March 29, 2026
सऊदी अरब में ईद का चांद देखने का दृश्य

सऊदी अरब में 29वें रोज़े पर नहीं दिखा शव्वाल का चांद | Image Source - Pexels

Saudi Eid 2026: सऊदी अरब में 29वें रोज़े पर शव्वाल का चांद नजर नहीं आया, जिसके बाद अब 20 मार्च को ईद-उल-फितर मनाने का फैसला हुआ है। वहीं भारत में चांद दिखने के आधार पर 20 या 21 मार्च को ईद मनाई जा सकती है।

Saudi Eid 2026 Update: सऊदी अरब से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। खाड़ी देश में आज, 18 मार्च को रमजान के 29वें दिन शव्वाल का चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, आसमान में चांद नजर नहीं आया है।

सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही नागरिकों से चांद देखने की अपील की थी। चांद न दिखने का सीधा मतलब यह है कि सऊदी अरब में कल, यानी 19 मार्च को रमजान का 30वां और आखिरी रोजा रखा जाएगा। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, यदि 29वीं तारीख को चांद नहीं दिखता, तो महीना 30 दिनों का माना जाता है।

20 मार्च को सऊदी में मनेगी ‘मीठी ईद’

चांद का दीदार न होने के कारण अब यह आधिकारिक हो गया है कि सऊदी अरब और अन्य अरब देशों में शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह दिन मुस्लिम समुदाय के लिए एक महीने के कठिन उपवास और इबादत के समापन का प्रतीक है। रियाद से लेकर जेद्दा तक, मस्जिदों में ईद की विशेष नमाज की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी सार्वजनिक अवकाश और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि लोग सुरक्षित तरीके से खुशियां बांट सकें।

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कैसे होती है चांद की रस्म?

सऊदी अरब में चांद देखने की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित है। 18 मार्च की शाम सूर्यास्त के ठीक बाद, देश के विभिन्न हिस्सों में लोग छतों और खुले मैदानों में जमा हुए। आधुनिक युग में केवल आंखों पर निर्भर न रहकर, खगोलविदों और विशेषज्ञों द्वारा उच्च क्षमता वाले टेलीस्कोप और दूरबीन (Binoculars) का उपयोग किया जाता है। विशेष रूप से यदि मौसम खराब हो या आसमान में बादल छाए हों, तो इन उपकरणों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी सऊदी सुप्रीम कोर्ट की विशेष समितियां करती हैं।

आधिकारिक घोषणा का वह रोमांचक पल

सऊदी अरब में ईद की तारीख का ऐलान केवल एक प्रशासनिक सूचना नहीं, बल्कि एक भावना है। जैसे ही देश के किसी भी हिस्से से चांद दिखने की पुष्टि होती है, उसकी गवाही सुप्रीम कोर्ट में दी जाती है। इसके बाद शाही कोर्ट द्वारा आधिकारिक घोषणा रेडियो, टेलीविजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की जाती है। हालांकि आज चांद नहीं दिखा, फिर भी लोगों में उत्साह कम नहीं है क्योंकि अब उन्हें पता है कि इबादत का एक और दिन उनके पास है और शुक्रवार को उत्सव का बड़ा दिन होगा।

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भारतीय मुसलमानों के लिए क्या हैं इसके मायने?

सऊदी अरब में चांद की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब सबकी नजरें भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों पर टिकी हैं। आमतौर पर भारत में सऊदी अरब के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है। यदि कल यानी 19 मार्च (गुरुवार) को भारत में चांद नजर आ जाता है, तो यहां भी शुक्रवार, 20 मार्च को सऊदी के साथ ही ईद मनाई जाएगी। लेकिन अगर गुरुवार को चांद नहीं दिखा, तो भारत में शनिवार, 21 मार्च को ईद-उल-फितर का जश्न मनाया जाएगा। भारतीय उलेमा और हिलाल कमेटियां कल शाम को बैठक करेंगी।

भारत में ईद की संभावित तारीख और तैयारियां

भारत में ईद की तारीख को लेकर दो संभावनाएं प्रबल हैं। पहली संभावना यह है कि यदि कल रात आसमान साफ रहा और शव्वाल का अर्धचंद्र (Crescent) दिखाई दिया, तो रमजान 29 दिनों का होगा। दूसरी ओर, यदि मौसम बाधा बनता है या चांद नहीं दिखता, तो रमजान पूरे 30 दिनों का होगा। दिल्ली की जामा मस्जिद, मुंबई की माहिम दरगाह और लखनऊ की ईदगाहों में चांद देखने की विशेष व्यवस्था की गई है। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है और लोग बेसब्री से आधिकारिक एलान का इंतजार कर रहे हैं।

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रमजान के आखिरी पड़ाव पर इबादत का दौर

सऊदी अरब में कल 30वां रोजा होने के कारण श्रद्धालुओं को इबादत के लिए एक अतिरिक्त दिन मिल गया है। रमजान का आखिरी हफ्ता आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मस्जिदों में तरावीह की नमाज और कुरान के पाठ के साथ-साथ ‘जकात’ (दान) देने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। लोग अपनी कमाई का एक निश्चित हिस्सा गरीबों में बांट रहे हैं ताकि समाज का हर वर्ग ईद की खुशियों में शामिल हो सके।

त्योहार की उमंग

ईद-उल-फितर केवल उपवास तोड़ने का दिन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश देता है। सऊदी अरब से लेकर भारत तक, इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, ‘शीर खुरमा’ जैसी मिठाइयां बांटते हैं और गले मिलकर एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। यह त्योहार दूरियां मिटाने और रिश्तों को मजबूत करने का अवसर लेकर आता है। इस साल 20 मार्च को पड़ने वाली ईद को लेकर दुनियाभर के मुस्लिमों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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