
हजारों टन LPG लेकर भारत पहुंचा जहाज | Image - X/@ANI
India LPG Crisis News: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन पर उसके असर के बीच भारत में एलपीजी की कमी की खबरें सामने आ रही थीं। इसी बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। देश में एलपीजी सप्लाई को स्थिर करने के लिए बड़े स्तर पर गैस की खेप पहुंचनी शुरू हो गई है। इस क्रम में रविवार को ‘पाइक्सिस पायनियर’ नाम का टैंकर भारत पहुंचा, जिससे आने वाले दिनों में गैस की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यू मंगलुरु पोर्ट बना सप्लाई का केंद्र
कर्नाटक का न्यू मंगलुरु पोर्ट इस समय एलपीजी सप्लाई का प्रमुख केंद्र बनता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले एक हफ्ते के भीतर यहां करीब 72,700 टन एलपीजी पहुंचने की संभावना है। इस बड़ी खेप के आने से घरेलू और औद्योगिक दोनों स्तरों पर गैस की उपलब्धता में सुधार होगा। पोर्ट पर लगातार टैंकरों के पहुंचने से लॉजिस्टिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
‘पाइक्सिस पायनियर’ से हुई शुरुआत
एलपीजी सप्लाई की इस श्रृंखला की शुरुआत ‘पाइक्सिस पायनियर’ टैंकर से हुई है, जो रविवार (22 मार्च) को भारत पहुंचा। इस टैंकर में लगभग 16,714 टन एलपीजी लदी हुई थी। सिंगापुर के झंडे वाला यह जहाज करीब 47,236 टन वजनी है और 14 फरवरी को नीदरलैंड के पोर्ट से रवाना हुआ था। यह खेप एजिस लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के लिए लाई गई है और इसे न्यू मंगलुरु पोर्ट पर उतारा जाएगा।
ये भी पढ़ें: रुपये में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर?
तेजी से हो रहा अनलोडिंग और मूवमेंट
पोर्ट पर पहुंचने के बाद इस टैंकर से एलपीजी को तेजी से अनलोड किया जा रहा है ताकि सप्लाई चेन में देरी न हो। जानकारी के मुताबिक, यह जहाज सोमवार सुबह वापस रवाना हो जाएगा। इस तेज प्रक्रिया का उद्देश्य देश में चल रही गैस की किल्लत को जल्द से जल्द कम करना है। पोर्ट अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के बीच समन्वय भी काफी बेहतर नजर आ रहा है।
‘अपोलो ओसिएन’ से आएगी दूसरी बड़ी खेप
एलपीजी सप्लाई को और मजबूत करने के लिए 25 मार्च को ‘अपोलो ओसिएन’ नाम का एक और टैंकर न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचेगा। यह टैंकर करीब 26,687 टन एलपीजी लेकर आएगा। इस गैस को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लिए उतारा जाएगा, जिससे देश के कई हिस्सों में सप्लाई बेहतर हो सकेगी।
वाडिनार पोर्ट से जुड़ा कनेक्शन
दिलचस्प बात यह है कि पहले ‘शिवालिक’ नाम का टैंकर 18 मार्च को 26,000 टन एलपीजी लेकर मंगलुरु आने वाला था, लेकिन उसने अपना माल गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर ही उतार दिया। बाद में यही गैस ‘अपोलो ओसिएन’ के जरिए मंगलुरु लाई जा रही है। इस तरह सप्लाई नेटवर्क में लचीलापन दिखाते हुए कंपनियां गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जुटी हैं।
अमेरिका से भी पहुंचेगी बड़ी खेप
एलपीजी सप्लाई को और मजबूती देने के लिए 29 मार्च को एक और बड़ा टैंकर अमेरिका से करीब 30,000 टन एलपीजी लेकर न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचेगा। यह खेप हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लिए होगी। इस अंतरराष्ट्रीय सप्लाई से यह साफ है कि भारत ने गैस की कमी को दूर करने के लिए कई देशों से सप्लाई चैन सक्रिय कर दी है।
ये भी पढ़ें: ममता के गढ़ में BJP का मेगा प्लान, PM मोदी और CM योगी की ताबड़तोड़ रैलियां
बॉटलिंग प्लांट्स तक पहुंचेगी गैस
मंगलुरु स्थित एचपीसीएल का एलपीजी प्लांट इस गैस को स्थानीय बॉटलिंग प्लांट्स तक पहुंचाने का काम करेगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए बेंगलुरु समेत अन्य शहरों तक सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे घरेलू गैस सिलेंडर की उपलब्धता में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
आने वाले दिनों में सुधरेगी स्थिति
लगातार आ रही एलपीजी की खेपों से उम्मीद की जा रही है कि देश में गैस की कमी जल्द ही दूर हो जाएगी। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद भारत ने वैकल्पिक स्रोतों से गैस आयात कर स्थिति को संभालने की कोशिश की है। अगर इसी तरह सप्लाई जारी रही तो आने वाले दिनों में एलपीजी संकट काफी हद तक खत्म हो सकता है।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


