
शुभ मुहूर्त में राख लाने से दूर होंगे कष्ट (Image - iStock)
Holika Dahan Rakh Vidi Benefits: सनातन धर्म में होली का त्योहार केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि शुद्धि और विजय का पर्व है। साल 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को संपन्न होगा। शास्त्र कहते हैं कि जिस अग्नि में भक्त प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका भस्म हो गई, उसकी राख कोई साधारण धूल नहीं बल्कि एक ‘रक्षा कवच’ है। गरुड़ पुराण के अनुसार, इस राख को विधि-विधान से घर लाने पर न केवल वास्तु दोष समाप्त होते हैं, बल्कि व्यक्ति को अज्ञात भय और ग्रह बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है।
क्यों मानी जाती है यह भस्म इतनी पवित्र?
होलिका दहन की अग्नि को नकारात्मक ऊर्जा को सोखने वाला माना गया है। दहन के बाद बची राख को ‘विभूति’ या ‘पवित्र भस्म’ कहा जाता है। मान्यता है कि इस राख में पंचतत्वों की शुद्धि का अंश होता है। यह घर में लक्ष्मी के स्थायी वास में आने वाली ‘आर्थिक रुकावटों’ को दूर करती है और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाती है। इसे श्रद्धा से धारण करने मात्र से मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कब उठाएं होलिका की राख?

अक्सर लोग जोश में आकर जलती अग्नि या गरम राख उठा लाते हैं, जो कि वर्जित है। राख लाने का सबसे उत्तम समय अगले दिन यानी 3 मार्च 2026 (धुलेंडी) को सूर्योदय से ठीक पहले या सूर्योदय के समय का है। राख तभी उठानी चाहिए जब अग्नि पूरी तरह शांत और शीतल हो चुकी हो। शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद या रात के समय राख लाना अशुभ माना जाता है, क्योंकि उस समय तामसिक शक्तियां प्रभावी होती हैं।
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घर लाने का सही तरीका क्या है?
राख लाने के लिए कभी भी प्लास्टिक की थैली या गंदे हाथों का प्रयोग न करें। सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र (संभव हो तो सफेद या पीले) पहनकर जाएं। एक कोरे लाल या पीले सूती कपड़े में राख को एकत्रित करें। यदि संभव हो, तो इसे चांदी या तांबे के छोटे कलश में भरकर लाएं। घर में प्रवेश करते समय मन में भगवान विष्णु या बजरंगबली का जाप करें। घर लाकर इसे सीधे जमीन पर रखने के बजाय पूजा घर या तिजोरी जैसे ऊंचे और पवित्र स्थान पर स्थापित करें।
राख का तिलक और छिड़काव

होली के दिन स्नान के बाद इस राख में थोड़ा गंगाजल मिलाकर परिवार के सभी सदस्यों को तिलक करना चाहिए। यह तिलक व्यक्ति के चारों ओर एक सकारात्मक घेरा बना देता है, जिससे ‘नजर दोष’ का असर खत्म होता है। यदि घर में कोई लंबे समय से बीमार है, तो उसके सिरहाने एक पुड़िया में थोड़ी राख रखने से स्वास्थ्य में लाभ देखा गया है। घर के चारों कोनों में इस राख का हल्का छिड़काव करने से ‘वास्तु दोष’ और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश वर्जित हो जाता है।
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तिजोरी में राख रखने से मिटेगी दरिद्रता
यदि आप आर्थिक तंगी या कर्ज से परेशान हैं, तो होलिका दहन की राख को एक लाल रेशमी कपड़े में बांधकर उसमें सात गोमती चक्र और एक चांदी का सिक्का रखें। इसे अपनी तिजोरी या कार्यस्थल के गल्ले में रख दें। इसके अलावा, गुरुवार के दिन इस राख को हल्दी में मिलाकर घर के मुख्य द्वार पर ‘स्वस्तिक’ बनाने से सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। याद रखें, इस राख का कभी भी अपमान न करें और यदि उपयोग न हो रही हो तो इसे बहते जल में प्रवाहित कर दें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिषीय सूत्रों और लोक परंपराओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना पहुंचाना है। किसी भी उपाय या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


