March 31, 2026
यूपी में शिक्षामित्रों की सैलरी बढ़ोतरी का ऐलान करते मुख्यमंत्री योगी

बजट सत्र में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने की घोषणा | Image Social Media

Instructor Salary Increase: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

UP Shiksha Mitra Salary Hike: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उनके मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र के दौरान स्पष्ट किया कि अब शिक्षामित्रों को हर महीने 10 हजार रुपये की जगह 18 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।

जबकि अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मिलेंगे। यह फैसला लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हजारों शिक्षाकर्मियों के लिए राहत की बड़ी खबर बनकर आया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा और शिक्षकों का मनोबल बढ़ाएगा।

एक अप्रैल से लागू होगा आदेश

एक अप्रैल से लागू होगा आदेश

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू होगा। यानी आगामी वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बढ़ी हुई सैलरी मिलने लगेगी। लंबे समय से महंगाई और सीमित आय के बीच संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह राहत की सांस जैसा है।

ये भी पढ़ें: अब चूल्हे-चौके के साथ संभालें अपना करियर: महिलाओं के लिए घर बैठे मोटी कमाई के 5 बेहतरीन मौके!

ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में काम करने वाले शिक्षामित्रों का कहना है कि वे कम संसाधनों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास करते रहे हैं, ऐसे में सरकार का यह कदम उनके योगदान की मान्यता है।

सपा सरकार के दौर से तुलना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि सपा सरकार के समय शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मात्र 3 हजार रुपये मानदेय दिया जाता था। भाजपा सरकार आने के बाद 2017 में यह राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये की गई थी और अब इसे 18 हजार रुपये कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ घोषणाएं करना नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाना है, ताकि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को सम्मानजनक जीवन मिल सके।

2017 में हुआ था पहला बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद शिक्षामित्रों के मानदेय में पहली बार बड़ा इजाफा किया गया था। उस समय 3 हजार रुपये मिलने वाले शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये देने का निर्णय लिया गया था।

ये भी पढ़ें: अब पहली जॉब पर सरकार देगी ₹15,000 का ‘वेलकम गिफ्ट’, जानिए PM-VBRY योजना की पूरी एबीसीडी।

राज्य में वर्तमान में लगभग 1.42 लाख शिक्षामित्र और 28 हजार से अधिक अनुदेशक कार्यरत हैं। हालांकि शिक्षामित्रों को केवल 11 महीने का मानदेय दिया जाता है, फिर भी बढ़ी हुई राशि उनके लिए आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायक साबित होगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बदली स्थिति

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बदली स्थिति

सपा सरकार के कार्यकाल में 2014-15 के दौरान शिक्षामित्रों को स्थायी करने का निर्णय लिया गया था और उनका वेतनमान सहायक अध्यापकों के बराबर कर दिया गया था। लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया। इसके बाद से शिक्षामित्र अस्थायी मानदेय पर काम कर रहे हैं। ऐसे में अब घोषित की गई सैलरी बढ़ोतरी उनके लिए लंबे समय बाद मिली आर्थिक राहत मानी जा रही है।

अन्य कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी

बजट सत्र में विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

ये भी पढ़ें: सिर्फ ₹7 रोजाना बचाएं और बुढ़ापे में पाएं ₹60,000 सालाना; जानें सरकार की इस सुपरहिट स्कीम का गणित!

इसके अलावा निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाने का फैसला भी लिया गया है। सरकार का दावा है कि यह फैसले समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।

मुख्य बिंदुसंक्षिप्त जानकारी
वेतन बढ़ोतरीशिक्षामित्र 18,000 और अनुदेशक 17,000 रुपये प्रतिमाह
लागू होने की तारीखबढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू
लाभार्थी1.42 लाख शिक्षामित्र और 28 हजार अनुदेशक
सरकारी फैसलाबजट सत्र में योगी सरकार की घोषणा
खबर शेयर करें: