
Namo Bharat: दिल्ली से मेरठ का सफर अब मिनटों में | Image - X/@ANI
Namo Bharat Meerut Metro: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार, 22 फरवरी को वेस्ट यूपी के लिए विकास का एक नया अध्याय लिखने जा रहे हैं। दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के बेगमपुल स्टेशन तक ‘नमो भारत’ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
यह पल न केवल यातायात के लिहाज से ऐतिहासिक है, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। प्रशासन ने इस भव्य कार्यक्रम के लिए शताब्दीनगर स्टेशन को फूलों की चादर से ढक दिया है और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
लाखों यात्रियों के लिए सुगम हुआ सफर
नमो भारत प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिल्ली और इसके पड़ोसी शहरों के बीच की दूरी को न्यूनतम करना है। लगभग 30,274 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।
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इसमें वित्तीय साझेदारी की बात करें तो केंद्र सरकार की 20 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश सरकार की 16.78 प्रतिशत और दिल्ली सरकार की 3.22 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह प्रोजेक्ट ‘सहकारी संघवाद’ का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करता है, जहाँ विभिन्न सरकारें जनता की सुविधा के लिए एक साथ आई हैं।
नींव से शिखर तक का ऐतिहासिक सफरनामा

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की शुरुआत 8 मार्च 2019 को हुई थी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से काम पूरा किया गया। अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद से दुहाई के बीच पहला खंड शुरू हुआ, जिसके बाद मोदी नगर नॉर्थ तक विस्तार हुआ। अगस्त 2024 में इसे मेरठ साउथ तक पहुँचाया गया।
अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच के अंतिम खंडों के जुड़ने से यह 82.15 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पूरी तरह क्रियान्वित हो जाएगा, जो दिल्ली और यूपी को एक धागे में पिरोएगा।
इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना
82.15 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की बनावट आधुनिक इंजीनियरिंग की मिसाल है। इसमें 70 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) है, जबकि 12 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनाया गया है।
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दिल्ली के हिस्से में 14 किलोमीटर का ट्रैक आता है, जबकि उत्तर प्रदेश में 68 किलोमीटर का विशाल नेटवर्क फैला है। 180 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ने वाली यह ट्रेन यात्रियों को समय की बचत के साथ-साथ हवाई सफर जैसा अहसास कराएगी।
सुविधा और सुरक्षा
नमो भारत ट्रेन के भीतर कदम रखते ही आपको भविष्य की तकनीक का अनुभव होगा। इसमें सुरक्षा के लिए फायर और स्मोक डिटेक्टर, सीसीटीवी और अग्निशामक यंत्र लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ी सेफ्टी ग्लास वाली खिड़कियां, मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे की व्यवस्था है। एर्गोनोमिक सीटों का लेआउट लंबी यात्रा को भी थकान मुक्त बनाता है, जिससे यह नौकरीपेशा और छात्रों के लिए पहली पसंद बन जाएगी।
एक ही पटरी पर मेट्रो और नमो भारत का मेल
इस प्रोजेक्ट की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन एक ही ट्रैक साझा करेंगी। यात्रियों को मेट्रो से हाई-स्पीड ट्रेन में जाने के लिए प्लेटफॉर्म बदलने की झंझट नहीं होगी।
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली मेरठ मेट्रो अपने निर्धारित स्टेशनों की दूरी मात्र 30 मिनट में तय कर लेगी। करीब 7 साल के कड़े इंतजार के बाद आज मेरठ के निवासियों का अपना मेट्रो का सपना हकीकत में बदल रहा है।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


