
AI Impact Summit 2026 से पहले पीएम मोदी से मुलाकात करते गूगल CEO सुंदर पिचाई (फोटो : ANI)
AI Impact Summit 2026: सुंदर पिचाई ने राजधानी नई दिल्ली में पीएम मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात भारत और वैश्विक टेक इंडस्ट्री के बीच बढ़ते सहयोग का संकेत मानी जा रही है। बैठक के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंडिया, स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी आधारित आर्थिक विकास पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल क्षमताओं और एआई को लेकर सरकार की दूरदर्शी नीति की जानकारी दी, जबकि सुंदर पिचाई ने भारत को टेक इनोवेशन का वैश्विक हब बनाने में सहयोग का भरोसा जताया।
20 फरवरी को दुनिया की नजरें नई दिल्ली पर

सुंदर पिचाई भारत में आयोजित होने वाले Global AI Impact Summit 2026 में हिस्सा लेने आए हैं, जहां वे 20 फरवरी को मुख्य भाषण देंगे। यह समिट 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान एआई के भविष्य, वैश्विक सहयोग, डेटा सुरक्षा, नैतिकता और टेक्नोलॉजी से जुड़े सामाजिक प्रभावों पर गहन मंथन किया जाएगा। पिचाई के भाषण से यह उम्मीद की जा रही है कि गूगल जैसी वैश्विक टेक कंपनियों की भविष्य की एआई रणनीति को लेकर अहम संकेत मिलेंगे।
सोशल मीडिया पर जताई खुशी
भारत पहुंचने के बाद सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है और यहां हमेशा की तरह गर्मजोशी से स्वागत मिला है। उनके इस संदेश को भारत में टेक समुदाय ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा है। इससे यह साफ होता है कि वैश्विक टेक लीडर्स के लिए भारत केवल बाजार नहीं, बल्कि इनोवेशन और नीति निर्माण का अहम केंद्र बनता जा रहा है।
ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का महत्व
ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दुनियाभर से नीति निर्माता, एआई विशेषज्ञ, शिक्षाविद, टेक इनोवेटर्स और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े वैश्विक मुद्दों, गवर्नेंस मॉडल, सुरक्षा ढांचे और सामाजिक प्रभाव पर साझा रणनीति तैयार करने का मंच बन रही है। इस आयोजन को ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला बड़ा वैश्विक एआई सम्मेलन माना जा रहा है, जो विकासशील देशों को एआई नीति में बराबरी की आवाज देने का अवसर प्रदान करता है।
‘AI for Humanity’ के सिद्धांत पर केंद्रित समिट
इस वैश्विक समिट का मुख्य उद्देश्य “AI for Humanity” के सिद्धांत को आगे बढ़ाना है। इसके तहत एआई के ऐसे उपयोगों पर जोर दिया जा रहा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेशन को मजबूत कर सकें। समिट में 110 से अधिक देशों, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, करीब 20 राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख स्तर के प्रतिनिधि और लगभग 45 मंत्रियों की भागीदारी हो रही है। यह भागीदारी बताती है कि एआई अब केवल टेक्नोलॉजी का विषय नहीं, बल्कि वैश्विक नीति और मानव विकास का अहम एजेंडा बन चुका है।
ये भी पढ़ें: अगले 72 घंटे 10 राज्यों पर भारी, मौसम विभाग ने जारी किया ‘रेन अलर्ट’
पीएम मोदी का विजन: भारत का आईटी सेक्टर और एआई का भविष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई के बढ़ते प्रभाव पर कहा कि भारत का आईटी सेक्टर लंबे समय से सेवाओं के निर्यात और आर्थिक विकास की रीढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एआई इस क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर भी है और चुनौती भी। पीएम मोदी के मुताबिक एआई आधारित आउटसोर्सिंग और ऑटोमेशन के चलते वर्ष 2030 तक भारत का आईटी सेक्टर 400 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि इसके साथ स्किल अपग्रेडेशन, रोजगार सुरक्षा और नैतिक उपयोग जैसे मुद्दों पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस: समिट के तीन स्तंभ
समिट तीन प्रमुख स्तंभों पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानव-केंद्रित, टिकाऊ और समावेशी एआई विकास को बढ़ावा देना है, ताकि तकनीक का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंच सके। इन स्तंभों के जरिए यह संदेश दिया जा रहा है कि एआई केवल मुनाफे का जरिया नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन और सतत विकास का माध्यम भी बन सकता है।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


