
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत में LPG सप्लाई पर बढ़ा दबाव (Image Credit - NDTV)
LPG Shortage India: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत में LPG Shortage को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने लगा है। देशभर में कई होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक संस्थानों को गैस की सीमित आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त LPG उपलब्ध है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़े LPG जहाज
सरकार के अनुसार, खाड़ी देशों से LPG लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज अब सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के ये जहाज करीब 92,700 टन LPG लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से ‘शिवालिक’ के 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जबकि ‘नंदा देवी’ 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पर पहुंच सकती है। इन जहाजों के आने से गैस सप्लाई पर पड़ा दबाव कम होने की उम्मीद है।
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कमर्शियल गैस की सीमित सप्लाई से होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित
मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार ने कमर्शियल LPG की आपूर्ति सीमित कर दी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर असर पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस के कई रेस्टोरेंट मालिकों ने बताया कि गैस की खपत कम करने के लिए बड़ी पार्टियों की बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। उनका कहना है कि बड़े आयोजनों में गैस की खपत ज्यादा होती है, इसलिए फिलहाल ऐसे आयोजनों से बचा जा रहा है।
गैस बचाने के लिए बदले किचन के तरीके

रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस की बचत के लिए अपने मेन्यू में भी बदलाव शुरू कर दिया है। कनॉट प्लेस स्थित ‘फ्लेवर्स ऑफ चाइना’ की मालकिन परमजीत कौर ने बताया कि उन्होंने मेन्यू छोटा कर दिया है और उन व्यंजनों पर फोकस किया जा रहा है जिन्हें कम गैस में तैयार किया जा सके। उदाहरण के तौर पर, सिजलर जैसे व्यंजन फिलहाल बंद कर दिए गए हैं क्योंकि इन्हें बनाने में तेज और लगातार आंच की जरूरत होती है।
इंडक्शन स्टोव और बिजली आधारित किचन की ओर रुख
गैस की सीमित आपूर्ति के बीच कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं। चेन्नई और तमिलनाडु के कई प्रतिष्ठानों ने इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। एक प्रमुख रेस्टोरेंट चेन के अधिकारी ने बताया कि उनके पास इंडक्शन आधारित किचन का पर्याप्त ढांचा है, इसलिए कई शाखाओं में अब इसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
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तमिलनाडु सरकार ने दी बिजली पर सब्सिडी
तमिलनाडु सरकार ने इस संकट के बीच एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जो रेस्टोरेंट, होटल और चाय की दुकानें बिजली के स्टोव का इस्तेमाल शुरू करेंगी, उन्हें बिजली के बिल पर प्रति यूनिट 2 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य गैस पर निर्भरता कम करना और व्यवसायों को जारी रखने में मदद देना है।
ढाबों और छोटे रेस्टोरेंट में कोयले की मांग बढ़ी
राजस्थान समेत कई राज्यों में गैस की कमी के कारण पारंपरिक ईंधन की मांग बढ़ गई है। कई ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट अब कोयले से चलने वाली भट्टियों का इस्तेमाल करने लगे हैं। स्थानीय कोयला व्यापारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में कोयले की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।
दिल्ली में कमर्शियल LPG की बिक्री पर सीमा तय
दिल्ली सरकार ने भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कमर्शियल LPG सिलेंडरों की रोजाना बिक्री पर सीमा तय कर दी है। अब शहर में रोजाना औसत खपत का लगभग 20 प्रतिशत ही वितरित किया जाएगा। सामान्य दिनों में जहां करीब 9,000 कमर्शियल सिलेंडर रोजाना बिकते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 1,800 सिलेंडर रह गई है।
कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में कार्रवाई

गैस संकट के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कई राज्यों में अभियान चलाया जा रहा है। कर्नाटक में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने 316 घरेलू LPG सिलेंडर जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर कमर्शियल कामों में किया जा रहा था। उत्तर प्रदेश में भी बड़े स्तर पर छापेमारी की गई, जिसमें 1,483 जगहों पर जांच हुई और कई मामलों में FIR दर्ज की गई।
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मंदिरों में प्रसाद वितरण भी प्रभावित
गैस की कथित कमी का असर धार्मिक स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर में प्रसाद वितरण कम करना पड़ा है। मंदिर के महंत शंकर गिरि महाराज ने बताया कि पहले रोजाना 20 से 25 हजार भक्तों को प्रसाद दिया जाता था, लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग 3 हजार रह गई है।
पैनिक बुकिंग से बढ़ा सप्लाई पर दबाव
सरकार का कहना है कि वास्तविक कमी से ज्यादा समस्या पैनिक बुकिंग के कारण पैदा हो रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पहले रोजाना करीब 55 लाख LPG सिलेंडर बुक होते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 88 लाख तक पहुंच गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए घरेलू LPG उत्पादन में लगभग 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
PNG कनेक्शन वालों के लिए नया नियम लागू
सरकार ने गैस की उपलब्धता संतुलित रखने के लिए एक नया नियम भी लागू किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के पास PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन है, वे अब घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा और भविष्य में LPG सिलेंडर का रिफिल भी नहीं मिल सकेगा।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


