड्यूटी
डीजल/ATF एक्सपोर्ट ड्यूटीडीजल 21.50₹/लीटर, ATF 29.50₹/लीटर
मार्केट क्लोजिंग कीमत1304.75₹
विशेषज्ञ की राय1290-1300₹ जोन में नजर, गिरावट जारी रहने पर 1220₹ तक संभावित
निवेश सलाहनिवेश जोखिमों के अधीन, निर्णय लेने से पहले सलाह जरूरी

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न स्रोतों और विशेषज्ञों के विचारों पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह (Investment Advice) नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है और इसमें लाभ या हानि की पूरी जिम्मेदारी निवेशक की होती है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। यहाँ प्रस्तुत विचार संबंधित विशेषज्ञों के निजी हैं और प्रकाशक उनकी सत्यता या परिणाम की गारंटी नहीं देता।

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