March 29, 2026
पीएम मोदी को नेसेट स्पीकर मेडल से सम्मानित किया गया

पीएम मोदी को नेसेट स्पीकर मेडल से सम्मानित किया गया | Image - X/@ANI

PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल की संसद नेसेट में भारत–इजरायल रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका के लिए ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया।

PM Modi Israel Honour: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल की संसद नेसेट में ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया। भारतीय प्रधानमंत्री यह पदक पाने वाले पहले वैश्विक नेता बने हैं। इस ऐतिहासिक सम्मान ने भारत-इजरायल रिश्तों को नई ऊंचाई दी है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की कूटनीतिक ताकत को रेखांकित किया है।

इजरायली संसद में सम्मान समारोह

नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना ने अपने संबोधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रतिष्ठित पदक प्रदान किया। समारोह के दौरान इजरायली संसद को भारतीय रंगों से सजाया गया, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती निकटता का प्रतीकात्मक संदेश गया। यह क्षण केवल औपचारिक सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच भरोसे और सहयोग की मजबूत बुनियाद को दर्शाता रहा।

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला, अब इस नए नाम से जाना जाएगा केरल!

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी को इससे पहले वर्ष 2018 में फलस्तीन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फलस्तीन’ से भी सम्मानित किया गया था। इस तरह वे उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्हें इजरायल और फलस्तीन दोनों से शीर्ष सम्मान प्राप्त हुआ है। यह तथ्य भारत की संतुलित विदेश नीति और मध्य-पूर्व क्षेत्र में उसकी बढ़ती कूटनीतिक स्वीकार्यता को उजागर करता है।

आतंकवाद पर साझा पीड़ा, साझा संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इजरायल दोनों ही आतंकवाद के दंश से पीड़ित रहे हैं। उन्होंने सभी प्रकार के आतंकवाद को मानवता के लिए खतरा बताते हुए स्पष्ट किया कि भारत आतंक के खिलाफ इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है और भारत हर मंच पर इस मुद्दे को मुखरता से उठाता रहेगा।

गाजा शांति पहल पर भारत का समर्थन

प्रधानमंत्री ने गाजा क्षेत्र में शांति बहाली की पहल का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में स्थायित्व और आम लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा संवाद और शांति के रास्ते का समर्थन करता आया है। यह बयान मध्य-पूर्व में शांति प्रक्रिया को लेकर भारत की रचनात्मक भूमिका को रेखांकित करता है।

ये भी पढ़ें: स्कूलों में 4 दिनों की लंबी छुट्टी का ऐलान, जानिए कब से कब तक बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान।

भारत-इजरायल संबंधों की ऐतिहासिक जड़ें

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और इजरायल के संबंध केवल आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपर्क हजारों वर्षों पुराने रहे हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन और भारत द्वारा इजरायल को औपचारिक मान्यता दिए जाने की तारीख के संयोग का उल्लेख करते हुए इसे दोनों देशों के रिश्तों का प्रतीकात्मक संकेत बताया।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी

इस अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और इजरायल में भारत के राजदूत जितेन्द्र पाल सिंह भी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी से स्पष्ट हुआ कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि दोनों देशों के संस्थागत रिश्तों की मजबूती का प्रतीक है।

खबर शेयर करें: