
गोवर्धन में 21 किमी परिक्रमा करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू | Image - X/@rashtrapatibhvn
President Droupadi Murmu Govardhan Visit: उत्तर प्रदेश के मथुरा में शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोवर्धन धाम पहुंचकर गिरिराज महाराज के दर्शन किए। अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन राष्ट्रपति ने न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया, बल्कि 21 किलोमीटर लंबी गोवर्धन परिक्रमा कर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने इस पवित्र परिक्रमा को पूरा किया है।
दानघाटी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना

शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे राष्ट्रपति मुर्मू वृंदावन स्थित होटल से सीधे गोवर्धन के प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर पहुंचीं। उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। मंदिर परिसर में पारंपरिक तरीके से उनका भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति ने विधि-विधान के साथ भगवान गिरिराज का दूध से अभिषेक किया और फल-मिष्ठान का भोग अर्पित किया। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और रोशनी से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
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21 किलोमीटर परिक्रमा: आस्था और सुरक्षा का संतुलन
पूजा के बाद राष्ट्रपति ने गोवर्धन पर्वत की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा प्रारंभ की। उन्होंने अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कुछ दूरी पैदल तय की, जबकि शेष यात्रा सुरक्षा और समय को ध्यान में रखते हुए गोल्फ कार्ट के माध्यम से पूरी की गई। यह पूरी परिक्रमा लगभग डेढ़ घंटे में संपन्न हुई। इस दौरान रास्ते में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया, और राष्ट्रपति ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस ऐतिहासिक अवसर पर मथुरा की सांसद हेमा मालिनी भी राष्ट्रपति के साथ मौजूद रहीं। प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने इस पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी, वहीं श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे ताकि धार्मिक आस्था और व्यवस्था दोनों का संतुलन बना रहे।
इतिहास में दर्ज हुआ यह विशेष दौरा
राष्ट्रपति मुर्मू का यह गोवर्धन दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। इससे पहले किसी भी राष्ट्रपति ने गोवर्धन परिक्रमा नहीं की थी। प्रशासन ने इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया था। प्रमुख चौराहों पर रंगोली बनाई गई और विशेष सजावट की गई, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था।
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तीन दिवसीय दौरे का समापन
राष्ट्रपति का यह दौरा उनके तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश प्रवास का हिस्सा था। इस दौरान उन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन और आरती में भाग लिया। इसके बाद वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। अंत में गोवर्धन परिक्रमा के साथ उनका यह दौरा संपन्न हुआ। सभी धार्मिक कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद राष्ट्रपति वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर से दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
भक्ति और सादगी का अद्भुत संगम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा केवल एक आधिकारिक यात्रा नहीं, बल्कि गहरी आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति उनके जुड़ाव का प्रतीक भी रहा। जिस सादगी और श्रद्धा के साथ उन्होंने धार्मिक परंपराओं का पालन किया, उसने लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश भी दिया। उनका यह कदम न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक भी बन गया है।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


