March 29, 2026
सूर्य ग्रहण 17 फरवरी का खगोलीय दृश्य

17 फरवरी 2026 को लगे सूर्य ग्रहण का वैश्विक दृश्य | (फोटो- ANI)

Astrology News: 17 फरवरी 2026 को लगे सूर्य ग्रहण का चरम शाम 5:42 बजे होगा, जिसका प्रभाव भारत में नहीं दिखेगा।

Solar Eclipse 17 February 2026: आज यानी 17 फरवरी को दोपहर 3:26 बजे से सूर्य ग्रहण की शुरुआत हो चुकी है। खगोल वैज्ञानिक रिपोर्ट्स और खगोलीय गणनाओं के अनुसार यह ग्रहण शाम 7:57 बजे तक जारी रहेगा। यह एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जा रही है, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण की यह प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है, जिसमें आंशिक अवस्था, चरम अवस्था और समाप्ति शामिल होती है।

कब होगा सूर्य ग्रहण चरम पर

ताज़ा जानकारी के अनुसार सूर्य ग्रहण शाम 5:42 बजे अपने चरम बिंदु (Peak Point) पर होगा। इस समय सूर्य का सबसे बड़ा हिस्सा चंद्रमा से ढका होगा। हालांकि यह खगोलीय दृश्य भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि उस समय भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे होगा। इसी कारण भारत में इस सूर्य ग्रहण का कोई दृश्य प्रभाव नहीं रहेगा और सूतक काल भी लागू नहीं माना गया है।

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कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

यह सूर्य ग्रहण दुनिया के कई देशों और क्षेत्रों में देखा जाएगा। जिन प्रमुख स्थानों पर इसका प्रभाव दिखाई देगा, उनमें शामिल हैं:

  • अंटार्कटिका
  • अर्जेंटीना
  • रियूनियन आइलैंड्स
  • बोत्सवाना
  • नामीबिया
  • दक्षिण अफ्रीका
  • ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी
  • जिम्बॉब्वे
  • चिली
  • मेडागास्कर
  • जाम्बिया

इन क्षेत्रों में लोग सूर्य ग्रहण को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे और खगोलीय गतिविधियों का रोमांचक अनुभव करेंगे।

इन राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक असर

वृश्चिक राशि: ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि वालों के लिए कठिन समय ला सकता है। एक छोटी सी गलती आर्थिक संकट का कारण बन सकती है। परिवार में तनाव, आपसी मतभेद और मानसिक दबाव की स्थिति बन सकती है। कार्यक्षेत्र में बाधाएं आने की संभावना है, इसलिए इस समय संयम और धैर्य बेहद जरूरी है।

मकर राशि: मकर राशि के जातकों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मानसिक चिड़चिड़ापन पारिवारिक माहौल को बिगाड़ सकता है। यह समय चुनौतियों से भरा हो सकता है, इसलिए कोई भी निर्णय सोच-समझकर लेना आवश्यक है।

ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के तुरंत बाद शुद्धिकरण क्रिया करना अत्यंत शुभ माना जाता है। भले ही भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिया हो और सूतक काल लागू न रहा हो, फिर भी धार्मिक दृष्टि से शुद्धिकरण आवश्यक माना गया है।

  • सबसे पहले सिर से पैर तक स्नान करें
  • स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल मिलाना विशेष पुण्यकारी माना जाता है
  • इसके बाद पूरे घर की सफाई करें
  • रसोई, मंदिर और मुख्य द्वार पर गंगाजल का छिड़काव करें
  • ग्रहण के दौरान बने भोजन को त्याग दें
  • ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें
  • दान का विशेष महत्व

ग्रहण के बाद दान-पुण्य को अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय किया गया दान कई गुना पुण्य फल देता है। आप जरूरतमंदों को निम्न वस्तुएं दान कर सकते हैं:

  • अन्न
  • वस्त्र
  • धन
  • गुड़
  • काले तिल
  • गेहूं
  • चावल
  • पीले फल

यह न केवल आध्यात्मिक शांति देता है बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

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