
सेमीफाइनल से पहले अभिषेक शर्मा की फॉर्म पर उठे सवाल। Image - FB/@IndianCricketTeam
T20 Cricket World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का रोमांच अपने चरम पर है, लेकिन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और टीम मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चिंता सामने आ गई है। इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में होने वाले हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले से ठीक पहले टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म चर्चा का विषय बन गई है।
टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में जिस खिलाड़ी से विस्फोटक शुरुआत की उम्मीद थी, वह अब आलोचकों के निशाने पर है। खासकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी और इरफान पठान ने अभिषेक के रवैये और तकनीक को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मैच में मिली जीत के बावजूद अभिषेक का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मनोज तिवारी – विकेट की कीमत समझनी होगी

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने अभिषेक शर्मा के खेलने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई है। तिवारी का मानना है कि अभिषेक अपनी विकेट को बहुत आसानी से गंवा रहे हैं, जो एक पेशेवर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए सही संकेत नहीं है। तिवारी ने कहा, “जब आप अपनी विकेट पर कीमत नहीं लगाते, तो आप इसी तरह के ढीले शॉट खेलते हैं।”
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उनका इशारा साफ था कि अभिषेक परिस्थितियों को समझे बिना गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेल रहे हैं। सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर एक-एक रन और एक-एक विकेट की कीमत बहुत अधिक होती है, ऐसे में सलामी बल्लेबाज का इस तरह से आउट होना टीम के मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ा देता है।
स्टारडम और प्रतिस्पर्धा के बीच फंसा करियर

अभिषेक शर्मा ने बहुत ही कम समय में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता है, लेकिन मनोज तिवारी का मानना है कि ‘स्टार’ से ‘सुपरस्टार’ बनने का सफर इतना आसान नहीं है। तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अभिषेक कम समय में स्टार तो बन गए हैं, लेकिन सुपरस्टार बनने के लिए आपको टीम को मैच जिताने होंगे।”
वर्तमान में भारतीय टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और बेंच पर कई मैच-विनर खिलाड़ी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभिषेक को इस रेस में आगे रहना है, तो उन्हें अपनी काबिलियत को निरंतर प्रदर्शन में बदलना होगा।
वेस्टइंडीज के खिलाफ खराब प्रदर्शन
वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 का वह मुकाबला अभिषेक के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। बल्ले से तो उन्होंने सिर्फ 10 गेंदों में 11 रन बनाए ही, लेकिन उससे भी ज्यादा निराशाजनक उनकी फील्डिंग रही। तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि उस मैच में अभिषेक ने दो महत्वपूर्ण कैच भी छोड़े।
क्रिकेट में कहा जाता है कि ‘कैचेस विन मैचेस’, और सेमीफाइनल जैसे नॉकआउट मुकाबले में इस तरह की चूक टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। तिवारी के अनुसार, अभिषेक को अब यह तय करना होगा कि किस गेंद पर प्रहार करना है और किस पर संयम बरतना है। उनकी मानसिक मजबूती पर अब बड़े सवालिया निशान लग चुके हैं।
निराशाजनक रहा है अब तक का सफर

अगर इस टी20 वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो आंकड़े उनकी खराब फॉर्म की गवाही देते हैं। उन्होंने अब तक खेले गए छह मैचों में मात्र 80 रन बनाए हैं। इसमें जिम्बाब्वे के खिलाफ लगाया गया एक अर्धशतक शामिल है, जिसे छोड़ दिया जाए तो बाकी मैचों में वह पूरी तरह फ्लॉप रहे हैं।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वह पाकिस्तान, अमेरिका और नीदरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ लगातार तीन बार शून्य (डकों) पर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी वह केवल 15 रन ही बना सके। निरंतरता की यह कमी टीम इंडिया के लिए ओपनिंग स्लॉट में एक बड़ी कमजोरी बनकर उभरी है।
इरफान पठान का तकनीकी विश्लेषण

केवल मानसिकता ही नहीं, बल्कि अभिषेक की तकनीक में भी खामियां नजर आ रही हैं। दिग्गज ऑलराउंडर इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर अभिषेक की बल्लेबाजी का बारीकी से विश्लेषण किया। पठान ने बताया कि शॉट खेलते समय अभिषेक का पिछला घुटना बहुत ज्यादा झुक रहा है, जिससे उनके शरीर का पूरा वजन पीछे की ओर (Backwards) गिर रहा है।
टी20 क्रिकेट में जहां गति और उछाल का सामना करना पड़ता है, वहां शरीर का संतुलन बिगड़ना घातक साबित होता है। इरफान का सुझाव है कि अभिषेक को फ्रंट फुट पर अधिक वजन रखकर खेलना चाहिए, जो उनकी स्वाभाविक शैली को बेहतर बनाता है।
इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में अग्निपरीक्षा
5 मार्च को मुंबई के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल खेला जाना है। इंग्लैंड के पास विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज हैं जो पावरप्ले में अभिषेक की तकनीकी खामियों का फायदा उठा सकते हैं। अगर अभिषेक को इस निर्णायक मैच में मौका मिलता है, तो उन्हें न केवल अपनी तकनीक सुधारनी होगी बल्कि अपनी शॉट सिलेक्शन पर भी काम करना होगा।
क्या टीम इंडिया उन पर भरोसा बरकरार रखेगी या किसी अन्य विकल्प की ओर देखेगी, यह कप्तान और कोच के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। पूरे देश की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या यह युवा खिलाड़ी अपनी आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दे पाएगा।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और नेशनल न्यूज़ पर खास पकड़ है। फिलहाल Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।


