March 29, 2026
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में आउट होते अभिषेक शर्मा

लगातार तीन शून्य पर आउट होने से अभिषेक शर्मा पर बढ़ा दबाव (फोटो : PTI)

Abhishek Sharma Form: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द इस वक्त सलामी बल्लेबाज Abhishek Sharma की लगातार खराब फॉर्म बनती जा रही है। दुनिया के नंबर-एक टी20 बल्लेबाज के तौर पर टूर्नामेंट में उतरे अभिषेक अब तक तीन मैचों में एक भी रन नहीं बना पाए हैं।

अमेरिका और पाकिस्तान के खिलाफ खाता खोलने में नाकाम रहने के बाद नीदरलैंड्स के खिलाफ भी उनका बल्ला खामोश रहा। लगातार तीसरी बार शून्य पर आउट होना न केवल खिलाड़ी के आत्मविश्वास पर असर डालता है, बल्कि टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर भी सवाल खड़े करता है। बड़े टूर्नामेंट में ऐसे प्रदर्शन को नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाता है।

अहमदाबाद में फिर टूटा आत्मविश्वास

अहमदाबाद में फिर टूटा आत्मविश्वास

18 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अभिषेक सिर्फ तीन गेंदों का सामना कर पाए और बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। नीदरलैंड्स के स्पिनर आर्यन दत्त की एक तेज स्लाइडर गेंद ने उनकी स्टंप्स उड़ा दी। अभिषेक गेंद की लेंथ को ठीक से पढ़ नहीं पाए और फ्रंट फुट पर जाने की बजाय बैकफुट पर चले गए।

आउट होने के बाद मैदान पर उनकी बॉडी लैंग्वेज साफ बता रही थी कि वह खुद से नाराज और मानसिक दबाव में हैं। यह संकेत देता है कि मामला सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि मानसिक स्तर पर भी जुड़ा हुआ है।

उम्मीदों का बोझ बना सबसे बड़ी चुनौती

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि अभिषेक पर नंबर-एक बल्लेबाज होने की उम्मीदों का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक, पहले मैच में अगर अभिषेक को तेज शुरुआत मिल जाती तो आगे के मुकाबलों में आत्मविश्वास अलग होता। गावस्कर ने कहा कि युवा बल्लेबाज को हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की जल्दी नहीं दिखानी चाहिए।

ये भी पढ़ें: सुपर-8 में ‘सूर्या’ का असली टेस्ट: लगातार 4 जीत के बाद भी टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी!

शुरुआती ओवरों में अगर कुछ डॉट बॉल भी चली जाएं तो उससे घबराने की जरूरत नहीं है। पहले खुद को सेट करना, पैरों की मूवमेंट पर ध्यान देना और फिर शॉट्स खेलने से ही बड़ा स्कोर खड़ा किया जा सकता है।

तकनीक में बदलाव बना परेशानी

पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने अभिषेक की तकनीक को लेकर अहम बात कही। उनके अनुसार अभिषेक शुरुआत में क्रॉस-बैट शॉट्स पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं, जबकि उनकी असली ताकत सीधे बल्ले से खेलने में है। हल्की टर्न लेने वाली पिच पर भी उन्हें अपनी नैचुरल गेम पर भरोसा रखना चाहिए। जब बल्लेबाज अपनी मूल तकनीक से हटकर खेलने लगता है तो आउट होने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि शुरुआती ओवरों में ही अभिषेक की विकेट गिर जा रही है।

सोशल मीडिया पर ‘नजर लग गई’ की चर्चा

सोशल मीडिया पर फैंस का मानना है कि पिछले साल की धमाकेदार पारियों के बाद अभिषेक से उम्मीदें बहुत बढ़ गई थीं और अब उन्हें ‘नजर लग गई’ है। हालांकि यह बात भावनात्मक है, लेकिन इससे यह साफ झलकता है कि फैंस उनके फॉर्म को लेकर कितने चिंतित हैं।

बावजूद इसके, बड़ी संख्या में फैंस अब भी उनके समर्थन में खड़े हैं और मानते हैं कि एक अच्छी पारी उनकी किस्मत पलट सकती है। युवा खिलाड़ियों के लिए फैंस का भरोसा मनोबल बढ़ाने का सबसे बड़ा सहारा होता है।

बीमारी और विपक्षी रणनीति का असर

रिपोर्ट्स के मुताबिक टूर्नामेंट से पहले अभिषेक हल्की बीमारी से जूझ रहे थे, जिसका असर उनकी फिटनेस और लय पर पड़ा। इसके अलावा विरोधी टीमों ने भी उनके खिलाफ खास रणनीति बनाई है।

ये भी पढ़ें: मैदान वही, पहचान नई! बेंगलुरु में अब ‘कुंबले छोर’ से होगी गेंदबाजी और ‘द्रविड़ स्टैंड’ से लगेंगे चौके।

पावरप्ले में उन्हें टाइट लाइन-लेंथ और स्पिन का कॉम्बिनेशन दिया जा रहा है, जिससे वह खुलकर शॉट नहीं खेल पा रहे। लगातार असफलताओं से मानसिक दबाव बढ़ना स्वाभाविक है और यही वजह है कि उनकी बॉडी लैंग्वेज में भी बदलाव नजर आ रहा है। बड़े बल्लेबाजों को अक्सर इसी तरह की रणनीतियों का सामना करना पड़ता है।

सुपर-8 से पहले खुद को रीसेट करने का मौका

भारत को सुपर-8 मुकाबलों से पहले तीन दिन का ब्रेक मिला है और अगला मैच भी अहमदाबाद में ही खेला जाना है। यात्रा नहीं होने से अभिषेक को आराम करने और मानसिक रूप से खुद को रीसेट करने का मौका मिलेगा।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि एक अच्छी पारी उनका आत्मविश्वास लौटा सकती है। उनकी प्रतिभा पर किसी को शक नहीं है, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में सफलता के लिए मानसिक मजबूती उतनी ही जरूरी होती है जितनी तकनीकी तैयारी। अब देखना होगा कि सुपर-8 में अभिषेक शर्मा किस तरह अपनी वापसी की कहानी लिखते हैं।

खबर शेयर करें: