March 29, 2026
खराब लाइफस्टाइल के कारण किडनी रोग का खतरा

देर रात तक जागना और दर्दनिवारक दवाइयां किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। | Image Source -Adobe Stock

Kidney Health Risk: देर रात तक जागना, दर्दनिवारक दवाइयों का अधिक सेवन और खराब खानपान जैसी आदतें धीरे-धीरे किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

Kidney Health Risk Bad Lifestyle: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। देर रात तक जागना, जब भूख लगे तब कुछ भी खा लेना, लगातार तनाव में रहना और शरीर में दर्द होने पर तुरंत दर्दनिवारक दवाइयों का सहारा लेना अब आम आदत बन चुकी है।

लेकिन ये छोटी-छोटी आदतें धीरे-धीरे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब जीवनशैली और स्वास्थ्य जांच की अनदेखी के कारण कम उम्र के लोगों में भी किडनी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार लोग तब तक इस खतरे को समझ नहीं पाते जब तक किडनी काफी हद तक प्रभावित न हो जाए।

शुरुआती लक्षण पहचानना क्यों होता है मुश्किल

नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के वीएमएमसी में नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु के अनुसार किडनी की बीमारी का पता अक्सर देर से चलता है। उनका कहना है कि जब तक किडनी लगभग 50 प्रतिशत तक खराब नहीं हो जाती, तब तक मरीज को स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते।

यही वजह है कि अधिकांश लोग समय पर जांच नहीं कराते और बीमारी बढ़ने के बाद ही डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। किडनी शरीर में खून को साफ करने, अतिरिक्त पानी और विषैले तत्वों को बाहर निकालने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करती है। इसलिए इसका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है।

ये भी पढ़ें: सुबह खाली पेट ऐसे खाएं सब्जा सीड्स, मिलेंगे चौंकाने वाले फायदे

किडनी नई कोशिकाएं नहीं बनाती

विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर के कई अंग समय-समय पर नई कोशिकाओं का निर्माण करते रहते हैं, लेकिन किडनी ऐसा नहीं करती। इसका मतलब है कि यदि किडनी को नुकसान पहुंचता है तो उसे पूरी तरह से ठीक करना मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए शुरुआत से ही सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन और नियमित व्यायाम जैसे साधारण कदम भी किडनी को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

कम उम्र में बढ़ रही किडनी रोग की समस्या

पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में किडनी की बीमारियां कम उम्र में ही सामने आने लगी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसका सबसे बड़ा कारण है स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज करना। यदि समय-समय पर जांच कराई जाए तो बीमारी का पता शुरुआती चरण में ही चल सकता है और उसका इलाज भी समय पर शुरू हो सकता है। इसके साथ ही डॉक्टर मरीज को खानपान और जीवनशैली से जुड़ी जरूरी सलाह भी देते हैं जिससे बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके।

ये भी पढ़ें: क्या आप भी चिया सीड्स गलत तरीके से खा रहे हैं? जानिए 14 दिनों में सेहत बदलने का सही तरीका

तनाव, नींद की कमी और मोटापा बन रहे बड़े कारण

आज के युवाओं में कामकाज का दबाव, देर रात तक जागने की आदत और अनियमित खानपान तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण मोटापा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। मोटापा कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है, जिनमें उच्च रक्तचाप और मधुमेह प्रमुख हैं। ये दोनों बीमारियां किडनी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार डायबिटीज किडनी फेल होने का सबसे बड़ा कारण मानी जाती है। इसलिए इन बीमारियों को नियंत्रित रखना किडनी की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

पथरी को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

पथरी को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

किडनी में पथरी को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह गंभीर स्थिति का कारण बन सकती है। यदि समय रहते पथरी का इलाज न किया जाए तो यह किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को बार-बार पथरी की समस्या हो रही है तो उसे तुरंत जांच करवानी चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पीना और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना भी पथरी से बचाव में मदद करता है।

ये भी पढ़ें: दिल की सेहत के लिए ‘वरदान’ है लाल Beetroot, बस खाने के तरीके में करें ये छोटा सा बदलाव!

जिम सप्लीमेंट और स्टेरॉयड भी बन सकते हैं खतरा

आजकल कई युवा फिटनेस के लिए जिम जाते हैं और मांसपेशियों को तेजी से बढ़ाने के लिए प्रोटीन पाउडर, सप्लीमेंट या स्टेरॉयड का अधिक मात्रा में सेवन करने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनका अत्यधिक उपयोग किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। यदि इनका सेवन बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के किया जाए तो यह लंबे समय में किडनी के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

स्वस्थ किडनी के लिए अपनाएं ये जरूरी आदतें

स्वस्थ किडनी के लिए अपनाएं ये जरूरी आदतें

डॉक्टरों के अनुसार 30 से 35 वर्ष की उम्र के बाद हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार पूरी स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी न होने दें क्योंकि डिहाइड्रेशन से यूरिन गाढ़ा हो सकता है और पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य स्थिति में यूरिन का रंग हल्का पीला या लगभग सफेद होना चाहिए। इसके अलावा नमक का सेवन सीमित रखें और घर के बने भोजन को प्राथमिकता दें। रेड मीट, अल्कोहल और कुछ सीफूड्स यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन भी सीमित करना चाहिए।

ये भी पढ़ें: रात भर करवटें बदलना होगा बंद! बस एक बार आजमाएं ‘Digital Sunset’ की ये जादुई ट्रिक।

किडनी खराब होने के दिखने लगते हैं ये संकेत

जब किडनी की बीमारी अधिक बढ़ जाती है तो शरीर कुछ संकेत देने लगता है। इनमें पैरों और आंखों के आसपास सूजन आना, रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना, सामान्य काम करने पर भी अत्यधिक थकान महसूस होना, भूख कम लगना और अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति को ऐसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज और जीवनशैली में सुधार से किडनी को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है।

खबर शेयर करें: